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नहीं कर सकेंगे एंबुलेंस का दुरुपयोग
Auraiya
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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दिबियापुर ( औरैया )। 108 एंबुलेंस का दुरुपयोग कोई स्वास्थ्य कर्मचारी नहीं कर सकेगा, यहां तक कि गाड़ी का ड्राइवर भी नहीं। जीपीएस सिस्टम से जुड़े होने के कारण एक एक मूवमेंट की जानकारी लखनऊ में बैठे अफसरों को होगी।
दिबियापुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची एंबुलेंस में 24 घंटे चक्रानुक्रम में ड्यूटी करने वाले इमरजेंट मेडीकल टेक्नीशियन (ईएमटी) अश्वनी तिवारी व मनोज कुमार एवं पायलट देवेंद्र सिंह एवं दलवीर सिंह ने एंबुलेंस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि इस एंबुलेंस की खासियत यह है कि 108 (टोलफ्री) नंबर मिलाने पर लखनऊ के कंट्रोल रुम में बैठे अधिकारी फोन करने वाले व्यक्ति से पूरी जानकारी लेता है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की एंबुलेंस के कर्मियों को मोबाइल, इंटरनेट से जुड़े टेबलेट पीसी या फिर कैमरे के माध्यम से पीड़ित तक पहुंचने की जानकारी दी जाती है। पीड़ित तक पहुंचने की सटीक जानकारी मिलने के बाद एंबुलेंस मूवमेंट कर जाती है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूचना मिलने से मूवमेंट के बीच का समय मात्र 1 मिनट का दिया गया है। बताया कि फर्जी तरीके से फोन करके एंबुलेंस बुलाने वालों पर लगाम कसने के लिए मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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दिबियापुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची एंबुलेंस में 24 घंटे चक्रानुक्रम में ड्यूटी करने वाले इमरजेंट मेडीकल टेक्नीशियन (ईएमटी) अश्वनी तिवारी व मनोज कुमार एवं पायलट देवेंद्र सिंह एवं दलवीर सिंह ने एंबुलेंस की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। बताया कि इस एंबुलेंस की खासियत यह है कि 108 (टोलफ्री) नंबर मिलाने पर लखनऊ के कंट्रोल रुम में बैठे अधिकारी फोन करने वाले व्यक्ति से पूरी जानकारी लेता है। इसके बाद संबंधित क्षेत्र की एंबुलेंस के कर्मियों को मोबाइल, इंटरनेट से जुड़े टेबलेट पीसी या फिर कैमरे के माध्यम से पीड़ित तक पहुंचने की जानकारी दी जाती है। पीड़ित तक पहुंचने की सटीक जानकारी मिलने के बाद एंबुलेंस मूवमेंट कर जाती है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि सूचना मिलने से मूवमेंट के बीच का समय मात्र 1 मिनट का दिया गया है। बताया कि फर्जी तरीके से फोन करके एंबुलेंस बुलाने वालों पर लगाम कसने के लिए मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है।
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