फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Accountant Nilesh Kumar suspended after being found guilty in the investigation of Naib Tehsildar

Auraiya News: नायब तहसीलदार की जांच में दोषी मिले लेखपाल नीलेश कुमार सस्पेंड

Sat, 12 Jul 2025 12:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sat, 12 Jul 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
Accountant Nilesh Kumar suspended after being found guilty in the investigation of Naib Tehsildar
औरैया। भीखमपुर के लेखपाल को जमीन अधिग्रहण में मुआवजे की चाहत भारी पड़ गई। नायब तहसीलदार की जांच में दोषी पाए जाने पर एसडीएम ने शुक्रवार को उन्हें निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में लेखपाल रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय औरैया से संबद्ध रहेंगे। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुख से उठाया था। इस पर डीएम ने जांच के आदेश दिए थे।
विज्ञापन

भीखमपुर में जमीन फर्जीवाड़ा का मुद्दा अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच एसडीएम सदर को सौंपी गई थी। तब तक इस मामले में नायब तहसीलदार स्तर से जांच हो रही थी। नायब तहसीलदार प्रकाश चौधरी की ओर से दी गई रिपोर्ट में बताया गया कि लेखपाल नीलेश कुमार ने बिना हिस्साकसी की भ्रामक आख्या दी थी।
विज्ञापन

स्थलीय जांच में पाया गया एनएच-2 से प्रभावित भूमि मौके पर रिक्त है। इस पर विक्रेता के वारिस व क्रेता किसी का कब्जा नहीं है। क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार की पत्नी पूजा व अन्य व्यक्तियों ने गाटा संख्या 558 में 12 अगस्त 2021 को जमीन क्रय की थी, जबकि इससे पहले ही विक्रेता ने उस गाटा संख्या में अपने हिस्से की सारी जमीन बेच दी थी। इस मामले में बैनामा निरस्तीकरण का वाद सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। खास बात यह रही कि क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार के बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के भूमि का कय-विक्रय अनुमन्य नहीं है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम राकेश कुमार ने क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार को दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया। एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------------
यह था मामला
सदर तहसील के गांव भीखमपुर निवासी चेतराम पुत्र मंगू के नाम फसली वर्ष 1381-1384 में गाटा संख्या 218 में 41 डिसमिल जमीन थी। भीखमपुर में चकबंदी के बाद गाटा संख्या-218 को चार गाटा में विभाजित किया गया। इनमें 323, 324, 558 व 559 शामिल हैं। गाटा संख्या 218 में वर्ष 1971 में राष्ट्रीय राजमार्ग अधिग्रहण में 15 डिसमिल जमीन चली गई थी, जो वर्तमान में गाटा संख्या 559 है। उसके पास 26 डिसमिल जमीन ही बची थी। बाद में चेतराम ने 26 डिसमिल में से 9.03 डिसमिल जमीन कैलाश नाथ व राम प्रकाश को बेच दी थी। इसके बाद उसने छुन्नू बाबू, रामदत्त, कृष्णा देवी, मुंशीलाल व हरगोविंद को भी 15 डिसमिल जमीन बेच दी थी। इसी बीच भूस्वामी चेतराम की मौत हो गई। मृत्यु के बाद चेतराम के वारिस रमेश चंद्र, राकेश चंद्र व राजकिशोर का नाम खतौनी में दर्ज हुआ। इसी बीच रमेश चंद्र पुत्र चेतराम की भी मृत्यु हो गई। रमेश चंद्र की मौत के बाद उसके हिस्से की जमीन वारिसों के नाम दर्ज होनी थी लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार ने 10 अगस्त 2021 को रमेश चंद्र के छह वारिसों को छोड़कर उसके एक बेटे अजय कुमार के नाम वरासत दर्ज कर दी। रमेश चंद्र के वारिस अजय कुमार के अलावा अनिल कुमार, आनंद, श्रीबेटी, पूजा, शिवालिका व संगीता के नाम भी खतौनी में दर्ज होने थे लेकिन तिलकपुर सरमेडी निवासी क्षेत्रीय लेखपाल नीलेश कुमार ने रमेश चंद्र के वारिस अजय कुमार से अपनी पत्नी पूजा व भीखमपुर निवासी अपने निजी सहायक सौरभ, रंजीत के नाम 135.687 वर्ग मीटर के प्लाॅट का बैनामा करा लिया, जबकि मौके पर कोई जमीन नहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed