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नियमित वेतन के लिए शिक्षकों ने किया हंगामा
Auraiya
Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
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फफूंद (औरैया)। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की रविवार को श्रीगुलजारी लाल बालिका इंटर कालेज में आयोजित बैठक में शिक्षकों ने नियमित वेतन के लिए जमकर हंगामा किया। शिक्षकों को शांत कराकर शिक्षक नेताओं ने शीघ्र बीएसए से मिलने की बात कही।
भाग्यनगर विकास खंड के संयोजक लक्ष्यदीप राजपूत, सहसंयोजक रुचि प्रिया और अनूप कटियार को मनोनीत किया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष श्री ओम चतुर्वेदी ने कहा कि तीन साल का बोनस, बकाया एरियर, जीपीएफ, सीपीएफ खाता संख्या आवंटन, अध्यापकों के प्रमोशन, नियमित वेतन की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र शिक्षकों के नियमित वेतन को लेकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से मिलेंगे।
इस मौके पर शिक्षकों संजय दुबे, अनिल कुमार, शिव प्रसाद, फारूख आलम, प्रहलाद ओमर, मुहीद, अब्दुल हई, बिजेंद्र कुमार, रिजवान, शमीम खां, तैबून बानो, मुन्नी देवी, शिव कुमार पांडेय, मु. यूसुफ, बलीमुहम्मद, सौरभ त्रिपाठी, रुचि प्रिया, अनूप कटियार आदि ने नियमित वेतन न मिलने पर आंदोलन का निर्णय लिया।
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उधर, दिबियापुर प्रतिनिधि के अनुसार स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज सहार के व्यवसायिक शिक्षकों ने डीआईओएस समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मानदेय दिलाने की मांग की है। पत्र में मांग की गई है कि व्यवसायिक शिक्षकों का लंबित विनियमितीकरण भी कराया जाए। पल्लवी मिश्रा, अखिलेश कुमार, महेंद्र सिंह, विमल शर्मा ने उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में शिकायत की है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग की उदासीनता से ढाई वर्षों से मानदेय नहीं मिला है। वर्ष 2009 से मानदेय न मिलने के कारण व्यवसायिक शिक्षकों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। महेंद्र सिंह के अनुसार वे लोग वर्ष 1991 से व्यवसायिक शिक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों के कई आश्वासनों के बावजूद सरकारों की उदासीनता के कारण अभी तक शिक्षकों का विनियमितीकरण नहीं हो पाया है। चूंकि वर्तमान में अखिलेश सरकार ने जल्द ही शिक्षकों के विनियमितीकरण का आश्वासन दिया है। इसलिए आशा जगी है कि सभी व्यवसायिक शिक्षकों का भी भला हो जाएगा।
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भाग्यनगर विकास खंड के संयोजक लक्ष्यदीप राजपूत, सहसंयोजक रुचि प्रिया और अनूप कटियार को मनोनीत किया गया। संगठन के जिलाध्यक्ष श्री ओम चतुर्वेदी ने कहा कि तीन साल का बोनस, बकाया एरियर, जीपीएफ, सीपीएफ खाता संख्या आवंटन, अध्यापकों के प्रमोशन, नियमित वेतन की मांग लगातार की जा रही है। लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के कारण शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शीघ्र शिक्षकों के नियमित वेतन को लेकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी से मिलेंगे।
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इस मौके पर शिक्षकों संजय दुबे, अनिल कुमार, शिव प्रसाद, फारूख आलम, प्रहलाद ओमर, मुहीद, अब्दुल हई, बिजेंद्र कुमार, रिजवान, शमीम खां, तैबून बानो, मुन्नी देवी, शिव कुमार पांडेय, मु. यूसुफ, बलीमुहम्मद, सौरभ त्रिपाठी, रुचि प्रिया, अनूप कटियार आदि ने नियमित वेतन न मिलने पर आंदोलन का निर्णय लिया।
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उधर, दिबियापुर प्रतिनिधि के अनुसार स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज सहार के व्यवसायिक शिक्षकों ने डीआईओएस समेत उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर मानदेय दिलाने की मांग की है। पत्र में मांग की गई है कि व्यवसायिक शिक्षकों का लंबित विनियमितीकरण भी कराया जाए। पल्लवी मिश्रा, अखिलेश कुमार, महेंद्र सिंह, विमल शर्मा ने उच्चाधिकारियों को भेजे गए पत्र में शिकायत की है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग की उदासीनता से ढाई वर्षों से मानदेय नहीं मिला है। वर्ष 2009 से मानदेय न मिलने के कारण व्यवसायिक शिक्षकों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। महेंद्र सिंह के अनुसार वे लोग वर्ष 1991 से व्यवसायिक शिक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों के कई आश्वासनों के बावजूद सरकारों की उदासीनता के कारण अभी तक शिक्षकों का विनियमितीकरण नहीं हो पाया है। चूंकि वर्तमान में अखिलेश सरकार ने जल्द ही शिक्षकों के विनियमितीकरण का आश्वासन दिया है। इसलिए आशा जगी है कि सभी व्यवसायिक शिक्षकों का भी भला हो जाएगा।