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जिला अस्पताल में पहुंच
Updated Mon, 23 Oct 2017 10:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। त्योहार की वजह से चार दिन बाद जिला अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची काउंटर से लेकर डाक्टरों के कक्ष के बाहर तक मरीजों की कतार लगी रही। तीन डाक्टरों ने पूरी ओपीडी चलाई। मरीजों की भीड़ देखकर डाक्टरों को भी पसीना छूट गया।
वहीं, नंबर न आने पर मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने आक्रोश भी प्रकट किया। दोपहर 12 बजे तक 430 मरीजों ने पर्ची कटवाई। इधर, खून की जांच के लिए 150 मरीज आए। जिनमें ज्यादातर वायरल फीवर, टाइफाइड, मलेरिया के थे। इसके साथ ही दवा काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी रही। ऐसे मरीज भी आए जिनकी हालत गंभीर होने पर उनको डाक्टर ने ओपीडी में भेज दिया, और एंटी बायटिक का इंजेक्शन लगाने के साथ कमजोरी होने पर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई।
डाक्टरों की माने तो सोमवार को अधिकतर मरीज लूज मोशन, टाइफाइड, सिर दर्द के थे। सोमवार को सवा दो बजे तक डाक्टरों ने 790 मरीजों को देखा। डा. हीरा सिंह, सीएमएस ने बताया कि मौसम परिवर्तन होने से बीमारी लोगों को जकड़ने लगी है। लोगों बाहर की तली भुनी चीजें खाने से बचना चाहिए।
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डाक्टर कक्ष के बाहर खड़े मरीज
मरीजों की भीड़ देखकर सीएमएस ने कु ष्ठ रोग से डा. विशाल अग्निहोत्री को ओपीडी में बुलवाया। तीन डाक्टरोें ने 790 मरीजों का इलाज किया। डा. प्रमोद कटियार ने बताया कि मौसम की मार से अधिकतर मरीज बेहाल हैं।
डा. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि धूप का असर कम होने से लोग थोड़े लापरवाह हो जाते हैं। तुरंत पानी पी लेते हैं और अपने खान-पान में ढिलाई बरतते हैं। जिसकी वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। 14 मरीजों को भर्ती किया गया।
दवा काउंटर पर लगी भीड़
जिला अस्पताल के दवा काउंटर में भी भीड़ लगी रही। दवा काउंटर पर बैठे व्यक्ति की मरीज से बहस भी हो गई। फिर फार्मासिस्ट ने आकर माहौल संभाला। काउंटर से दवा खत्म होने के बाद अस्पताल के औषधि कक्ष से दवा मंगाई गई। इसके कारण 15 से 20 मिनट मरीजों को इंतजार करना पड़ा। ढाई बजे तक मरीजाें को दवा बांटी गई।
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औरैया। त्योहार की वजह से चार दिन बाद जिला अस्पताल खुला तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। पर्ची काउंटर से लेकर डाक्टरों के कक्ष के बाहर तक मरीजों की कतार लगी रही। तीन डाक्टरों ने पूरी ओपीडी चलाई। मरीजों की भीड़ देखकर डाक्टरों को भी पसीना छूट गया।
वहीं, नंबर न आने पर मरीजों के साथ आए तीमारदारों ने आक्रोश भी प्रकट किया। दोपहर 12 बजे तक 430 मरीजों ने पर्ची कटवाई। इधर, खून की जांच के लिए 150 मरीज आए। जिनमें ज्यादातर वायरल फीवर, टाइफाइड, मलेरिया के थे। इसके साथ ही दवा काउंटर पर लोगों की भीड़ लगी रही। ऐसे मरीज भी आए जिनकी हालत गंभीर होने पर उनको डाक्टर ने ओपीडी में भेज दिया, और एंटी बायटिक का इंजेक्शन लगाने के साथ कमजोरी होने पर ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई।
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डाक्टरों की माने तो सोमवार को अधिकतर मरीज लूज मोशन, टाइफाइड, सिर दर्द के थे। सोमवार को सवा दो बजे तक डाक्टरों ने 790 मरीजों को देखा। डा. हीरा सिंह, सीएमएस ने बताया कि मौसम परिवर्तन होने से बीमारी लोगों को जकड़ने लगी है। लोगों बाहर की तली भुनी चीजें खाने से बचना चाहिए।
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डाक्टर कक्ष के बाहर खड़े मरीज
मरीजों की भीड़ देखकर सीएमएस ने कु ष्ठ रोग से डा. विशाल अग्निहोत्री को ओपीडी में बुलवाया। तीन डाक्टरोें ने 790 मरीजों का इलाज किया। डा. प्रमोद कटियार ने बताया कि मौसम की मार से अधिकतर मरीज बेहाल हैं।
डा. विशाल अग्निहोत्री ने बताया कि धूप का असर कम होने से लोग थोड़े लापरवाह हो जाते हैं। तुरंत पानी पी लेते हैं और अपने खान-पान में ढिलाई बरतते हैं। जिसकी वजह से लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। 14 मरीजों को भर्ती किया गया।
दवा काउंटर पर लगी भीड़
जिला अस्पताल के दवा काउंटर में भी भीड़ लगी रही। दवा काउंटर पर बैठे व्यक्ति की मरीज से बहस भी हो गई। फिर फार्मासिस्ट ने आकर माहौल संभाला। काउंटर से दवा खत्म होने के बाद अस्पताल के औषधि कक्ष से दवा मंगाई गई। इसके कारण 15 से 20 मिनट मरीजों को इंतजार करना पड़ा। ढाई बजे तक मरीजाें को दवा बांटी गई।