फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   बीमारियां बांट रहा कचरा, संक्रमण का बना खतरा

बीमारियां बांट रहा कचरा, संक्रमण का बना खतरा

Thu, 27 Nov 2014 05:30 AM IST
Auraiya
Auraiya Updated Thu, 27 Nov 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
औरैया। शहर के अस्पतालों का चिकित्सीय कचरा लोगों को बीमारियां बांट रहा है। कचने को रखने और और फेंकने के पुख्ता इंतजाम न होने से लोग संक्रिमत होकर बीमार हो रहे है। शहर के अस्पतालों में यह स्थित आम हो गई है। जहां वार्डों के आसपास ही कचरा फेंक दिया जाता है। ऐसे अस्पतालों में मरीज के साथ तीमारदारों में संक्रमण का खतरा बना रहा है।
विज्ञापन


सीन नं 1 समय: 1. 00 बजे

डस्टबिन में पड़ा हर तरह का कचरा
शहर के जिला अस्पताल में इमरजेंसी व प्लास्टर वार्ड में रखे डस्टबिन पर किसी रंग की पॉलीथीन नहीं थी। अन्य वार्डो के नीचे दो डस्टबिन रखे थे। इनमें न तो मानक के तहत निर्धारित रंग का पालीथीन था। इनमें ग्लूकोज की बोतल, वीगो, कैथेटर पड़ी हुई थी।
विज्ञापन


फोटो26एयूआरपी 7-जननी सुरक्षा योजना के कक्ष के बाहर डस्टबिन में पड़ा कचरा

सीन:2 समय:1.15 बजे

कुछ इस तरह हो रहा मानकों को पालन
जिला अस्पताल के महिला वार्ड व जननी सुरक्षा योजना कक्ष के बाहर रखा हुआ डस्टबिन ही अस्पताल में हो रहे नियमाें के पालन की पोल खोलता नजर आ रहा है। इस डस्टबिन में कचरे से पूरी तरह से भरा हुआ था जिसमें न तो कोई पन्नी थी और न ही यह ढका हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन



फोटो26एयूआरपी 8-क्षय रोग अस्पताल के पड़ोस में बना निस्तारण केंद्र
सीन:3 समय: 1.30 बजे

जिला क्षय रोग के पड़ोस में बना निस्तारण केंद्र
सरकारी मानकों के अनुसार हॉस्पिटल के पड़ोस में निस्तारण केंद्र नहीं होना चाहिए, लेकिन यहा नियामों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रहीं है। अस्पताल में जिला रोग के पड़ोस में ही निस्तारण केंद्र बना दिया गया है। यहां पर हर दम मवेशी विचरण करते करते है। जिससे संक्रमण बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

मानके किस रंग की पॉलीथीन में
किस पालीथीन में कैसा कचरा डालना चाहिए:

*पीला: कटे अंग, मांस के टुकड़े, प्लास्टर, पट्टियां
*लाल: सिरिंज, प्लास्टिक व ग्लूकोज आदि की बोतले
*काला: फलों के छिलके, चाय आदि के गिलास समेत अन्य बेस्ट
*तीनो रंगों के पालीथिन अलग-अलग डस्टबिन पर लगाई जाएं
*पालीथिन ढंककर रखी जाएं
*नियमित रुप से अस्पताल का निस्तारण किया जाए
*कचरे को पालीथिन में भरने से लेकर निस्तारण प्लांट तक ढंककर ले जाया जाए
कोट
मानकों के अनुरूप बेस्ट का निस्तारण किया जाएं एवं किस पालीथिन में किस प्रकार का कचरा डाला जाना चाहिए , इसका भी चिकित्सकों को ध्यान रखना चाहिए। अगर खुले डस्टबिन में कचरा फेंका जा रहा है वह गलत है। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डा. एन. के. एस यादव
सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed