{"_id":"6a7b75aa98df27775e065588","slug":"40-bags-of-dap-stored-at-the-police-station-were-auctioned-auraiya-news-c-211-1-aur1008-149676-2026-08-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: थाने में रखीं डीएपी की 40 बोरियों की हुई नीलामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: थाने में रखीं डीएपी की 40 बोरियों की हुई नीलामी
Wed, 12 Aug 2026 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:49 AM IST
विज्ञापन
नीलामी के दौरान मौजूद कृषि अधिकारी व खाद व्यापारी।संवाद
- फोटो : Samvad
दिबियापुर। न्यायालय व जिलाधिकारी के आदेश पर थाना परिसर में रखी 2000 किलो डीएपी की नीलामी मंगलवार को हुई। इसमें सात खाद डीलरों ने हिस्सा लिया और शिव शक्ति खाद भंडार के मालिक ने 1350 रुपये प्रति बोरी की अंतिम बोली लगाई।
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि 50-50 किलो की 40 बोरी डीएपी की नीलामी में राजीव कुमार, कपिल पांडेय, हरीश शर्मा, हिमांशु यादव, भुवनेश कुमार व शिव शक्ति खाद भंडार के अरुण कुमार सहित सात डीलरों ने शुरुआत एक हजार रुपये बोरी से की। अंतिम प्रक्रिया में अरुण कुमार की बोली 1350 रुपये तक पहुंच गई।
इसके बाद एक अन्य डीलर ने 1351 रुपये की बोली लगाई लेकिन जिला कृषि अधिकारी ने 1350 रुपये से अधिक बोली न लगाने से मना करते हुए शिव शक्ति खाद भंडार की बोली को अंतिम माना। बताया कि नीलामी में भाग लेने वाले फुटकर विक्रेताओं से वैध उर्वरक लाइसेंस व पांच हजार रुपये प्रतिभूति जमा कराई गई। अंतिम बोलीदाता को कुल मूल्य का 10 फीसद तत्काल और शेष 90 फीसद तीन दिन के अंदर जमा करके खाद उठानी होगी।
विज्ञापन
उर्वरक किसानों को जोतबही के आधार पर एमआरपी पर ही बेचना अनिवार्य होगा। दरअसल, कृषि विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन से 40 बोरी डीएपी बरामद की थी। यह खाद पीसीएफ के लिपिक धर्म प्रकाश द्वारा अपनी ससुराल ले जाई जा रही थी। तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने तब बताया था कि पिकअप वाहन सवार अजय व धर्म प्रकाश खाद खरीद के कागजात नहीं दिखा सके थे।
मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने पिकअप समेत खाद को कब्जे में ले लिया था। इस मामले में पीसीएफ लिपिक व वाहन चालक के खिलाफ कागजात न दिखा पाने पर दिबियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि 50-50 किलो की 40 बोरी डीएपी की नीलामी में राजीव कुमार, कपिल पांडेय, हरीश शर्मा, हिमांशु यादव, भुवनेश कुमार व शिव शक्ति खाद भंडार के अरुण कुमार सहित सात डीलरों ने शुरुआत एक हजार रुपये बोरी से की। अंतिम प्रक्रिया में अरुण कुमार की बोली 1350 रुपये तक पहुंच गई।
विज्ञापन
इसके बाद एक अन्य डीलर ने 1351 रुपये की बोली लगाई लेकिन जिला कृषि अधिकारी ने 1350 रुपये से अधिक बोली न लगाने से मना करते हुए शिव शक्ति खाद भंडार की बोली को अंतिम माना। बताया कि नीलामी में भाग लेने वाले फुटकर विक्रेताओं से वैध उर्वरक लाइसेंस व पांच हजार रुपये प्रतिभूति जमा कराई गई। अंतिम बोलीदाता को कुल मूल्य का 10 फीसद तत्काल और शेष 90 फीसद तीन दिन के अंदर जमा करके खाद उठानी होगी।
विज्ञापन
उर्वरक किसानों को जोतबही के आधार पर एमआरपी पर ही बेचना अनिवार्य होगा। दरअसल, कृषि विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन से 40 बोरी डीएपी बरामद की थी। यह खाद पीसीएफ के लिपिक धर्म प्रकाश द्वारा अपनी ससुराल ले जाई जा रही थी। तत्कालीन जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने तब बताया था कि पिकअप वाहन सवार अजय व धर्म प्रकाश खाद खरीद के कागजात नहीं दिखा सके थे।
मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस ने पिकअप समेत खाद को कब्जे में ले लिया था। इस मामले में पीसीएफ लिपिक व वाहन चालक के खिलाफ कागजात न दिखा पाने पर दिबियापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।