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Atiq Ashraf Murder: सनी पर 14 मुकदमे... लवलेश इस मामले में जा चुका जेल; अतीक-अशरफ के हत्यारों की क्राइम कुंडली
Sun, 16 Apr 2023 12:59 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तर प्रदेश
अमर उजाला नेटवर्क, उत्तर प्रदेश
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 16 Apr 2023 12:59 PM IST
सार
अहमद और अशरफ का कत्ल करने वाले तीनों आरोपियों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। दोनों भाइयों की हत्या के आरोपी लवलेश तिवारी बांदा, सनी हमीरपुर और अरुण उर्फ कालिया कासगंज का रहने वाला है।
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Atiq Arshad Murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उमेश पाल हत्याकांड में चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिए गए माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की प्रयागराज में मंडलीय अस्पताल के गेट पर पुलिस कस्टडी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाइक पर आए तीन हमलावरों ने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश के अलग- अलग जिले के रहने वाले हैं। अहमद और अशरफ का कत्ल करने वाले तीनों आरोपियों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। दोनों भाइयों की हत्या के आरोपी लवलेश तिवारी बांदा, सनी हमीरपुर और अरुण उर्फ कालिया कासगंज का रहने वाला है।
पिता की मृत्यु के बाद हिस्ट्रीशीटर बना सनी
अतीक व अशरफ को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर सनी उर्फ पुराने ठाकुर जनपद हमीरपुर के कुरारा कस्बे का निवासी है। पुराने उर्फ सनी सिंह (33) यहीं पला बढ़ा। पिता की मृत्यु के बाद कोई देखभाल करने वाला न होने के कारण व बड़े भाई मंगल सिंह के आपराधिक कार्यों में लिप्त होने के कारण वह भी आवारागर्दी करने के साथ भाई का सहयोग करने लगा।
दर्ज हैं 14 आपराधिक मामले
करीब 15-16 वर्ष की उम्र से ही ट्रक लूट समेत अन्य अपराधों को अंजाम देने लगा। बाद में आपराधिक कार्यों में पूर्ण रूप से संलग्न हो गया। अपने ऊंचे शौक के चलते थानाक्षेत्र में अवैध वसूली व लूट जैसे अपराधों को अंजाम देने लगा। जिसकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई। सनी के खिलाफ थाने में 14 मुकदमें दर्ज हैं। जिनमें जेल जाने के बाद वहां से छूटकर वह फिर घर नहीं पहुंचा।
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मौजूद समय में उसका केवल एक भाई पिंटू घर पर रहता है। जबकि मां का पता नहीं है। वहीं भाई मंगल सिंह की भी मौत हो चुकी है। बीते तीन साल से वह पुलिस को चकमा दे रहा है। सनी के भाई पिंटू सिंह ने बताया कि वह कई साल से घर नहीं लौटा है। घटना के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं हैं। उसके ऊपर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
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पिता की मृत्यु के बाद हिस्ट्रीशीटर बना सनी
अतीक व अशरफ को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतारने वाले हिस्ट्रीशीटर सनी उर्फ पुराने ठाकुर जनपद हमीरपुर के कुरारा कस्बे का निवासी है। पुराने उर्फ सनी सिंह (33) यहीं पला बढ़ा। पिता की मृत्यु के बाद कोई देखभाल करने वाला न होने के कारण व बड़े भाई मंगल सिंह के आपराधिक कार्यों में लिप्त होने के कारण वह भी आवारागर्दी करने के साथ भाई का सहयोग करने लगा।
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दर्ज हैं 14 आपराधिक मामले
करीब 15-16 वर्ष की उम्र से ही ट्रक लूट समेत अन्य अपराधों को अंजाम देने लगा। बाद में आपराधिक कार्यों में पूर्ण रूप से संलग्न हो गया। अपने ऊंचे शौक के चलते थानाक्षेत्र में अवैध वसूली व लूट जैसे अपराधों को अंजाम देने लगा। जिसकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस द्वारा उसकी हिस्ट्रीशीट भी खोली गई। सनी के खिलाफ थाने में 14 मुकदमें दर्ज हैं। जिनमें जेल जाने के बाद वहां से छूटकर वह फिर घर नहीं पहुंचा।
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मौजूद समय में उसका केवल एक भाई पिंटू घर पर रहता है। जबकि मां का पता नहीं है। वहीं भाई मंगल सिंह की भी मौत हो चुकी है। बीते तीन साल से वह पुलिस को चकमा दे रहा है। सनी के भाई पिंटू सिंह ने बताया कि वह कई साल से घर नहीं लौटा है। घटना के बारे में भी उन्हें जानकारी नहीं हैं। उसके ऊपर कई आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं।
रात भर सनी का पता खोजती रही पुलिस
अतीक और अशरफ की मौत के बाद हाई अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद शहर समेत पूरे जिले में पुलिस वाहनों की चेकिंग में जुटी रही है। वहीं खबर आई की इसमें एक युवक सनी हमीरपुर का शामिल जिसको लेकर पुलिस सनी के पते की तलाश में जुटी रही।
अतीक और अशरफ की मौत के बाद हाई अलर्ट कर दिया गया। इसके बाद शहर समेत पूरे जिले में पुलिस वाहनों की चेकिंग में जुटी रही है। वहीं खबर आई की इसमें एक युवक सनी हमीरपुर का शामिल जिसको लेकर पुलिस सनी के पते की तलाश में जुटी रही।
नशा करता है लवलेश
हत्याकांड के बाद शूटर लवलेश तिवारी के पिता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि लवलेश का हमसे लेना-देना नहीं था। पांच से छह दिन पहले लवलेश बांदा स्थित घर आया था। पहले भी वो कभी-कभी घर आता था। पहले भी वो एक मामले में जेल गया था। लवलेश नशा करता है। माफिया अतीक और अशरफ को गोली मारकर मौत के घाट उतारने में गिरफ्तार लवलेश तिवारी बांदा शहर के केवटरा मोहाल का रहने वाला है। स्नातक फेल लवलेश नशे का आदि बताया गया है। पिता यज्ञ तिवारी ने बताया कि छह रोज पहले घर आया था। उसका ढर्रा सही नहीं रहा।
