फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   50 registered in papers, one cow found in SDM Gohani Khurd cowshed during inspection

Auraiya News: कागजों में 50 दर्ज, निरीक्षण में एसडीएम गोहानी खुर्द गोशाला में मिली एक गाय

Wed, 20 Dec 2023 11:11 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Wed, 20 Dec 2023 11:11 PM IST
विज्ञापन
50 registered in papers, one cow found in SDM Gohani Khurd cowshed during inspection
अजीतमल। तहसील क्षेत्र के गांव गोहानी खुर्द स्थित गोशाला में बुधवार दोपहर एसडीएम राकेश कुमार औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां महज एक गाय मिली। जबकि कागजों में यहां पर 50 गोवंशों के संरक्षण दिए जाने की बात सामने आई। यह सब देख एसडीएम का पारा चढ़ गया। बीडीओ अतुल यादव से मोबाइल फोन पर वार्ता कर फटकार लगाई। बताया गया कि गायें जंगल में घास चरने गई हैं। घास चरने की यह अनूठी व्यवस्था तब चल रही है, जबकि प्रति मवेशी खर्च सरकार वहन कर रही है। प्रथम दृष्टता मामला गबन का सामने आया है।
विज्ञापन

गोशाला में मवेशियों के संरक्षण को लेकर प्रति मवेशी रोजाना के हिसाब से 50 रुपये शासन की ओर से जारी किया जाता है। गोहानी खुर्द गोशाला में 50 मवेशियों को संरक्षण दिया जा रहा है। एसडीएम के निरीक्षण में महज एक गाय मौके पर मिली। गंदगी के बीच पानी पीने की व्यवस्था भी बेपटरी रही। जंगल की घास के सहारे संरक्षण पाने की स्थिति में सरकारी धन का प्रयोग कहां हो रहा है। यह अपने आप में चौंकाने वाला रहा। बीडीओ अतुल यादव को फटकार लगाते हुए एसडीएम ने गोशाला की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपने की चेतावनी दी है। वहीं भंडार गृह में न के बराबर भूसा व बाजरा के कटे हुए डंडे मिले। जिनकी सड़न से बदबू फैली हुई थी। ग्राम प्रधान राजनारायण ने बताया कि 50 गोवंश गोशाला में हैं। दो सेवादार सुशील व गट्टू तैनात हैं। जंगल के सहारे मवेशियों का संरक्षण, जबकि प्रशासन की ओर से प्रति मवेशी धन जारी होना एसडीएम के गले न उतरा। बीडीओ से कड़ी नाराजगी जाहिर की।
विज्ञापन

----------------
बोले जिम्मेदार----
गोहानी खुर्द गोशाला में 50 मवेशी के बजाय एक गाय मिली है। न कोई कर्मचारी मिला है। पेयजल, चारा, भूसा व साफ-सफाई की व्यवस्था बदहाल मिली है। पूछताछ में बताया गया है कि मवेशी जंगल में चरने गए हैं। जब शासन की ओर से प्रति मवेशी संरक्षण का धन मिलता है तो चरने की व्यवस्था किस लिए। कहीं न कहीं सरकारी धन का दुरुपयोग है। पूरी रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को दी जाएगी।-राकेश कुमार, उपजिलाधिकारी अजीतमल
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed