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धुएं के बीच चलती बस से बेटे को फेंक बचाई जान
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The son was saved by throwing his son from the moving bus amidst the smoke.
- फोटो : JPNAGAR
सोहराब गेट डिपो की बस में धुआं उठने पर सवारियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक महिला ने बेटे की जान बचाने के लिए उसे चलती बस से फेंक दिया और बाद में खुद भी बस से कूद गई। इससे दोनों घायल हो गए, जिनका उपचार सीएचसी गजरौला में किया गया।
बुधवार शाम करीब चार बजे सोहराब गेट डिपो की बस मेरठ से बरेली जा रही थी। बस में चालक प्रदीप और परिचालक अंकित थे और बस में करीब 45 यात्री सवार थे। जैसे ही बस रजबपुर थानाक्षेत्र में वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के सामने पहुंची तभी अचानक बस की हेडलाइट की वायरिंग में आग लग गई। थोड़ी देर में धुआं उठने लगा। धुआं देखकर यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इससे पहले चालक बस रोकता, यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। मेरठ निवासी महिला यात्री अमिता ने चलती बस से पहले अपने बेटे हरसू को खिड़की के जरिए बाहर फेंका और फिर खुद ने भी उसी खिड़की से छलांग लगा दी। चालक ने बस को रोककर सवारियों को बाहर निकला। जबकि घायल मां-बेटे को गजरौला सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से दोनों को मेरठ के लिए भेज दिया।
बस में आग लगने की सूचना पर पहले टोल प्लाजा पहुंची पुलिस
रजबपुर। रोडवेज बस में आग लगने की सूचना पर पुलिस सही लोकेशन तलाशती रही। बाद में सही जानकारी मिलने पर मौके पर पहुुंची। सोहराब गेट डिपो की बस में धुआं उठता देख चालक के होश उड़ गए। उसने बस को साइड में लगाया और परिचालक व यात्रियों को सकुशल नीचे उतरवाया। इसी बीच किसी ने आग लगने की सूचना पुलिस को दे दी। सही लोकेशन न मिलने पर कारण पुलिस भटकती रही। पुलिस ने पहले टोल प्लाजा की ओर दौड़ लगाई मगर वहां कुछ नहीं मिला तो फिर से सही लोकेशन की जानकारी हासिल की। इंस्पेक्टर रमेश सहरावत ने बताया कि पहले सही लोकेशन नहीं मिली थी। कुछ देर में सही लोकेशन मिलने पर वेंकेटश्वरा यूनिवर्सिटी की ओर पहुंच गए। वहां पर रोडवेज बस एक साइड में खड़ी मिली। पूछताछ में पता चला कि बस की वायर में आग लग गई थी।
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बच गया बड़ा हादसा
रजबपुर। मेरठ से बरेली के लिए चली रोडवेज की बस में 45 सवारी मौजूद थीं। इसमें अधिकांश महिलाएं थी जो भैया दूज पर भाइयों के घर जा रही थीं। उनके साथ बच्चे भी सवार थे लेकिन अचानक बस की हेडलाइट की वायरिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही की आग ने विकराल रूप धारण नहीं किया। वरना बड़ी घटना हो सकती। इसमें चालक प्रदीप और परिचालक अंकित की सूझबूझ भी काम आई। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।
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बुधवार शाम करीब चार बजे सोहराब गेट डिपो की बस मेरठ से बरेली जा रही थी। बस में चालक प्रदीप और परिचालक अंकित थे और बस में करीब 45 यात्री सवार थे। जैसे ही बस रजबपुर थानाक्षेत्र में वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी के सामने पहुंची तभी अचानक बस की हेडलाइट की वायरिंग में आग लग गई। थोड़ी देर में धुआं उठने लगा। धुआं देखकर यात्रियों में अफरातफरी मच गई। इससे पहले चालक बस रोकता, यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। मेरठ निवासी महिला यात्री अमिता ने चलती बस से पहले अपने बेटे हरसू को खिड़की के जरिए बाहर फेंका और फिर खुद ने भी उसी खिड़की से छलांग लगा दी। चालक ने बस को रोककर सवारियों को बाहर निकला। जबकि घायल मां-बेटे को गजरौला सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से दोनों को मेरठ के लिए भेज दिया।
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बस में आग लगने की सूचना पर पहले टोल प्लाजा पहुंची पुलिस
रजबपुर। रोडवेज बस में आग लगने की सूचना पर पुलिस सही लोकेशन तलाशती रही। बाद में सही जानकारी मिलने पर मौके पर पहुुंची। सोहराब गेट डिपो की बस में धुआं उठता देख चालक के होश उड़ गए। उसने बस को साइड में लगाया और परिचालक व यात्रियों को सकुशल नीचे उतरवाया। इसी बीच किसी ने आग लगने की सूचना पुलिस को दे दी। सही लोकेशन न मिलने पर कारण पुलिस भटकती रही। पुलिस ने पहले टोल प्लाजा की ओर दौड़ लगाई मगर वहां कुछ नहीं मिला तो फिर से सही लोकेशन की जानकारी हासिल की। इंस्पेक्टर रमेश सहरावत ने बताया कि पहले सही लोकेशन नहीं मिली थी। कुछ देर में सही लोकेशन मिलने पर वेंकेटश्वरा यूनिवर्सिटी की ओर पहुंच गए। वहां पर रोडवेज बस एक साइड में खड़ी मिली। पूछताछ में पता चला कि बस की वायर में आग लग गई थी।
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बच गया बड़ा हादसा
रजबपुर। मेरठ से बरेली के लिए चली रोडवेज की बस में 45 सवारी मौजूद थीं। इसमें अधिकांश महिलाएं थी जो भैया दूज पर भाइयों के घर जा रही थीं। उनके साथ बच्चे भी सवार थे लेकिन अचानक बस की हेडलाइट की वायरिंग में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही की आग ने विकराल रूप धारण नहीं किया। वरना बड़ी घटना हो सकती। इसमें चालक प्रदीप और परिचालक अंकित की सूझबूझ भी काम आई। जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया।