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आर्य समाज ने बच्चों को बनाया संस्कारवान
Auraiya
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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औरैया। आर्य समाज के प्रधान डा. सर्वेश आर्य ने कहा कि आर्य समाज के शताब्दी समारोह में बच्चों को संस्कारवान, गुणवान बनाना गया। उन्होंने कहा कि आगे भी आर्य समाज अपने प्रयासों को जारी रखेगा।
आर्य समाज के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह के होने के बाद आर्य समाज मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्य समाज के प्रधान डा. सर्वेश आर्य ने कहा कि औरैया में आर्य समाज की स्थापना पांच जनवरी 1897 में हुई थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजित 10 दिवसीय शताब्दी समारोह में बच्चों को गुणवान व संस्कारवान बनाने का प्रयास किया गया जिसमें 80 बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 50 बालिकाएं शामिल थीं। इन बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे का प्रशिक्षण भी दिया गया।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य समाज को अच्छा नागरिक देना है। बताया कि दशहरा पर शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर मोहन कुमार, अखिलेश सक्सेना, वीरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।
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आर्य समाज के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह के होने के बाद आर्य समाज मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आर्य समाज के प्रधान डा. सर्वेश आर्य ने कहा कि औरैया में आर्य समाज की स्थापना पांच जनवरी 1897 में हुई थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष आयोजित 10 दिवसीय शताब्दी समारोह में बच्चों को गुणवान व संस्कारवान बनाने का प्रयास किया गया जिसमें 80 बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया। इसमें 50 बालिकाएं शामिल थीं। इन बालिकाओं को आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे का प्रशिक्षण भी दिया गया।
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उन्होंने कहा कि आर्य समाज का उद्देश्य समाज को अच्छा नागरिक देना है। बताया कि दशहरा पर शिविर का आयोजन किया जाएगा जिसमें बच्चों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मौके पर मोहन कुमार, अखिलेश सक्सेना, वीरेंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।
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