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बनने लगीं अस्थायी सड़कें और सुरक्षा को वाॅच टॉवर
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 01 Nov 2016 12:32 AM IST
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गजरौला के तिगरी में गंगा तट पर कटान कर रही गंगा।
- फोटो : amar ujala
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कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले ऐतिहासिक गंगा मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। अस्थाई सड़कें और वाच टॉवर बनाने का कार्य भी तेज हो गया है। यूं तो मुख्य गंगा स्नान 14 नवंबर को है, लेकिन 6-7 नवंबर से श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू होने का अनुमान है। इसको लेकर सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के पति ने दर्जनों जिला पंचायत सदस्यों के साथ तिगरी धाम पहुंचकर मेले की तैयारियों का निरीक्षण किया। पांच दिन बाद तिगरी धाम तंबुओं के शहर में तब्दील हो जाएगा।
तिगरी गंगा मेला सात नवंबर से शुरू होकर पंद्रह-सोलह नवंबर तक चलेगा। मुख्य स्नान चौदह नवंबर को होगा। इस बार मेले में बारह से पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी इलाकों से अधिकांश श्रद्धालु बुग्गी भैंसा, बैल गाड़ी, घोड़ा गाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली से मेला पहुंचते हैं।
गंगा किनारे डेरा डालकर दोस्तों व परिवार संग रहना शुरू कर देते हैं। ऐतिहासिक मेेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी के पति सरजीत सिंह चौधरी ने दर्जनों जिला पंचायत सदस्यों के साथ तिगरी धाम पहुंचकर मेला की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान ठेकेदार से जल्द ही कार्य पूरा कराने के लिए कहा। मेला स्थल पर अस्थाई सड़कों का निर्माण शुरू हो गया।
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करीब तीन-चार किलोमीटर की अस्थाई सड़क बनाई भी जा चुुकी है। इसके अलावा घाटों पर साफ-सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। दो दर्जन से ज्यादा मजदूर घाटों की सफाई कार्य में लगे हुए हैं। अगले चार-पांच दिनों में तिगरी धाम तंबुओं के शहर में तब्दील हो जाएगा।
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तिगरी गंगा मेला सात नवंबर से शुरू होकर पंद्रह-सोलह नवंबर तक चलेगा। मुख्य स्नान चौदह नवंबर को होगा। इस बार मेले में बारह से पंद्रह लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी इलाकों से अधिकांश श्रद्धालु बुग्गी भैंसा, बैल गाड़ी, घोड़ा गाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली से मेला पहुंचते हैं।
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गंगा किनारे डेरा डालकर दोस्तों व परिवार संग रहना शुरू कर देते हैं। ऐतिहासिक मेेले की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सोमवार को जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी के पति सरजीत सिंह चौधरी ने दर्जनों जिला पंचायत सदस्यों के साथ तिगरी धाम पहुंचकर मेला की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान ठेकेदार से जल्द ही कार्य पूरा कराने के लिए कहा। मेला स्थल पर अस्थाई सड़कों का निर्माण शुरू हो गया।
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करीब तीन-चार किलोमीटर की अस्थाई सड़क बनाई भी जा चुुकी है। इसके अलावा घाटों पर साफ-सफाई का कार्य तेजी से चल रहा है। दो दर्जन से ज्यादा मजदूर घाटों की सफाई कार्य में लगे हुए हैं। अगले चार-पांच दिनों में तिगरी धाम तंबुओं के शहर में तब्दील हो जाएगा।