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आवंटन के इंतजार में जर्जर हो रहे 1044 आवास
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औरैया। आर्थिक रूप से कमजोर व झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान की सौगात देने के लिए चलाई गई केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आईएचएसडीपी (इंटीग्रेटेड हाउसिंग स्लम डेवलेपमेंट प्रोग्राम) दम तोड़ रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बने 1044 आवास खंडहर हो रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में इनका आवंटन भी नहीं हो सका है। कुछ जगह आवास भी अधूरे पड़े हैं।
साल 2012 से 2014 के बीच जिले के छह नगरीय निकायों में आईएचएसडीपी योजना के तहत 1044 आवास बनाए गए। आवास बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को आवंटित कराया जाना था। इसके लिए जिला निगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआत के दिनों में काम तेजी से हुआ और सभी निकायों में आवास बनकर तैयार हो गए। कुछ आवासों में बजट का अभाव होने पर फिनिशिंग का काम अधूरा रह गया। इसके बाद से यह आवास आवंटन न होने से जर्जर हो रहे हैं और गरीब आवास पाने की आस लगाए बैठे रहे।
निकायों में बनाए गए आवासों की स्थिति
औरैया नगर पालिका क्षेत्र - 48
अछल्दा नगर पंचायत - 132
बिधूना नगर पंचायत- 564
अजीतमल नगर पंचायत-168
दिबियापुर नगर पंचायत-72
फफूंद नगर पंचायत- 60
संस्था की तलाश में जुटे अफसर
आईएचएसडीपी आवासों के बारे में मिशन निदेशक ने अप्रैल माह में परियोजना अधिकारी डूडा को पत्र भेजकर इन आवासों की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अब यह आवास प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत एर्कोडेबल रेंटल हाउसिंग कांप्लेक्स (एआरएचसी) के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन्हें किसी संस्था के माध्यम से मरम्मत कराकर 25 वर्षों के लिए सुपुर्द किया जाएगा। संस्था के माध्यम से ही इन्हें आवंटित व किराये पर देने का काम किया जाएगा। जिला प्रशासन ऐसी संस्था की तलाश में जुटी है, हालांकि अभी तक जिले से कोई संस्था नामित नहीं की गई है।
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कोट
आईएचएसडीपी योजना के तहत बनाए गए आवास बजट के अभाव में अधूरे रह गए थे। अब सरकार ने इन्हें दोबारा से विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। जल्द ही शासन के निर्देशों पर अमल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया की जाएगी।
सुनील कुमार श्रीवास्तव, पीडी डूडा
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साल 2012 से 2014 के बीच जिले के छह नगरीय निकायों में आईएचएसडीपी योजना के तहत 1044 आवास बनाए गए। आवास बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवारों को आवंटित कराया जाना था। इसके लिए जिला निगरीय विकास अभिकरण (डूडा) को निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। शुरुआत के दिनों में काम तेजी से हुआ और सभी निकायों में आवास बनकर तैयार हो गए। कुछ आवासों में बजट का अभाव होने पर फिनिशिंग का काम अधूरा रह गया। इसके बाद से यह आवास आवंटन न होने से जर्जर हो रहे हैं और गरीब आवास पाने की आस लगाए बैठे रहे।
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निकायों में बनाए गए आवासों की स्थिति
औरैया नगर पालिका क्षेत्र - 48
अछल्दा नगर पंचायत - 132
बिधूना नगर पंचायत- 564
अजीतमल नगर पंचायत-168
दिबियापुर नगर पंचायत-72
फफूंद नगर पंचायत- 60
संस्था की तलाश में जुटे अफसर
आईएचएसडीपी आवासों के बारे में मिशन निदेशक ने अप्रैल माह में परियोजना अधिकारी डूडा को पत्र भेजकर इन आवासों की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी। भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अब यह आवास प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत एर्कोडेबल रेंटल हाउसिंग कांप्लेक्स (एआरएचसी) के रूप में विकसित किए जाएंगे। इन्हें किसी संस्था के माध्यम से मरम्मत कराकर 25 वर्षों के लिए सुपुर्द किया जाएगा। संस्था के माध्यम से ही इन्हें आवंटित व किराये पर देने का काम किया जाएगा। जिला प्रशासन ऐसी संस्था की तलाश में जुटी है, हालांकि अभी तक जिले से कोई संस्था नामित नहीं की गई है।
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आईएचएसडीपी योजना के तहत बनाए गए आवास बजट के अभाव में अधूरे रह गए थे। अब सरकार ने इन्हें दोबारा से विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए तैयारी की जा रही है। जल्द ही शासन के निर्देशों पर अमल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया की जाएगी।
सुनील कुमार श्रीवास्तव, पीडी डूडा