{"_id":"576c39fa4f1c1bb576b484ca","slug":"subedar-ko-di-shradhanjali","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूबेदार को नम आंखों से दी विदाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूबेदार को नम आंखों से दी विदाई
ब्यूराे/अमर उजाला, अमराेेहा
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:05 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा के कैलसा में सेना के सूबेदार को अंतिम सलामी देता जवान।
- फोटो : अमर उजा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आर्मी के सूबेदार को नम आंखों से विदाई दी गई। सूबेदार की अंतिम यात्रा में क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल हो गए। सेना के जवानों ने शव को कंधा दिया। पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। शस्त्र झुकाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सूबेदार को अंतिम विदाई देते समय हर किसी की आंख नम हो गई।
देहात थाना क्षेत्र के नगलिया मीरा सराय गांव निवासी लोकेंद्र सिंह आर्मी में सूबेदार थे। जम्मू के उधमपुर में उनकी तैनाती थी। तीन दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान उनकी नस ब्लाक हो गई थीं। जिस पर आर्मी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सूबेदार ने दम तोड़ दिया।
बृहस्पतिवार की तड़के छह बजे बड़े सम्मान के साथ सेना के जवान उनका पार्थिव शव लेकर गांव में पहुंचे। सूबेदार का शव गांव में आते ही आसपास के गांवों लोग इकटठा हो गए। सेना के सूबेदार के अंतिम दर्शन के लिए हर कोई लालायित था।
विज्ञापन
सेना के जवानों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। शस्त्र झुकाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सेना के जवान ही सूबेदार के शव को श्मशान घाट तक ले गए। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल हुए। नम आंखों से श्रद्घांजलि देकर विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में शामिल हर किसी की आंख नम थी।
विज्ञापन
देहात थाना क्षेत्र के नगलिया मीरा सराय गांव निवासी लोकेंद्र सिंह आर्मी में सूबेदार थे। जम्मू के उधमपुर में उनकी तैनाती थी। तीन दिन पूर्व ड्यूटी के दौरान उनकी नस ब्लाक हो गई थीं। जिस पर आर्मी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान सूबेदार ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार की तड़के छह बजे बड़े सम्मान के साथ सेना के जवान उनका पार्थिव शव लेकर गांव में पहुंचे। सूबेदार का शव गांव में आते ही आसपास के गांवों लोग इकटठा हो गए। सेना के सूबेदार के अंतिम दर्शन के लिए हर कोई लालायित था।
विज्ञापन
सेना के जवानों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्घांजलि दी। शस्त्र झुकाकर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सेना के जवान ही सूबेदार के शव को श्मशान घाट तक ले गए। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग शामिल हुए। नम आंखों से श्रद्घांजलि देकर विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में शामिल हर किसी की आंख नम थी।