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Auraiya News: मुड़िया मेले में भेजी गईं डिपो की 35 बसें
Sat, 25 Jul 2026 11:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:51 PM IST
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फोटो -2- रोडवेज डिपो परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद
औरैया। मथुरा में आयोजित होने वाले मुड़िया मेले को लेकर औरैया रोडवेज डिपो से 35 बसें रवाना कर दी गई हैं।
डिपो के बेड़े में मौजूद कुल 64 बसों में से आधे से अधिक बसों के चले जाने से अब जनपद के यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह बसें 30 जुलाई को मुड़िया मेले से औरैया लौटेंगी।
जनपद में रोडवेज द्वारा कुल 15 रूटों का संचालन किया जाता है, जिनमें सबसे अधिक बसें कानपुर और दिल्ली मार्ग पर चलाई जाती हैं। बसों की कमी से इन रूटों का परिचालन प्रभावित होना तय है। रोडवेज को प्रतिदिन लगभग आठ से 10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता था लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बसों के दूसरे जिले में जाने से राजस्व में सीधी गिरावट आएगी।
डिपो का सबसे घाटे वाला रूट बरौना कलां बताया जाता है। पांच दिन तक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि रोडवेज की ओर से छोटे रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों की स्थिति
रूट बसों की संख्या
कानपुर 10
दिल्ली 25
लखनऊ 03
शाहजहांपुर 01
आगरा 02
इसके अतिरिक्त अन्य ग्रामीण व स्थानीय रूटों पर एक से दो बसों का संचालन किया जाता है।
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वर्जन-- -
बसों के मुड़िया मेले में जाने से राजस्व में कुछ कमी तो अवश्य आएगी लेकिन इस समय यात्रियों की संख्या भी सामान्य से कम निकल रही है। इसलिए यात्रियों को ज्यादा असुविधा नहीं होगी। विभाग की ओर से व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। - अर्पणा मीनाक्षी, एआरएम औरैया डिपो
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डिपो के बेड़े में मौजूद कुल 64 बसों में से आधे से अधिक बसों के चले जाने से अब जनपद के यात्रियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह बसें 30 जुलाई को मुड़िया मेले से औरैया लौटेंगी।
जनपद में रोडवेज द्वारा कुल 15 रूटों का संचालन किया जाता है, जिनमें सबसे अधिक बसें कानपुर और दिल्ली मार्ग पर चलाई जाती हैं। बसों की कमी से इन रूटों का परिचालन प्रभावित होना तय है। रोडवेज को प्रतिदिन लगभग आठ से 10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता था लेकिन इतनी बड़ी संख्या में बसों के दूसरे जिले में जाने से राजस्व में सीधी गिरावट आएगी।
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डिपो का सबसे घाटे वाला रूट बरौना कलां बताया जाता है। पांच दिन तक यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हालांकि रोडवेज की ओर से छोटे रूटों पर बसों के फेरे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
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विभिन्न रूटों पर चलने वाली बसों की स्थिति
रूट बसों की संख्या
कानपुर 10
दिल्ली 25
लखनऊ 03
शाहजहांपुर 01
आगरा 02
इसके अतिरिक्त अन्य ग्रामीण व स्थानीय रूटों पर एक से दो बसों का संचालन किया जाता है।
वर्जन
बसों के मुड़िया मेले में जाने से राजस्व में कुछ कमी तो अवश्य आएगी लेकिन इस समय यात्रियों की संख्या भी सामान्य से कम निकल रही है। इसलिए यात्रियों को ज्यादा असुविधा नहीं होगी। विभाग की ओर से व्यवस्थाएं सुचारू रखने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। - अर्पणा मीनाक्षी, एआरएम औरैया डिपो