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Auraiya News: मोबाइल छीनने में आरोपी को मिली जमानत
Fri, 15 May 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 15 May 2026 11:58 PM IST
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औरैया। जिला एवं सत्र न्यायालय ने बिधूना कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल छीनने के आरोपी अनुज यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने बचाव पक्ष और अभियोजन की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
बिधूना के नवीन बस्ती निवासी जयराम ने 19 मार्च 2026 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 16 मार्च की रात करीब 10 बजे उनके बेटे दिव्यांशु से अपाचे सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल छीन लिया था। मोबाइल के कवर में आधार कार्ड और एक हजार रुपये भी रखे थे।
पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें चकरपुर निवासी अनुज यादव का नाम प्रकाश में आया। बाद में उसे पकड़ कर जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई।
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आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अनुज को झूठा फंसाया गया है। मामला अज्ञात में था और पुलिस ने फर्जी बरामदगी दिखाई है। साथ ही, इस मामले में सह-अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी से लूटा गया मोबाइल बरामद हुआ है और उसके खिलाफ 19 अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि आरोपी दो अप्रैल से जेल में बंद है। मामले के तथ्यों, सह-अभियुक्तों को मिली जमानत और अपराध की प्रकृति को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
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सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने बचाव पक्ष और अभियोजन की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
बिधूना के नवीन बस्ती निवासी जयराम ने 19 मार्च 2026 को कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 16 मार्च की रात करीब 10 बजे उनके बेटे दिव्यांशु से अपाचे सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल छीन लिया था। मोबाइल के कवर में आधार कार्ड और एक हजार रुपये भी रखे थे।
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पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की, जिसमें चकरपुर निवासी अनुज यादव का नाम प्रकाश में आया। बाद में उसे पकड़ कर जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई।
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आरोपी के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि अनुज को झूठा फंसाया गया है। मामला अज्ञात में था और पुलिस ने फर्जी बरामदगी दिखाई है। साथ ही, इस मामले में सह-अभियुक्तों को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अभियोजन पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी से लूटा गया मोबाइल बरामद हुआ है और उसके खिलाफ 19 अन्य आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद पाया कि आरोपी दो अप्रैल से जेल में बंद है। मामले के तथ्यों, सह-अभियुक्तों को मिली जमानत और अपराध की प्रकृति को देखते हुए कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।