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Amroha News: तीन क्रॉसिंगों पर बनेंगे अंडरपास, निर्माण शुरू
Wed, 11 Dec 2024 04:57 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 11 Dec 2024 04:57 AM IST
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गजरौला (अमरोहा)।
दिल्ली-लखनऊ रेल लाइन के तीन फाटकों पर अंडरपास बनाए जाने का काम शुरू हो गया है। एक अंडरपास के निर्माण पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। दस माह में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अंडरपास का निर्माण होने तक तीनों फाटकों के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।
दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर पृथ्वीपुर कलां और मोढ़ी जट के बीच रेलवे का फाटक संख्या-13 है। वहीं, फाटक संख्या-10 सिरसा मोहन व कमालपुर पट्टी और फाटक संख्या-22 मीरा सराय व पचोकरा गांव के बीच में पड़ता है। इस रूट से दिनभर कई ट्रेनें गुजरती हैं। जिनके लिए बार-बार फाटक बंद होते है।
इसके कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती हैं। कई बार जाम भी लग जाता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए अब तीनों फाटकों पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया। एक फाटक पर चार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। चार दिन पहले अंडरपास बनाए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया। दस माह में अंडरपास बनाए जाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रेल फाटक बंद होने पर फंसते हैं किसान
इस रूट पर बने फाटक ग्रामीण अंचलों में हैं। जिनसे ग्रामीणों का खेतों, अमरोहा, पाकबड़ा और मुरादाबाद को आना जाना होता है। इस लाइन पर 24 घंटे में 100 से अधिक ट्रेन गुजरती हैं। जिनके लिए काफी देर तक फाटक बंद करना पड़ता है। इस कारण दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग जाती है। गन्ने के सीजन में दिक्कत और बढ़ जाती है। फाटक बंद हो जाने पर गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉली व बुग्गी फंस जाते हैं। कड़ाके की सर्दी में किसानों को फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो एंबुलेंस भी फाटक बंद होने के कारण रोकनी पड़ती है।
पृथ्वीपुर व अदलपुर ताज मार्ग से निकाले जा रहे वाहन
तीनों फाटकों पर कार्य चलने के चलते वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जा रहा है। फाटक संख्या 13 के वाहन 15 संख्या से निकाले जा रहे हैं। फाटक संख्या 10 से जाने वाले वाहन पास वाले से चक्कालीलेट मार्ग वाले फाटक से गुजरेंगे, जबकि फाटक संख्या 19 वाले वाहन अदलपुर ताज वाले फाटक संख्या 17 से गुजरेंगे। इसके लिए रेलवे द्वारा जगह-जगह बैनर व साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं।
50 गांव के लोगों की राह होगी आसान
कैलसा क्षेत्र में तीनों फाटकों पर बन रहे अंडरपास से 50 गांवों के ग्रामीणों की राह सुगम होगी। हालांकि, अभी उन्हें दस माह का इंतजार करते हुए दूसरे मार्गों से गुजरना होगा। तीनाें अंडरपास बनने के बाद तेलीपुरा, कैलसा, केसोपुर, रघुनाथपुर, अदलपुर, वैदपुर चक, मंझोला, पृथ्वीपुर, बारसपुर, मोढ़ी जट, पट्टी, कुम्हारिया, जलीलपुर बक्काल, मानकजुड़ी, फूलपुर, अदलपुर, जलालपुर सकैनिया, भटपुरा व सलेमपुर सराय आदि गांव के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।
- तीन स्थानों पर अंडरपास बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। दस महीने में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि एक अंडरपास जो फाटक-12 पर बनेगा, उसे रेलवे का निर्माण विभाग बनाएगा। - नवीन पाल, सीनियर सेक्शन इंजीनियर
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दिल्ली-लखनऊ रेल लाइन के तीन फाटकों पर अंडरपास बनाए जाने का काम शुरू हो गया है। एक अंडरपास के निर्माण पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। दस माह में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अंडरपास का निर्माण होने तक तीनों फाटकों के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा।
दिल्ली-लखनऊ रेलवे लाइन पर पृथ्वीपुर कलां और मोढ़ी जट के बीच रेलवे का फाटक संख्या-13 है। वहीं, फाटक संख्या-10 सिरसा मोहन व कमालपुर पट्टी और फाटक संख्या-22 मीरा सराय व पचोकरा गांव के बीच में पड़ता है। इस रूट से दिनभर कई ट्रेनें गुजरती हैं। जिनके लिए बार-बार फाटक बंद होते है।
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इसके कारण दोनों ओर वाहनों की कतार लग जाती हैं। कई बार जाम भी लग जाता है। इस परेशानी को दूर करने के लिए अब तीनों फाटकों पर अंडरपास बनाने का निर्णय लिया गया। एक फाटक पर चार करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। चार दिन पहले अंडरपास बनाए जाने का काम भी शुरू कर दिया गया। दस माह में अंडरपास बनाए जाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
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रेल फाटक बंद होने पर फंसते हैं किसान
इस रूट पर बने फाटक ग्रामीण अंचलों में हैं। जिनसे ग्रामीणों का खेतों, अमरोहा, पाकबड़ा और मुरादाबाद को आना जाना होता है। इस लाइन पर 24 घंटे में 100 से अधिक ट्रेन गुजरती हैं। जिनके लिए काफी देर तक फाटक बंद करना पड़ता है। इस कारण दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग जाती है। गन्ने के सीजन में दिक्कत और बढ़ जाती है। फाटक बंद हो जाने पर गन्ना लदे ट्रैक्टर ट्रॉली व बुग्गी फंस जाते हैं। कड़ाके की सर्दी में किसानों को फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार तो एंबुलेंस भी फाटक बंद होने के कारण रोकनी पड़ती है।
पृथ्वीपुर व अदलपुर ताज मार्ग से निकाले जा रहे वाहन
तीनों फाटकों पर कार्य चलने के चलते वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जा रहा है। फाटक संख्या 13 के वाहन 15 संख्या से निकाले जा रहे हैं। फाटक संख्या 10 से जाने वाले वाहन पास वाले से चक्कालीलेट मार्ग वाले फाटक से गुजरेंगे, जबकि फाटक संख्या 19 वाले वाहन अदलपुर ताज वाले फाटक संख्या 17 से गुजरेंगे। इसके लिए रेलवे द्वारा जगह-जगह बैनर व साइन बोर्ड लगा दिए गए हैं।
50 गांव के लोगों की राह होगी आसान
कैलसा क्षेत्र में तीनों फाटकों पर बन रहे अंडरपास से 50 गांवों के ग्रामीणों की राह सुगम होगी। हालांकि, अभी उन्हें दस माह का इंतजार करते हुए दूसरे मार्गों से गुजरना होगा। तीनाें अंडरपास बनने के बाद तेलीपुरा, कैलसा, केसोपुर, रघुनाथपुर, अदलपुर, वैदपुर चक, मंझोला, पृथ्वीपुर, बारसपुर, मोढ़ी जट, पट्टी, कुम्हारिया, जलीलपुर बक्काल, मानकजुड़ी, फूलपुर, अदलपुर, जलालपुर सकैनिया, भटपुरा व सलेमपुर सराय आदि गांव के ग्रामीणों को फायदा मिलेगा।
- तीन स्थानों पर अंडरपास बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। दस महीने में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि एक अंडरपास जो फाटक-12 पर बनेगा, उसे रेलवे का निर्माण विभाग बनाएगा। - नवीन पाल, सीनियर सेक्शन इंजीनियर