फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   ARTO's babu uncontrollable, broker dominates

एआरटीओ के बाबू बेकाबू, दलाल हावी

Sat, 05 Mar 2022 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 05 Mar 2022 11:57 PM IST
विज्ञापन
ARTO's babu uncontrollable, broker dominates
फोटो-05एयूआरपी-08-एआरटीओ दफ्तर के अंदर मौजूद लोग। संवाद - फोटो : AURAIYA
औरैया। ककोर स्थित सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय पर दलालों के जमघट से आम लोग परेशान हैं। यहां वाहनों के पंजीकरण से लाइसेंस बनवाने तक के कार्य दलालों के मर्जी के बिना नहीं होते। सीधे पहुंचने पर लिपिक और कर्मचारी तमाम नियम और कानून बताकर चलता कर देते हैं। लोगों को मजबूरी में तीन से चार गुने से अधिक रुपये खर्च कर दलालों के सहारे कार्य कराना पड़ रहा है।
विज्ञापन

शनिवार को सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय के गेट से लेकर अफसरों के चेंबर तक दलालों की धमाचौकड़ी और हनक देखने को मिली। लाइसेंस, फिटनेस और नए वाहनों के पंजीकरण की तमाम फाइलें दलालों के हाथ में थीं। आवेदक उनकी हां में हां मिलाते हुए पीछे-पीछे घूमते नजर आए।
विज्ञापन

लर्निंग लाइसेंस की फीस 350 रुपये और स्थायी की 1000 रुपये है, लेकिन इसके लिए दलाल 3500 से 4000 रुपये वसूल रहे हैं। पूछने पर एक दलाल ने लाइसेंस नवीनीकरण का खर्च 2000 रुपये बताया, जबकि सरकारी फीस सिर्फ 200 रुपये है। भारी वाहनों के लर्निंग लाइसेंस 150 रुपये में बनते हैं, जबकि दलाल इसका 1500 वसूल रहे हैं। दलालों की मौजूदगी सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय गेट से अधिकारियों के चेंबर तक दिखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सुबह 10 बजे से ही डट जाते हैं दलाल
सूत्रों के मुताबिक परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा गाड़ी का चालान, सीज करने के साथ अन्य मामलों में गई कार्रवाई की सेटिंग सीधे दलालों से रहती है। इधर विभाग में सभी काम ऑनलाइन होने के बाद भी हर जगह इनका हस्तक्षेप रहता है। यही कारण है कि दफ्तर खुलने और अफसर के पहुंचने के दौरान 10 बजते ही सैकड़ों की संख्या में दलालों का जमघट परिसर के बाहर लग जाता है। दलालों ने बाकायदा अपनी दुकानें सजा रखी हैं। पहले ऑनलाइन बुकिंग फिर सौदेबाजी कर काम कराते हैं।
आरटीओ परिसर में मौजूद 60 वर्षीय मोतीलाल ने बताया कि कई साल पहले मैजिक गाड़ी खरीदी थी। थोड़े दिन बाद इसका संचालन बंद हो गया, लेकिन टैक्स चल रहा है। अधिकारी से मिलकर समस्या समाधान कराना चाहते हैं। जब वह दफ्तर में अफसर से मिलने गए तो बताया गया कि साहब अभी नहीं हैं। बाहर बैठे लोगों से मिल लो, ये लोग काम करा देंगे।
परिसर में मौजूद संचित ने बताया कि वह लाइसेंस बनवाने आया है। पूछने पर बताया कि किसी का इंतजार कर रहे हैं। उनके आने के बाद काम कराएंगे। कुछ देर बाद वह हाथ में ऑनलाइन स्लाट बुकिंग का कागज लेकर एक दलाल के साथ परीक्षा वाले कक्ष की ओर चला गया। यही हाल कई और आवेदकों का भी रहा। उनका भी कार्य बिना दलालों के नहीं हुआ।

परिसर में इस तरह के कार्य हो रहे हैं, यह संज्ञान में नहीं था। यदि किसी आवेदक से कोई वसूली हुई है वह हमें लिखित शिकायत दे। आरोपी के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी।-अशोक कुमार, एआरटीओ।

फोटो-05एयूआरपी-09- परिसर के बाहर मौजूद दलालों की भीड़। संवाद

फोटो-05एयूआरपी-09- परिसर के बाहर मौजूद दलालों की भीड़। संवाद- फोटो : AURAIYA

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed