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Auraiya News: जिंदा वृद्ध को कागजों में मृत दिखा चढ़ा दी वरासत

Sun, 01 Jun 2025 06:33 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 01 Jun 2025 06:33 PM IST
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A living old man was shown as dead on paper and his inheritance was handed over
जीवित वृद्ध लाखन। - फोटो : जीवित वृद्ध लाखन।
औरैया/सहायल। तहसील के राजस्व कर्मियों ने एक जीवित वृद्ध को कागजों में पहले मृत दिखाया, बाद में उसके नाम की जमीन दूसरों के नाम दर्ज कर दी। जमीन की खतौनी निकलवाने पर हकीकत का पता चला।
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मामले में पीड़ित ने डीएम से शिकायत की है। डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। जमीन का फर्जीवाड़ा सुर्खियों में आने के बाद तहसील महकमे में खलबली मच गई है। यह मामला बिधूना तहसील क्षेत्र का है।
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सहायल गांव के रहने वाले 85 वर्षीय बुुजुर्ग लाखन के नाम गाटा संख्या 1108 रकबा 0.494 हेक्टेअर जमीन है। इस जमीन पर खेती बाड़ी कर वह परिवार का भरण पोषण करते चले आ रहे हैं। इसी दौरान तहसील बिधूना के क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो ने राजस्व दस्तावेजों में जीवित लाखन को मृत दिखा दिया और उनके नाम की जमीन दूसरे के नाम वरासत कर दी।
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इसकी जानकारी लाखन को तब हुई, जब उन्होंने किसी काम से अपनी खतौनी निकलवाई। खतौनी में जीवित लाखन मृत दशाए गए थे। वहीं, उनकी जमीन प्रदीप कुमार, संदीप कुमार व रामदुलारी के नाम फर्जी तरीके से दर्ज मिली। ये देखकर उनके होश उड़ गए। इस मामले में पीड़ित बुजुर्ग ने डीएम से शिकायत की। उन्होंने मामले में जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।



लाखन सिंह का कहना है कि वह अब चलने-फिरने में असहाय हैं। अभी वह जिंदा हैं, लेकिन राजस्व कर्मियों ने उन्हें कागजों में मृत दिखाकर उनकी जमीन दूसरे के नाम कर दी। मामले में डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने एसडीएम को जांच के आदेश दिए।


राजस्व महकमे में जिंदा को कागजों में मृत दिखाकर दूसरे के नाम वरासत चढ़ाने का यह कोई नया मामला नहीं। इससे पहले भी सदर तहसील में ऐसे ही दो मामले सुर्खियां बन चुके हैं। बम्हौरी के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी लेखपाल का निलंबन हो चुका हैं, लेकिन अभी तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। जबकि दूसरे मामले में जांच चल रही है।




मामला संज्ञान में है। मामले की जांच कर उसे सही कराया जा रहा है। एक माह में बुजुर्ग का नाम खतौनी में दर्ज हो जाएगा।

- जितेश वर्मा, तहसीलदार बिधूना।
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