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कम बारिश व तेज धूप में मुरछाई फूलों की फसल

Fri, 13 Oct 2017 11:47 PM IST
Updated Fri, 13 Oct 2017 11:47 PM IST
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कम बारिश व तेज धूप में मुरछाई फूलों की फसल
मुहम्मदाबाद। कम बारिश होने व तेज धूप पड़ने से फूलों की खेती पर काफी असर पड़ा है। जिससे इन फूलों की खेती करने वाले किसानों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। फसल खराब होने से किसान बेचैन हैं। सहालग में पैसा कमाने की उम्मीद संजोए किसानों को बड़ा झटका लगा है।
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जनपद में फूलों की खेती करने वाले किसानों को बारिश न होने व तेज धूप पड़ने से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। फूलों की फसल पानी के अभाव व तेजधूप से पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसानों ने फूलों से आय अच्छी होने की उम्मीद से फसल लगाई थी। कम बारिश व तेज धूप से फसल सूख गई। पेड़ भी मुरझा गए हैं। जिस तरह से पैदावार होनी चाहिए थी नहीं हुई, जिससे किसान खासे परेशान हैं।
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कुठौंदा के किसान ऊदल, अखिलेश, मनोज, उदय, रामकुमार, मुहम्मदाबाद के पप्पू माली, खरका के मान सिंह ने बताया कि बारिश होने पर ाने से गुलाब का फूल काफी बड़ा व अच्छा होता था, लेकिन इस बार कम बारिश होने व तेज धूप पड़ने से फूल छोटा हुआ है। महक भी कम है तो पैदावार भी बहुत कम हुई है।
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अच्छी बारिश होने की आस लगाए किसानों ने सोचा था कि सहालग में आमदनी ठीक हो जाएगी। मगर पेड़ सूखने व पैदावार कम होने से इनके अरमानों पर पानी फिर गया है। इससे फूलों की खेती करने वालों को बड़ा झटका लगा है। वहीं किसानों ने बताया कि अब वह सर्दी के मौसम में गेंदा के फूलों की खेती करेंगे, अगर सही रहा तो इस नुकसान की भरपाई हो जाएगी।

बिना सहालग के बढ़ गए फूलों के दाम
इस समय सहालग भी नहीं चल रही है फिर भी दामों में काफी बढ़ोत्तरी हो गई है। इस समय गुलाब 100 से लेकर 150 रुपये किलो तक बिक रहा है। वहीं गेंदा 70 रुपये से लेकर 80 रुपये किलो तक बिक रहा है। फूल विक्रेताओं ने बताया कि फूलों के दाम सहालग में और बढ़ जाते हैं।


बारिश न होने से फूलों की खेती पर पड़ा असर
गांव मुहम्मदाबाद के चंदन माली करीब डेढ़ बीघा में गुलाब और गेंदा की फसल लगाए हैं। कम बारिश होने से फूलों की खेती में इस बार कुछ भी पैदावार नहीं हुई है। चंदन का कहना है कि पानी के लिए कोई वैकल्पिक साधन न होने से इस बार पौधों में बहुत कम फूल निकले हैं। फूल कृषक चंदन का कहना है कि अबकी बार तो गेंदे के पौधे ही पानी की कमी से सूख गए हैं। जिससे इस बार उनकी लगाई गई 15 हजार की लागत भी नहीं निकली।

सहालग में पैसा कमाने की उम्मीद संजोए किसानों को लगा झटका
अमर उजाला ब्यूरो
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