हत्याकांड के बाद शूटर लवलेश तिवारी के पिता का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि लवलेश का हमसे लेना-देना नहीं था। पांच से छह दिन पहले लवलेश बांदा स्थित घर आया था। पहले भी वो कभी-कभी घर आता था। पहले भी वो एक मामले में जेल गया था। लवलेश नशा करता है। माफिया अतीक और अशरफ को गोली मारकर मौत के घाट उतारने में गिरफ्तार लवलेश तिवारी बांदा शहर के केवटरा मोहाल का रहने वाला है। स्नातक फेल लवलेश नशे का आदि बताया गया है। पिता यज्ञ तिवारी ने बताया कि छह रोज पहले घर आया था। उसका ढर्रा सही नहीं रहा।
फेल होने के बाद उसने पढ़ाई बंद की
स्नातक फेल होने के बाद उसने पढ़ाई बंद कर दी थी। गलत संगत में चला गया। घरवालों ने भी उसका पीछा छोड़ दिया था। चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। कोई काम नहीं करता था। पिता ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात कैसे कर दी? वह खुद नहीं समझ पा रहे। लवलेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक छात्रा को तमाचा जड़ने पर आठ दिन जेल में रहा है। घटना से लवलेश का परिवार दहशत में है।
स्नातक फेल होने के बाद उसने पढ़ाई बंद कर दी थी। गलत संगत में चला गया। घरवालों ने भी उसका पीछा छोड़ दिया था। चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। कोई काम नहीं करता था। पिता ने बताया कि इतनी बड़ी वारदात कैसे कर दी? वह खुद नहीं समझ पा रहे। लवलेश का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व एक छात्रा को तमाचा जड़ने पर आठ दिन जेल में रहा है। घटना से लवलेश का परिवार दहशत में है।
कासगंज का रहने वाला है अरुण
कासगंज पुलिस रविवार सुबह सोरों कोतवाली क्षेत्र के बघेला पुख्ता का निवासी अरुण मौर्य पुत्र हीरालाल के घर पहुंची। पुलिस टीम आरोपी के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों ने अरुण की चाची लक्ष्मी देवी से बात की, तो उन्होंने बताया कि करीब नौ साल से अरुण गांव से बाहर है। 20 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उसके दो बड़े भाई भी हैं, जो किसानी करते हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। इससे ज्यादा अरुण के बारे में उसे और कुछ भी जानकारी नहीं है।
कासगंज पुलिस रविवार सुबह सोरों कोतवाली क्षेत्र के बघेला पुख्ता का निवासी अरुण मौर्य पुत्र हीरालाल के घर पहुंची। पुलिस टीम आरोपी के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों ने अरुण की चाची लक्ष्मी देवी से बात की, तो उन्होंने बताया कि करीब नौ साल से अरुण गांव से बाहर है। 20 साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। उसके दो बड़े भाई भी हैं, जो किसानी करते हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। इससे ज्यादा अरुण के बारे में उसे और कुछ भी जानकारी नहीं है।
होटल में ठहरे थे हमलावर
माफिया अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले युवक दो दिनों से प्रयागराज के किसी होटल में रुके हुए थे। वह हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। हाथ में मीडिया चैनल की आईडी लेकर वह अतीक के पास पहुंचे और पिस्टल निकालकर अतीक और अशरफ को गोली मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों का सामान अभी होटल में ही है। यह किस होटल में रुके थे इसकी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
माफिया अतीक और अशरफ को गोली मारने वाले युवक दो दिनों से प्रयागराज के किसी होटल में रुके हुए थे। वह हत्या की प्लानिंग कर रहे थे। हाथ में मीडिया चैनल की आईडी लेकर वह अतीक के पास पहुंचे और पिस्टल निकालकर अतीक और अशरफ को गोली मार दी, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपियों का सामान अभी होटल में ही है। यह किस होटल में रुके थे इसकी पड़ताल की जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है।
अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात साढ़े 10 बजे के बाद अतीक और अशरफ को उस वक्त गोली मारी गई जब वे दोनों मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गए थे। मीडियाकर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने दनादन गोलियां बरसाईं। हमलावरों ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को महज 18 सेकंड के भीतर मौत की नींद सुला दिया गया। शूटरों ने दोनों के पुलिस जीप से उतरने के 32वें सेकंड में पहली गोली दागी। इसके बाद लगातार कुल 20 गोलियां दागीं और 50वें सेकंड तक माफिया भाइयों का काम तमाम हो चुका था।
प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात साढ़े 10 बजे के बाद अतीक और अशरफ को उस वक्त गोली मारी गई जब वे दोनों मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाया गए थे। मीडियाकर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने दनादन गोलियां बरसाईं। हमलावरों ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को महज 18 सेकंड के भीतर मौत की नींद सुला दिया गया। शूटरों ने दोनों के पुलिस जीप से उतरने के 32वें सेकंड में पहली गोली दागी। इसके बाद लगातार कुल 20 गोलियां दागीं और 50वें सेकंड तक माफिया भाइयों का काम तमाम हो चुका था।