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Amroha News: फिर उफनाई गंगा...खादर के खेत जलमग्न
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मंडी धनौरा/हसनपुर। बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे मंडी धनौरा और हसनपुर तहसील के खादर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। हालांकि अब तक किसी गांव में पानी नहीं घुसा है, लेकिन खेत जलमग्न होने से किसानों और पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब 40 गांवों में पशुओं के लिए हरे चारे का संकट गहरा गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पेयजल और आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
मंडी धनौरा क्षेत्र के पपसरी खादर, सीपीया फार्म, मुकारमपुर, शाहजहांपुर छात, विशावली और रसूलपुर भांवर के खेतों में गंगा का पानी फैल गया है। वहीं हसनपुर क्षेत्र के सिरसा गुर्जर की मढ़ैया और गंगानगर में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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खेत डूबे, किसानों की बढ़ी चिंता
बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खादर क्षेत्र के सैकड़ों बीघा खेतों में गंगा का पानी भर गया। दो दिन पहले जलस्तर घटने से किसानों को राहत मिली थी, लेकिन शुक्रवार तड़के दोबारा पानी पहुंचने से चिंता बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसल और चारे की भूमि प्रभावित होने से किसान नुकसान की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीणों ने अधूरे तटबंध का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
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जान जोखिम में डालकर ला रहे पशुओं के लिए चारा
खादर क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के लिए हरा चारा जुटाने की है। पपसरी खादर निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि पानी भरे क्षेत्रों से होकर चारा लाना जोखिम भरा हो गया है। सीपीया फार्म समेत कई गांवों में पशुपालक चारे की कमी से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो पशुपालन पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
शाहजहांपुर छात में पेयजल की परेशानी
तटबंध के दूसरी ओर बसे शाहजहांपुर छात गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण हरपाल सिंह ने बताया कि साफ पानी के लिए ट्यूबवेल तक पहुंचना पड़ रहा है और भोजन बनाने के लिए दूसरी ओर से पानी लाना मजबूरी बन गई है। जलभराव के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है और लोगों को जरूरी सामान लाने में भी कठिनाई हो रही है।
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे प्रभावित परिवार
हसनपुर तहसील के सिरसा गुर्जर की मढ़ैया और गंगानगर में जलभराव बढ़ने पर प्रशासन ने पहले ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। एसडीएम के निरीक्षण के बाद झोपड़ियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। अधिकांश परिवार सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं, जबकि शेष लोग भी धीरे-धीरे सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं।
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मंडी धनौरा क्षेत्र के पपसरी खादर, सीपीया फार्म, मुकारमपुर, शाहजहांपुर छात, विशावली और रसूलपुर भांवर के खेतों में गंगा का पानी फैल गया है। वहीं हसनपुर क्षेत्र के सिरसा गुर्जर की मढ़ैया और गंगानगर में जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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खेत डूबे, किसानों की बढ़ी चिंता
बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद खादर क्षेत्र के सैकड़ों बीघा खेतों में गंगा का पानी भर गया। दो दिन पहले जलस्तर घटने से किसानों को राहत मिली थी, लेकिन शुक्रवार तड़के दोबारा पानी पहुंचने से चिंता बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसल और चारे की भूमि प्रभावित होने से किसान नुकसान की आशंका जता रहे हैं। ग्रामीणों ने अधूरे तटबंध का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।
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जान जोखिम में डालकर ला रहे पशुओं के लिए चारा
खादर क्षेत्र के ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती पशुओं के लिए हरा चारा जुटाने की है। पपसरी खादर निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि पानी भरे क्षेत्रों से होकर चारा लाना जोखिम भरा हो गया है। सीपीया फार्म समेत कई गांवों में पशुपालक चारे की कमी से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ा तो पशुपालन पर भी गंभीर असर पड़ेगा।
शाहजहांपुर छात में पेयजल की परेशानी
तटबंध के दूसरी ओर बसे शाहजहांपुर छात गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण हरपाल सिंह ने बताया कि साफ पानी के लिए ट्यूबवेल तक पहुंचना पड़ रहा है और भोजन बनाने के लिए दूसरी ओर से पानी लाना मजबूरी बन गई है। जलभराव के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है और लोगों को जरूरी सामान लाने में भी कठिनाई हो रही है।
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जा रहे प्रभावित परिवार
हसनपुर तहसील के सिरसा गुर्जर की मढ़ैया और गंगानगर में जलभराव बढ़ने पर प्रशासन ने पहले ही सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। एसडीएम के निरीक्षण के बाद झोपड़ियों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। अधिकांश परिवार सुरक्षित स्थानों पर पहुंच चुके हैं, जबकि शेष लोग भी धीरे-धीरे सुरक्षित ठिकानों की ओर जा रहे हैं।