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...तो फिर बारिश में सड़ेगा क्विंटलों गेहूं
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 24 Apr 2017 12:49 AM IST
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अमरोहा में स्टेशन रोड स्थित क्रय केंद्र पर खुले आसमान के नीचे रखा खरीदा गया गेहूं।
- फोटो : amar ujala
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सरकारी क्रय केंद्रों पर इस बार भी गेहूं को बारिश के पानी में सड़ाने की तैयारी है। खुले आसमान के नीचे किसानों से खरीदा हुआ कई सौ क्विंटल गेहूं पड़ा हुआ है। केंद्रों पर गेहूं को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं है। केंद्रों पर फटी पुरानी त्रिपाल ही उपलब्ध है।
जबकि बारिश होने का पूर्वानुमान है। ऐसे में यदि बारिश हो जाती है तो कई सौ क्विंटल गेहूं भीग जाएगा। गत वर्ष भी कई केंद्रों पर बारिश से गेहूं भीगा था, इस बार भी अफसर गेहूं को बारिश से भीगने से बचाने को लेकर सजग नहीं है। इतना ही नहीं क्रय केंद्रों पर खरीदे हुए गेहूं की सुरक्षा भी राम भरोसे चल रही है। ये हाल तब है जब योगी सरकार गेहूं खरीद को लेकर सजग है।
जिले में गेहूं खरीद को पचास क्रय केंद्र खोले गए हैं। 74 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में करीब दो हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद हो चुकी है। लेकिन गेहूं उठान की प्रक्रिया धीमी चल रही है। काफी गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे बारियों में रखा हुआ है।
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क्रय केंद्रों पर गेहूं को बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। क्रय केंद्रों के पास जो त्रिपाल आदि है वह पर्याप्त नहीं है। वह भी काफी पुरानी हैं। बारिश को रोकने में वह कामयाब नहीं रहेगी। जबकि बारिश के आसार बन रहे हैं।
शनिवार को कई स्थानों पर क्षेत्र में बारिश हुई थी। बावजूद इसके अफसर गेेहूूं के सुरक्षित भंडारण को लेकर सचेत नहीं हुए हैं। गत वर्ष भी काफी गेहूं क्रय केंद्रों पर बारिश से भीग गया था। गत वर्ष की घटना से भी विभागीय अफसरों ने सबक नहीं लिया है।
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जबकि बारिश होने का पूर्वानुमान है। ऐसे में यदि बारिश हो जाती है तो कई सौ क्विंटल गेहूं भीग जाएगा। गत वर्ष भी कई केंद्रों पर बारिश से गेहूं भीगा था, इस बार भी अफसर गेहूं को बारिश से भीगने से बचाने को लेकर सजग नहीं है। इतना ही नहीं क्रय केंद्रों पर खरीदे हुए गेहूं की सुरक्षा भी राम भरोसे चल रही है। ये हाल तब है जब योगी सरकार गेहूं खरीद को लेकर सजग है।
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जिले में गेहूं खरीद को पचास क्रय केंद्र खोले गए हैं। 74 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला है। लक्ष्य के सापेक्ष जिले में करीब दो हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद हो चुकी है। लेकिन गेहूं उठान की प्रक्रिया धीमी चल रही है। काफी गेहूं क्रय केंद्रों पर खुले आसमान के नीचे बारियों में रखा हुआ है।
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क्रय केंद्रों पर गेहूं को बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं है। क्रय केंद्रों के पास जो त्रिपाल आदि है वह पर्याप्त नहीं है। वह भी काफी पुरानी हैं। बारिश को रोकने में वह कामयाब नहीं रहेगी। जबकि बारिश के आसार बन रहे हैं।
शनिवार को कई स्थानों पर क्षेत्र में बारिश हुई थी। बावजूद इसके अफसर गेेहूूं के सुरक्षित भंडारण को लेकर सचेत नहीं हुए हैं। गत वर्ष भी काफी गेहूं क्रय केंद्रों पर बारिश से भीग गया था। गत वर्ष की घटना से भी विभागीय अफसरों ने सबक नहीं लिया है।