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तिगरी मेला : गंगा में डूबते को बचाएंगे 21 गोताखोर
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कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी गंगा में डुबकी लगाने वाले श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के लिए 21 गोताखोर और मल्लाह 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे। गंगा घाटों पर इतनी ही नाव भी लगाई गई हैं। इसके अलावा पुलिस और पीएसी मुस्तैद रहेगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में गंगा की रेती पर लगने वाले मेले में करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। मुख्य स्नान पर श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ जाती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 8 नवंबर की सुबह होगा। गंगा की रेती में तंबुओं का शहर बसना शुरू हो गया है। भीड़ के चलते बच्चों व महिलाओं के गहरे पानी में डूबने की आशंका बनी रहती है। कई बार इस तरह की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी आशंका के चलते जिला प्रशासन ने मेले में 21 नाव का इंतजाम किया है। प्रत्येक नाव पर एक-एक मल्लाह और एक-एक गोताखोर को लगाया जाएगा। जो गंगा में डूबने वालों को बचाने का काम करेंगे। ये नाव 24 घंटे घाटों पर मुस्तैद रहेंगी।
डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि मल्लाह और गोताखोर नावों पर 24 घंटे मुस्तैद रहकर डूबने वालों को बचाएंगे। इसके अलावा घाटों पर पुलिस और पीएसी भी तैनात रहेगी।
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कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी में गंगा की रेती पर लगने वाले मेले में करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाकर पुण्य कमाते हैं। मुख्य स्नान पर श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ जाती है। इस बार कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 8 नवंबर की सुबह होगा। गंगा की रेती में तंबुओं का शहर बसना शुरू हो गया है। भीड़ के चलते बच्चों व महिलाओं के गहरे पानी में डूबने की आशंका बनी रहती है। कई बार इस तरह की घटनाएं भी हो चुकी हैं। इसी आशंका के चलते जिला प्रशासन ने मेले में 21 नाव का इंतजाम किया है। प्रत्येक नाव पर एक-एक मल्लाह और एक-एक गोताखोर को लगाया जाएगा। जो गंगा में डूबने वालों को बचाने का काम करेंगे। ये नाव 24 घंटे घाटों पर मुस्तैद रहेंगी।
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डीएम बीके त्रिपाठी ने बताया कि मल्लाह और गोताखोर नावों पर 24 घंटे मुस्तैद रहकर डूबने वालों को बचाएंगे। इसके अलावा घाटों पर पुलिस और पीएसी भी तैनात रहेगी।
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