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Amroha News: मरीजों की आभा आईडी बनाने में पिछड़ रहे उपकेंद्र
Thu, 29 May 2025 01:39 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 29 May 2025 01:39 AM IST
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अमरोहा। भले ही सरकार मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हो, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते से मरीज को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि अमरोहा ब्लाॅक के 15 स्वास्थ्य केंद्र आभा आईडी बनाने में पिछड़ गए हैं।
इनमें से ज्यादातर उपकेंद्रों पर 50 फीसदी से कम मरीजों की ही आभा आईडी बन पाई हैं। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए सीएचओ और एएनएम का एक सप्ताह का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
आभा आईडी यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट 14 अंकों का यूनिक नंबर है। डिजिटल स्वास्थ्य खाते में मेडिकल रिकार्ड को डिजिटल रूप में रखा जा सकता है। इससे डॉक्टर और अस्पतालों को मरीज की बीमारी, ब्लड ग्रुप, दवाओं व कौन सी जांचें कराईं आदि की जानकारी आसानी से मिल जाती है। इससे मरीज का इलाज शुरू करने में डॉक्टरों को मदद मिलती है। आभा आईडी सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और आयुष्मान भारत योजना योजना का लाभ दिलाने में भी मदद करती है।
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आभा आईडी के माध्यम से मरीज देशभर में कहीं भी इलाज करा सकते हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग आभा आईडी बनाने पर जोर दे रहा है। वहीं, अमरोहा ब्लॉक के 15 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आभा आईडी बनाने की प्रगति बेहद धीमी है। उपकेंद्रों पर प्रशासन स्तर से आभा आईडी की प्रगति की समीक्षा के बाद नाराजगी जताई गई थी। ज्यादातर उपकेंद्रों पर 50 फीसदी से भी कम मरीजों की आभा आईडी बनाई गई हैं।
यह है आभा आईडी
आभा आईडी, जिसे आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट भी कहा जाता है। एक डिजिटल स्वास्थ्य आईडी है जो भारत में लोगों को स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचने में मदद करती है। यह एक 14 अंकों की अद्वितीय संख्या है जो आपके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करती है। आभा आईडी आपके आभा कार्ड पर मौजूद होती है। जिसे आप अपने स्वास्थ्य विवरणों को साझा करने और सत्यापित करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए लोगों को मोबाइल पर आभा एप डाउनलोड करना होगा। अस्पतालों में पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उनकी आभा आईडी बननी चाहिए। जब लोग आभा एप और आईडी के माध्यम से पंजीकरण करेंगे तो उन्हें पर्ची काउंटर में लाइन नहीं लगानी होगी। काउंटर में पहुंचते ही उन्हें शुल्क जमा करना होगा और उन्हें तुरंत पर्ची मिल जाएगी।
नौगांवा सादात में सिर्फ दस फीसदी ही बन पाईं
नौगावां सादात उपकेंद्र पर तो लक्ष्य के मुकाबले केवल दस फीसदी मरीजों की ही आभा आईडी बनाई गई हैं। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सीएचओ व एएनएम आभा आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रही हैं। लापरवाही के चलते ब्लॉक की रैंक लगातार गिर रही है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आभा आईडी बनाने की प्रगति बढ़ाने की निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने पर संबंधित सीएचओ व एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इनमें से ज्यादातर उपकेंद्रों पर 50 फीसदी से कम मरीजों की ही आभा आईडी बन पाई हैं। सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए सीएचओ और एएनएम का एक सप्ताह का वेतन रोकने की चेतावनी दी है।
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आभा आईडी यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट 14 अंकों का यूनिक नंबर है। डिजिटल स्वास्थ्य खाते में मेडिकल रिकार्ड को डिजिटल रूप में रखा जा सकता है। इससे डॉक्टर और अस्पतालों को मरीज की बीमारी, ब्लड ग्रुप, दवाओं व कौन सी जांचें कराईं आदि की जानकारी आसानी से मिल जाती है। इससे मरीज का इलाज शुरू करने में डॉक्टरों को मदद मिलती है। आभा आईडी सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और आयुष्मान भारत योजना योजना का लाभ दिलाने में भी मदद करती है।
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आभा आईडी के माध्यम से मरीज देशभर में कहीं भी इलाज करा सकते हैं। इसी के चलते स्वास्थ्य विभाग आभा आईडी बनाने पर जोर दे रहा है। वहीं, अमरोहा ब्लॉक के 15 स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आभा आईडी बनाने की प्रगति बेहद धीमी है। उपकेंद्रों पर प्रशासन स्तर से आभा आईडी की प्रगति की समीक्षा के बाद नाराजगी जताई गई थी। ज्यादातर उपकेंद्रों पर 50 फीसदी से भी कम मरीजों की आभा आईडी बनाई गई हैं।
यह है आभा आईडी
आभा आईडी, जिसे आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट भी कहा जाता है। एक डिजिटल स्वास्थ्य आईडी है जो भारत में लोगों को स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचने में मदद करती है। यह एक 14 अंकों की अद्वितीय संख्या है जो आपके स्वास्थ्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रूप से संग्रहीत करती है। आभा आईडी आपके आभा कार्ड पर मौजूद होती है। जिसे आप अपने स्वास्थ्य विवरणों को साझा करने और सत्यापित करने के लिए उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए लोगों को मोबाइल पर आभा एप डाउनलोड करना होगा। अस्पतालों में पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उनकी आभा आईडी बननी चाहिए। जब लोग आभा एप और आईडी के माध्यम से पंजीकरण करेंगे तो उन्हें पर्ची काउंटर में लाइन नहीं लगानी होगी। काउंटर में पहुंचते ही उन्हें शुल्क जमा करना होगा और उन्हें तुरंत पर्ची मिल जाएगी।
नौगांवा सादात में सिर्फ दस फीसदी ही बन पाईं
नौगावां सादात उपकेंद्र पर तो लक्ष्य के मुकाबले केवल दस फीसदी मरीजों की ही आभा आईडी बनाई गई हैं। बार-बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सीएचओ व एएनएम आभा आईडी बनाने में रुचि नहीं ले रही हैं। लापरवाही के चलते ब्लॉक की रैंक लगातार गिर रही है। सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आभा आईडी बनाने की प्रगति बढ़ाने की निर्देश दिए हैं। लापरवाही करने पर संबंधित सीएचओ व एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।