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कम डाइट को लेकर सैफई अस्पताल में भर्ती घायलों ने जताई नाराजगी
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औरैया। सैफई में भर्ती घायलों ने समय से भरपेट भोजन न मिलने पर नाराजगी जताई है। साथ ही अस्पताल प्रशासन से सुविधाएं न उपलब्ध कराने पर घर जाने की अनुमति मांगी है। उधर, इस संबंध में डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि डीएम इटावा से बात की गई है। घायलों को बेहतर व्यवस्थाएं मुहैया कराने के इंतजाम कराए जाएंगे। घायलों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
औरैया में हादसे में गंभीर रूप से घायल 13 प्रवासी मजदूरों का इलाज सैफई में हो रहा है। इन घायलों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की है। अस्पताल में भर्ती मध्यप्रदेश निवासी योगेश ने फोन पर परिजनों को बताया कि उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। वह परेशान हैं, आकर उन्हें ले जाएं।
अस्पताल में भर्ती धनंजय कालिंदी (झारखंड), दीपक माथुर, संजय आदि ने बताया कि उन्हें समय से भरपेट भोजन नहीं मिल रहा है। बताया कि जब एक साथ सभी घायलों ने भोजन और सुविधाओं के संबंध में अस्पताल प्रशासन से अपनी बात रखी तो उन्हें अलग-अलग कर दिया गया। तीन लोगों को अस्पताल के दूसरी मंजिल और अन्य को तीसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया।
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घायलों का कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन उन्हें भरपेट भोजन नहीं दे सकता तो उन्हें उनके घर भेज दे। वह वहीं इलाज करा लेंगे। इन लोगों ने बताया कि उन्हें सिर्फ चार रोटियां, दाल और एक कप चावल दिया जा रहा है। भोजन भी देरी से मिलता है। नाश्ता मिलने का कोई समय निर्धारित नहीं हैं।
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औरैया में हादसे में गंभीर रूप से घायल 13 प्रवासी मजदूरों का इलाज सैफई में हो रहा है। इन घायलों ने अस्पताल प्रशासन के प्रति नाराजगी जाहिर की है। अस्पताल में भर्ती मध्यप्रदेश निवासी योगेश ने फोन पर परिजनों को बताया कि उन्हें सुविधाएं नहीं मिल रहीं हैं। वह परेशान हैं, आकर उन्हें ले जाएं।
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अस्पताल में भर्ती धनंजय कालिंदी (झारखंड), दीपक माथुर, संजय आदि ने बताया कि उन्हें समय से भरपेट भोजन नहीं मिल रहा है। बताया कि जब एक साथ सभी घायलों ने भोजन और सुविधाओं के संबंध में अस्पताल प्रशासन से अपनी बात रखी तो उन्हें अलग-अलग कर दिया गया। तीन लोगों को अस्पताल के दूसरी मंजिल और अन्य को तीसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया।
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घायलों का कहना है कि यदि अस्पताल प्रशासन उन्हें भरपेट भोजन नहीं दे सकता तो उन्हें उनके घर भेज दे। वह वहीं इलाज करा लेंगे। इन लोगों ने बताया कि उन्हें सिर्फ चार रोटियां, दाल और एक कप चावल दिया जा रहा है। भोजन भी देरी से मिलता है। नाश्ता मिलने का कोई समय निर्धारित नहीं हैं।