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किशोरी की भी मौत, तीन गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 12 May 2016 12:53 AM IST
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इससे परिजनों में कोहराम मच गया है। इसी के साथ हादसे में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। बाकी तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। शहर के दानिशमंदान नई बस्ती मोहल्ले में मुनव्वर की आतिशबाजी बनाने की फैक्ट्री में मंगलवार सुबह धमाका हो गया था।
इसी के साथ लगी आग में यहीं के तजामुल की दस वर्षीय बेटी मुन्नी के साथ ही आठ झुलस गए थे। सभी को जिला अस्पताल से टीएमयू मुरादाबाद लाया गया था। मां-बेटी समेत चार ने मंगलवार रात तक मुरादाबाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसमें फातिमा (40) पत्नी लियाकत, इकरा (20) पुत्री जमील, सुहाना (डेढ़ वर्ष), चांदनी उर्फ चंदो पत्नी सिंकदर शामिल थी। चांदनी पांच माह की गर्भवती भी बताई जा रही थी। इन सभी को रात में ही सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था।
बाकी लोगों का उपचार चल रहा था। इधर, हादसे के दूसरे दिन बुधवार शाम को मुन्नी ने टीएमयू में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन मुरादाबाद से शव लेकर आ रहे हैं।
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इसी के साथ आतिशबाजी के कारखाने में आग लगने से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। कोतवाल शैलेंद्र प्रताप गौतम ने बताया कि मुन्नी की मुरादाबाद के टीएमयू में उपचार के दौरान मौत हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
नई बस्ती में गम और गुस्सा एहतियातन पुलिस तैनात
आतिशबाजी की फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग से झुलस कर पांच लोगों की मौत से मृतकों के घरों में कोहराम मचा है। इससे नई बस्ती मोहल्ले में गम और गुस्से का माहौल है। हर तरफ मातम है और अपनों को खोने वाले सुबक रहे हैं। कहीं लोग बदहवास हैं तो कइयों का गम में आंसू भी सूख गए हैं। परिजन फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी से संतुुष्ट नहीं हैं। मृतकों के परिजन शहर को बारूद के ढेर पर बैठाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।
उनका कहना है कि, आरोपी लोगों की गरीबी का फायदा उठाकर अपने कारखाने में काम कराता था। वहीं इकरा के परिजनों का कहना है कि, उसकी मां को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। इधर, उसे बरगलाकर कारखाने में काम करने के लिए बुला लिया गया। फिलहाल मोहल्ले में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।
शहर के दानिश मंदान मोहल्ले में मंगलवार की सुबह आतिशबाजी के कारखाने में आग लग जाने से आठ झुलस गए थे। इनमें से मां-बेटी समेत चार ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया, जबकि पांचवी किशोरी मुन्नी की बुधवार शाम मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक मुनव्वर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, मगर परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। मृतका इकरा के पिता कारपेंटर जमील सिसकते हुए कहते हैं कि, उनकी बेटी फैक्ट्री में काम नहीं करती थी।
बीवी शहाना के पैर में फ्रैक्चर होने से वह दिल्ली गए थे। इधर, आरोपी ने बरगलाकर उनकी बेटी को काम करने के लिए बुला लिया, वर्ना उनकी बेटी आज सबके बीच होती। वहीं चंदो उर्फ चांदनी के परिजनों का कहना था कि आतिशबाजी फैक्ट्री मालिक मुनव्वर लोगों की गरीबी का फायदा उठाता था और लोगों को झांसा देकर फैक्ट्री में काम कराता था। पुलिस प्रशासन से मिली भगत के कारण ही शहर की घनी आबादी के बीच उसका कारखाना चल रहा था। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
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इसी के साथ लगी आग में यहीं के तजामुल की दस वर्षीय बेटी मुन्नी के साथ ही आठ झुलस गए थे। सभी को जिला अस्पताल से टीएमयू मुरादाबाद लाया गया था। मां-बेटी समेत चार ने मंगलवार रात तक मुरादाबाद में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इसमें फातिमा (40) पत्नी लियाकत, इकरा (20) पुत्री जमील, सुहाना (डेढ़ वर्ष), चांदनी उर्फ चंदो पत्नी सिंकदर शामिल थी। चांदनी पांच माह की गर्भवती भी बताई जा रही थी। इन सभी को रात में ही सुपुर्द ए खाक कर दिया गया था।
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बाकी लोगों का उपचार चल रहा था। इधर, हादसे के दूसरे दिन बुधवार शाम को मुन्नी ने टीएमयू में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। परिजन मुरादाबाद से शव लेकर आ रहे हैं।
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इसी के साथ आतिशबाजी के कारखाने में आग लगने से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। कोतवाल शैलेंद्र प्रताप गौतम ने बताया कि मुन्नी की मुरादाबाद के टीएमयू में उपचार के दौरान मौत हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को सुपुर्द ए खाक किया जाएगा।
नई बस्ती में गम और गुस्सा एहतियातन पुलिस तैनात
आतिशबाजी की फैक्ट्री में धमाके के बाद लगी आग से झुलस कर पांच लोगों की मौत से मृतकों के घरों में कोहराम मचा है। इससे नई बस्ती मोहल्ले में गम और गुस्से का माहौल है। हर तरफ मातम है और अपनों को खोने वाले सुबक रहे हैं। कहीं लोग बदहवास हैं तो कइयों का गम में आंसू भी सूख गए हैं। परिजन फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी से संतुुष्ट नहीं हैं। मृतकों के परिजन शहर को बारूद के ढेर पर बैठाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं।
उनका कहना है कि, आरोपी लोगों की गरीबी का फायदा उठाकर अपने कारखाने में काम कराता था। वहीं इकरा के परिजनों का कहना है कि, उसकी मां को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। इधर, उसे बरगलाकर कारखाने में काम करने के लिए बुला लिया गया। फिलहाल मोहल्ले में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।
शहर के दानिश मंदान मोहल्ले में मंगलवार की सुबह आतिशबाजी के कारखाने में आग लग जाने से आठ झुलस गए थे। इनमें से मां-बेटी समेत चार ने मंगलवार रात दम तोड़ दिया, जबकि पांचवी किशोरी मुन्नी की बुधवार शाम मौत हो गई। हादसे के बाद फैक्ट्री मालिक मुनव्वर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, मगर परिजन इससे संतुष्ट नहीं हैं। मृतका इकरा के पिता कारपेंटर जमील सिसकते हुए कहते हैं कि, उनकी बेटी फैक्ट्री में काम नहीं करती थी।
बीवी शहाना के पैर में फ्रैक्चर होने से वह दिल्ली गए थे। इधर, आरोपी ने बरगलाकर उनकी बेटी को काम करने के लिए बुला लिया, वर्ना उनकी बेटी आज सबके बीच होती। वहीं चंदो उर्फ चांदनी के परिजनों का कहना था कि आतिशबाजी फैक्ट्री मालिक मुनव्वर लोगों की गरीबी का फायदा उठाता था और लोगों को झांसा देकर फैक्ट्री में काम कराता था। पुलिस प्रशासन से मिली भगत के कारण ही शहर की घनी आबादी के बीच उसका कारखाना चल रहा था। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।