{"_id":"62e6ce7ae5417b603134bed4","slug":"17-patients-reached-gura-phc-but-130-in-papers-auraiya-news-knp7105291155","type":"story","status":"publish","title_hn":"औरैयाः गूरा पीएचसी में पहुंचे 17 मरीज, पर कागजों में 130","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औरैयाः गूरा पीएचसी में पहुंचे 17 मरीज, पर कागजों में 130
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद पीएचसी में मरीज को देखते डॉ. अभिषेक दुबे । संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इस दौरान गूरा पीएचसी पर मात्र 17 मरीज ही इलाज कराने पहुंचे। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने शासन को भेजी जाने वाली सूची में 130 मरीज दर्शाए हैं। इससे जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की गुमराह करने की हकीकत भी सामने आ गई।
जिले की 26 पीएचसी में रविवार को आरोग्य मेला सुबह दस बजे से चालू हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी पीएचसी में कुल 1148 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिसमें मौसम में बदलाव आने के बाद कारण वायरल फीवर, एलर्जी, खांसी-जुकाम, सिर व पेट दर्द, फंगस, त्वचा रोग, शरीर में कमजोरी समेत अन्य रोग के मरीज शामिल रहे।
डॉक्टरों ने मरीजों को दवा दी और कुछ मरीजों की ब्लड, ब्लड प्रेशर, मलेरिया, टीबी, लिवर, कोरोना समेत अन्य जांचें कराईं। पीएचसी में मौजूद डॉक्टरों ने मरीजों से बारिश में न भीगने, बारिश का पानी घर व आसपास जमा न होने देने, शरीर के साथ ही घर की सफाई रखने व मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम मरीज फफूंद में 11, ऊंचा में 12, सांफर में 18, देवरपुर में 19, मुरादगंज में 23 व मोहम्मदाबाद में 24 व गंगदासपुर पीएचसी में 25 मरीज पहुंचे।
विज्ञापन
वहीं, सबसे अधिक गूरा पीएचसी में 130 मरीज दर्शाए गए हैं। जबकि अस्पताल सूत्रों के मुताबिक गूरा पीएचसी पर रविवार को सिर्फ 17 मरीज ही इलाज के लिए आए। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की संख्या बढ़ाकर शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह करने में लगा हुआ है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि गूरा की सूची में 130 मरीजों की संख्या लिखे जाने में हो सकता है कि लिखने में कोई गलती हो गई हो। इसको दिखवाएंगे। बताया कि 78 डॉक्टर व 139 पैरा मेडिकल स्टाफ की टीमों ने आरोग्य मेले में आए 474 पुरुष, 413 महिलाएं व 261 बच्चों का इलाज किया। लोगों से अपील है कि मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। हल्का बुखार, शरीर में दर्द या अन्य समस्या होने पर पास के सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।
रुरुगंज पीएचसी में नहीं पहुंचीं डॉक्टर
रुरुगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को मेला तो लगा, लेकिन डॉ. अंजली मेले में नहीं पहुंची। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि फार्मासिस्ट दीपक कुमार ने मरीजों को देखकर दवाएं दीं। इस संबंध में डॉ. अंजली से मोबाइल फोन पर बात की तो उन्होंने बताया तीज का त्योहार होने के चलते वह मेले में नहीं आ सकीं।
विज्ञापन
जिले की 26 पीएचसी में रविवार को आरोग्य मेला सुबह दस बजे से चालू हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी पीएचसी में कुल 1148 मरीज इलाज कराने पहुंचे। जिसमें मौसम में बदलाव आने के बाद कारण वायरल फीवर, एलर्जी, खांसी-जुकाम, सिर व पेट दर्द, फंगस, त्वचा रोग, शरीर में कमजोरी समेत अन्य रोग के मरीज शामिल रहे।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने मरीजों को दवा दी और कुछ मरीजों की ब्लड, ब्लड प्रेशर, मलेरिया, टीबी, लिवर, कोरोना समेत अन्य जांचें कराईं। पीएचसी में मौजूद डॉक्टरों ने मरीजों से बारिश में न भीगने, बारिश का पानी घर व आसपास जमा न होने देने, शरीर के साथ ही घर की सफाई रखने व मच्छरदानी का प्रयोग करने की सलाह दी। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम मरीज फफूंद में 11, ऊंचा में 12, सांफर में 18, देवरपुर में 19, मुरादगंज में 23 व मोहम्मदाबाद में 24 व गंगदासपुर पीएचसी में 25 मरीज पहुंचे।
विज्ञापन
वहीं, सबसे अधिक गूरा पीएचसी में 130 मरीज दर्शाए गए हैं। जबकि अस्पताल सूत्रों के मुताबिक गूरा पीएचसी पर रविवार को सिर्फ 17 मरीज ही इलाज के लिए आए। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की संख्या बढ़ाकर शासन को झूठी रिपोर्ट भेजकर गुमराह करने में लगा हुआ है।
सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि गूरा की सूची में 130 मरीजों की संख्या लिखे जाने में हो सकता है कि लिखने में कोई गलती हो गई हो। इसको दिखवाएंगे। बताया कि 78 डॉक्टर व 139 पैरा मेडिकल स्टाफ की टीमों ने आरोग्य मेले में आए 474 पुरुष, 413 महिलाएं व 261 बच्चों का इलाज किया। लोगों से अपील है कि मच्छरों के प्रकोप से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। हल्का बुखार, शरीर में दर्द या अन्य समस्या होने पर पास के सरकारी अस्पताल में संपर्क करें।
रुरुगंज पीएचसी में नहीं पहुंचीं डॉक्टर
रुरुगंज। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार को मेला तो लगा, लेकिन डॉ. अंजली मेले में नहीं पहुंची। इस वजह से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि फार्मासिस्ट दीपक कुमार ने मरीजों को देखकर दवाएं दीं। इस संबंध में डॉ. अंजली से मोबाइल फोन पर बात की तो उन्होंने बताया तीज का त्योहार होने के चलते वह मेले में नहीं आ सकीं।

गूरा पीएचसी में मरीजों को देखते डॉ पुष्पेंद्र कुमार सिंह, डॉ. सतेंद्र कुमार। संवाद- फोटो : AURAIYA