फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Volleyball: Due to lack of resources, youth are unable to fulfill their dreams

वॉलीबॉल : संसाधनों के अभाव में सपनों को उड़ान नहीं दे पा रहे युवा

Tue, 25 Feb 2025 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Tue, 25 Feb 2025 02:27 AM IST
विज्ञापन
Volleyball: Due to lack of resources, youth are unable to fulfill their dreams
अमरोहा। सुविधाएं और संसाधन मुहैया हो तो जिले में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। क्रिकेट को छोड़कर दूसरे खेलों में रुचि रखने वाले खिलाड़ी संसाधानों के अभाव में अपने सपनों को उड़ान नहीं दे पा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हॉल वॉलीबॉल का भी है। कोच और मैदान की कमी से इस में खेल में अपने हाथ आजमाने वाले युवा प्रतिभा का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।
विज्ञापन

वॉलीबॉल को अक्सर ग्रामीण क्षेत्र का खेल माना जाता है। करीब हर गांव में युवा इस खेल में हाथ आजमाते हुए दिखते हैं। लेकिन, खेल के प्रति उनका यह जुनून सुविधाओं के अभाव में दम तोड़ देता है। वॉलीबॉल के खेल को बढ़ावा देने के लिए जिले में प्रयास न के बराबर हो रहे हैं। इस खेल के लिए न तो सरकारी तौर पर कोई सुविधा ही मिल पाती है और न आगे बढ़ने के लिए किसी कोच का मार्गदर्शन ही मिल पाता है। यही कारण है कि इस खेल में रूचि रखने वाले युवा अपने इस खेल के शौक के बूते अपना कॅरिअर भी नहीं बना पा रहे हैं।
विज्ञापन

क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों की उपेक्षा भी बड़ा कारण
जिला वॉलीबॉल संघ के सचिव प्रदीप चौधरी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि युवा क्रिकेट को छोड़कर दूसरे खेलों में आना नहीं चाहते, लेकिन अन्य खेलों की उपेक्षा युवाओं को उनके सपनों से दूर कर रही है। जिले में इस खेल में रुचि रखने वाले युवाओं की भी कोई कमी नहीं है। लेकिन, सीमित संसाधन युवाओं को आगे बढ़ने से रोक रहे हैं। उनका कहना है कि इस खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रयास तो किए जाते हैं, लेकिन वह प्रयास परवान नहीं चढ़ पाते। राजनीति भी इसका एक बड़ा कारण है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोच मिले तो सुधरे हालात
प्रदीप चौधरी का कहना है कि इस खेल में रुचि रखने वाले युवाओं को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पाता है। जिसके कारण वह भटक जाते हैं। कोच का न होना भी इसका एक बड़ा कारण है। कोच की तैनाती हो, तो युवाओं को इसमें आगे बढ़ने का भरपूर मौका मिलेगा, लेकिन उदासीनता के चलते युवाओं को इसमें अब अपना भविष्य नहीं दिखता। इस खेल को बढ़ावा दिए जाने के लिए जिले में प्लेग्राउंड के साथ ही कोच की व्यवस्था भी होना चाहिए।

नेशनल टूर्नामेंट भी खेल चुके हैं युवा
एनआईएस कोच पुरुजीत सिंह बताते हैं कि वह खुद इस खेल को राष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके हैं। इसके साथ ही जिले में कई युवा राष्ट्रीय स्तर पर वॉलीबॉल के जरिए अमरोहा का नाम रोशन कर नौकरी पाकर अपना कॅरिअर बना चुके हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि जिले में इस खेल को बढ़ावा दिए जाने का कोई प्रयास नहीं हो पा रहा है, जिससे युवाओं को प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके गांव पपसरा में रोजाना निजी तौर पर युवा इस खेल में अपना हाथ आजमाते हैं। जिनका वह मार्गदर्शन भी करते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में वॉलीबॉल की प्रतियोगिताएं भी समय-समय पर आयोजित होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article