{"_id":"5a3bffe14f1c1bf4688c2ac9","slug":"21513881569-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी की बर्बादी न रोकी तो फिर पछताना पड़ेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी की बर्बादी न रोकी तो फिर पछताना पड़ेगा
Updated Fri, 22 Dec 2017 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जालौन-रामपुरा। यदि आज हमने पानी की बर्बादी पर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले समय में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम अभी से पानी की बचत करें, ताकि भविष्य में पानी के संकट का सामना न करना पड़े। यह बात जालौन में रीबोर हैंडपंप प्रशिक्षण के दौरान खंड विकास अधिकारी मनोज कुमार ने ब्लाक क्षेत्र के सभी प्रधानों से कही।
खंड विकास अधिकारी ने ब्लाक क्षेत्र के 62 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर बताया कि अपने अपने क्षेत्र में अभी से ही पानी का संरक्षण करना प्रारंभ करा दें। नाली आदि को सही करा व्यर्थ पानी को उसमें जाने दें। हर हाल में गर्मी के दौरान तालाब भरवाने का प्रयास करें।
हैंडपंपों के पास गड्ढे बनाकर पानी का संरक्षण करें। कुंआ आदि की सफाई कराएं अब हैंडपंपों के रीबोर का कार्य ग्राम प्रधानों से कराया जाएगा। किसी भी हाल में सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल न पड़ने दें। अगर कोई निजी सबमर्सिबल डाल कर पानी का दोहन करता है तो रोकने का प्रयास करें।
विज्ञापन
पूरे ब्लाक क्षेत्र में अभी 258 हैंडपंप रीबोर के लिए पड़े हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लें ताकि गर्मी के दौरान पानी के संकट का सामना न करना पड़े। इस दौरान जल निगम के जेई संजय कुमार ने भी अपने सुझाव दिए। सचिव रमेश उदैनिया, किरन रावत सहित ग्राम प्रधान नवीन निरंजन, छुन्ना महाराज, बृज मोहन, दीपक श्रीवास्तव सहित एडीओ पंचायत रमा शंकर प्रजापति मौजूद थे।
रामपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक प्रशिक्षण की बैठक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत अंगद सिंह, सचिव व प्रधान आदि ने जितने भी हैंडपंप रीबोर होने हैं, उनकी सूची बनाकर तत्काल दें, ताकि पानी की कमी को पूरा किया जा सके। कहीं पर भी कोई हीलाहवाली न की जाए।
रीबोर प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को चेताया
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
खंड विकास अधिकारी ने ब्लाक क्षेत्र के 62 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण देकर बताया कि अपने अपने क्षेत्र में अभी से ही पानी का संरक्षण करना प्रारंभ करा दें। नाली आदि को सही करा व्यर्थ पानी को उसमें जाने दें। हर हाल में गर्मी के दौरान तालाब भरवाने का प्रयास करें।
विज्ञापन
हैंडपंपों के पास गड्ढे बनाकर पानी का संरक्षण करें। कुंआ आदि की सफाई कराएं अब हैंडपंपों के रीबोर का कार्य ग्राम प्रधानों से कराया जाएगा। किसी भी हाल में सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल न पड़ने दें। अगर कोई निजी सबमर्सिबल डाल कर पानी का दोहन करता है तो रोकने का प्रयास करें।
विज्ञापन
पूरे ब्लाक क्षेत्र में अभी 258 हैंडपंप रीबोर के लिए पड़े हैं, जिन्हें जल्द ही पूरा कर लें ताकि गर्मी के दौरान पानी के संकट का सामना न करना पड़े। इस दौरान जल निगम के जेई संजय कुमार ने भी अपने सुझाव दिए। सचिव रमेश उदैनिया, किरन रावत सहित ग्राम प्रधान नवीन निरंजन, छुन्ना महाराज, बृज मोहन, दीपक श्रीवास्तव सहित एडीओ पंचायत रमा शंकर प्रजापति मौजूद थे।
रामपुरा प्रतिनिधि के मुताबिक प्रशिक्षण की बैठक में सहायक विकास अधिकारी पंचायत अंगद सिंह, सचिव व प्रधान आदि ने जितने भी हैंडपंप रीबोर होने हैं, उनकी सूची बनाकर तत्काल दें, ताकि पानी की कमी को पूरा किया जा सके। कहीं पर भी कोई हीलाहवाली न की जाए।
रीबोर प्रशिक्षण शिविर में अधिकारियों ने ग्रामीणों को चेताया
अमर उजाला ब्यूरो