{"_id":"64dfd42f2106bbdb7f02df49","slug":"uproar-of-woman-who-reached-collectorate-regarding-daughter-jpnagar-news-c-284-1-jpn1001-3101-2023-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: तीन साल की बेटी को लेकर कलक्ट्रेट पहुंची महिला का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: तीन साल की बेटी को लेकर कलक्ट्रेट पहुंची महिला का हंगामा
विज्ञापन
अमरोहा। हसनपुर में नगर पालिका वार्ड सभासद पद प्रत्याशी मधुसूदन की मौत के साढ़े तीन महीने बाद कलक्ट्रेट पहुंची उनकी पत्नी सुमित्रा देवी ने जमकर हंगामा किया। प्रशासनिक अधिकारियों पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलवाने और हत्या की बजाए गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया। साथ ही पीड़िता ने प्रकरण में संलिप्त अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। वहीं पीड़िता ने प्रशासनिक अधिकारियों पर लगातार फैसले का दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
मामला हसनपुर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला कायस्थान की रहने वाली सुमित्रा का आरोप है उनके पति मधुसूदन नगर पालिका परिषद हसनपुर के वार्ड-14 से सभासद पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। तीन मई 2023 की रात ब्लॉक की सरकारी कॉलोनी चुनाव प्रचार के लिए गए थे। तभी एसडीएम हसनपुर के ड्राइवर जगदीश चंद्र जोशी, उसके दो बेटे पंकज कुमार और विजय कुमार व अर्दली चंदन सिंह ने लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जबकि आरोपी पंकज ने लोहे की रोड से सिर पर हमला कर दिया था। जिससे मधुसूदन घायल हो गए थे और चार मई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुमित्रा देवी मामले में कई बार एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मृतक मधुसूदन का पोस्टमार्टम कराया गया तो प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपियों के साथ मिलकर रिपोर्ट हत्या को ब्रेन हेमरेज में तब्दील करा दिया। बाद में हसनपुर पुलिस ने एकराय होकर आरोपियों के खिलाफ हत्या की जगह गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़िता तभी से आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए गुहार लगा रही है। पीड़िता ने हत्याकांड में संलिप्त प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार उसके ऊपर फैसले का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता के पास तीन साल की एक बेटी है और परिवार में पालन पोषण करने वाला कोई नहीं बचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला हसनपुर कोतवाली से जुड़ा है। मोहल्ला कायस्थान की रहने वाली सुमित्रा का आरोप है उनके पति मधुसूदन नगर पालिका परिषद हसनपुर के वार्ड-14 से सभासद पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे थे। तीन मई 2023 की रात ब्लॉक की सरकारी कॉलोनी चुनाव प्रचार के लिए गए थे। तभी एसडीएम हसनपुर के ड्राइवर जगदीश चंद्र जोशी, उसके दो बेटे पंकज कुमार और विजय कुमार व अर्दली चंदन सिंह ने लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जबकि आरोपी पंकज ने लोहे की रोड से सिर पर हमला कर दिया था। जिससे मधुसूदन घायल हो गए थे और चार मई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
सुमित्रा देवी मामले में कई बार एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोतवाली गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मृतक मधुसूदन का पोस्टमार्टम कराया गया तो प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपियों के साथ मिलकर रिपोर्ट हत्या को ब्रेन हेमरेज में तब्दील करा दिया। बाद में हसनपुर पुलिस ने एकराय होकर आरोपियों के खिलाफ हत्या की जगह गैरइरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़िता तभी से आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए गुहार लगा रही है। पीड़िता ने हत्याकांड में संलिप्त प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी लगातार उसके ऊपर फैसले का दबाव बना रहे हैं। पीड़िता के पास तीन साल की एक बेटी है और परिवार में पालन पोषण करने वाला कोई नहीं बचा है।
विज्ञापन