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फीस पूरी, खेलों के नाम पर ठेंगा
Auraiya, Uttar pradesh, India
Updated Sun, 23 Oct 2016 11:50 PM IST
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इंटर कालेजों में खेल और व्यायाम का पीरियड अनिवार्य किया गया है। छात्र-छात्राओं से इसकी फीस भी ली जाती है। हाल यह है कि अधिकांश कालेजों में व्यायाम शिक्षकों की तैनाती ही नहीं है। इससे खेल कूद की तैयारी कराई ही नहीं जाती है।
जनपद में 267 इंटर कालेज हैं। इनमें से 60 वित्तीय सहायता प्राप्त और पांच राजकीय इंटर कालेज हैं। निजी विद्यालयों को छोड़ कर बाकी में व्यायाम और खेलकूद के पीरियड नहीं लग रहे हैं। इससे जनपदीय वार्षिक प्रतियोगिताओं में छात्र और छात्राएं अपने हिसाब से प्रदर्शन करते हैं। बिना अभ्यास के यह कई बार मैदान में बेहोश हो जाते है। शिक्षा महकमे के अधिकारी सुधार के लिए संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।
शिक्षा अधिकारियों के अनुसार जिले के सिर्फ 10 विद्यालयों में व्यायाम शिक्षकों की तैनाती है। इससे अन्य विषयों के शिक्षकों से कालेजों में व्यायाम व खेल कूदों का अभ्यास कराया जाता है। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्याें से कालेजों में रिक्त व्यायाम शिक्षकों के पदों के बारे में सूचना मांगी गई है। इसे बोर्ड कोे भेजा जा रहा है।
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राजकीय कालेजों में भी नहीं व्यायाम शिक्षक
जिले में 15 राजकीय कालेज हैं। इनमें से 10 हाईस्कूल और पांच इंटर कालेज हैं। किसी भी कालेज में व्यायाम शिक्षक की तैनाती नहीं है। इससे बच्चे खेलकूद और व्यायाम से महरूम रहते हैं।
खेल मैदान व खेल सामग्री नहीं
जिले के अधिकांश स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं हैं। कई विद्यालयों ने सालों से खेल सामग्री नहीं खरीदी। इससे विद्यालयों में प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो पाता है।
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जनपद में 267 इंटर कालेज हैं। इनमें से 60 वित्तीय सहायता प्राप्त और पांच राजकीय इंटर कालेज हैं। निजी विद्यालयों को छोड़ कर बाकी में व्यायाम और खेलकूद के पीरियड नहीं लग रहे हैं। इससे जनपदीय वार्षिक प्रतियोगिताओं में छात्र और छात्राएं अपने हिसाब से प्रदर्शन करते हैं। बिना अभ्यास के यह कई बार मैदान में बेहोश हो जाते है। शिक्षा महकमे के अधिकारी सुधार के लिए संजीदा नजर नहीं आ रहे हैं।
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शिक्षा अधिकारियों के अनुसार जिले के सिर्फ 10 विद्यालयों में व्यायाम शिक्षकों की तैनाती है। इससे अन्य विषयों के शिक्षकों से कालेजों में व्यायाम व खेल कूदों का अभ्यास कराया जाता है। जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रधानाचार्याें से कालेजों में रिक्त व्यायाम शिक्षकों के पदों के बारे में सूचना मांगी गई है। इसे बोर्ड कोे भेजा जा रहा है।
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राजकीय कालेजों में भी नहीं व्यायाम शिक्षक
जिले में 15 राजकीय कालेज हैं। इनमें से 10 हाईस्कूल और पांच इंटर कालेज हैं। किसी भी कालेज में व्यायाम शिक्षक की तैनाती नहीं है। इससे बच्चे खेलकूद और व्यायाम से महरूम रहते हैं।
खेल मैदान व खेल सामग्री नहीं
जिले के अधिकांश स्कूलों के पास खेल मैदान नहीं हैं। कई विद्यालयों ने सालों से खेल सामग्री नहीं खरीदी। इससे विद्यालयों में प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं हो पाता है।