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बसपा नेता की हत्या में छह को उम्रकैद, जुर्माना
ब्यूरो/अमर उजाला, अमरोहा
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:18 AM IST
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हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव वसीकला निवासी नेमपाल पुत्र किशोरी बसपा का जिला सचिव और खड़गवंशी समाज का मंडल कोआर्डिनेटर था। 24 अगस्त 2011 को हसनपुर के मोहल्ला मनापुर अपनी ससुराल आया था।
रात करीब दस बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया और नेमपाल को आवाज देकर बाहर बुला लिया। जैसे ही नेमपाल बाहर आया, तभी तीन लोगों ने उसे पकड़ लिया और एक ने गोली मार दी। इसके बाद हमलावर बाइक पर बैठकर फरार हो गए।
नेमपाल ने मेरठ के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके बाद मृतक के ससुर गजराम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कुछ दिन बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया और इस मामले में मनापुर के विनय पुत्र लाला राम, पिंटू पुत्र महेंद्र कथना सैदनगली, विजेंद्र पुत्र महेंद्र सिंह, वीरेश पुत्र रामदास निवासी सारंगपुर, चन्ना उर्फ चरन सिंह पुत्र जसवीर हयातनगर, कपिल पुत्र लाल सिंह एचौड़ा थाना असमोली (संभल) को पकड़ कर जेल भिजवा दिया।
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ये सभी आरोपी जमानत पर थे। सुनवाई के बाद एडीजे बीडी भारती ने सभी को दोषी पाया। इस पर सभी को उम्रकैद और 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोपहर दो बजे जब न्यायाधीश फैसला सुना रहे थे तब विनय कचहरी में मौजूद था, लेकिन फैसला आने से पहले ही वह फरार हो गया। न्यायाधीश ने फरार अभियुक्त विनय का गैर जमानती वारंट व गवाहों के वारंट जारी कर दिए हैं, जबकि विनय के घर की कुर्की के आदेश दिए है।
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विनय ने पुलिस को बताया था कि, उसने बसपा नेता की हत्या अपनी बहन से छेड़छाड़ पर की थी। इसको लेकर उसने हत्या करने की योजना बनाई और भाड़े के हत्यारों को साथ लेकर घटना को अंजाम दे डाला।
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रात करीब दस बजे किसी ने दरवाजा खटखटाया और नेमपाल को आवाज देकर बाहर बुला लिया। जैसे ही नेमपाल बाहर आया, तभी तीन लोगों ने उसे पकड़ लिया और एक ने गोली मार दी। इसके बाद हमलावर बाइक पर बैठकर फरार हो गए।
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नेमपाल ने मेरठ के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इसके बाद मृतक के ससुर गजराम की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कुछ दिन बाद पुलिस ने घटना का खुलासा किया और इस मामले में मनापुर के विनय पुत्र लाला राम, पिंटू पुत्र महेंद्र कथना सैदनगली, विजेंद्र पुत्र महेंद्र सिंह, वीरेश पुत्र रामदास निवासी सारंगपुर, चन्ना उर्फ चरन सिंह पुत्र जसवीर हयातनगर, कपिल पुत्र लाल सिंह एचौड़ा थाना असमोली (संभल) को पकड़ कर जेल भिजवा दिया।
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ये सभी आरोपी जमानत पर थे। सुनवाई के बाद एडीजे बीडी भारती ने सभी को दोषी पाया। इस पर सभी को उम्रकैद और 75-75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोपहर दो बजे जब न्यायाधीश फैसला सुना रहे थे तब विनय कचहरी में मौजूद था, लेकिन फैसला आने से पहले ही वह फरार हो गया। न्यायाधीश ने फरार अभियुक्त विनय का गैर जमानती वारंट व गवाहों के वारंट जारी कर दिए हैं, जबकि विनय के घर की कुर्की के आदेश दिए है।
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विनय ने पुलिस को बताया था कि, उसने बसपा नेता की हत्या अपनी बहन से छेड़छाड़ पर की थी। इसको लेकर उसने हत्या करने की योजना बनाई और भाड़े के हत्यारों को साथ लेकर घटना को अंजाम दे डाला।