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किसान बोले-चालीस से पचास प्रतिशत आम पेड़ों से गिरे
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 30 May 2016 01:25 AM IST
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पाकिस्तानी आम को भारतीय आम देगा टक्कर
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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आम की अच्छी फसल देख जागी किसानों की उम्मीद पर मौसम ने शनिवार रात पानी फेर दिया। आंधी में पेड़ों की टहनियों पर लदे आम टिक नहीं सके और जमीन पर गिरकर चोटिल हो गए। इन चोटिल आम से बने खाद्य पदार्थों के जल्द खराब होने की अवगुण ही वजह से खरीदार नहीं मिल रहे हैं और जो बिक भी रहे हैं तो औने-पौने दाम में।
वहीं पकने के बाद बेचकर भारी मुनाफा की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को झटका लगा है। तबाही का मंजर देखकर बाग स्वामियों ने माथा पकड़ लिया है। उनका कहना है कि, आंधी से आम की चालीस से पचास प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। मंडी चोटिल कच्चे आम से अटी हुई है।
सुबह होने पर बाग स्वामी खेतों पर पहुंचे। आंधी से शेखूपुरा गुर्जर, मिलक पापड़ी, भजनपुरी, अमनीपुर, पचौकरा, अमरोहा, नौगावां सादात, जोया, रजबपुर, धनौरा, हसनपुर, सैदनंगली आदि क्षेत्र में आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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शेखूपुरा गुर्जर के षराणा सिंह गुर्जर का कहना है कि आंधी से आम की फसल को चालीस से पचास प्रतिशत का नुकसान हुआ है, अब तो लागत भी शायद ही वापस मिले। वहीं मिलक पापड़ी के बाबूराम ने बताया कि आंधी से आम के पेड़ भी टूट गाए हैं। उसको अभी पाल नहीं डाला जा सकता। कम अवधि के लिए अचार, चटनी आदि में इस्तेमाल हो पाएगा। टूटे हुए आम को मंडी में औने पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है। आंधी से बाग स्वामी से लेकर बाग ठेकेदारों को नुकसान हुआ है।
यही हाल रहा तो आम नहीं रहेगा ‘आम’
आंधी ने आम किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। शनिवार रात करीब नौ बजे से बारह बजे तक चली तेज हवाओं ने आम किसानों से व्यापारियों तक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यही हाल रहा तो पके आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाएंगे। रविवार सुबह बागों से लेकर मंडी समिति तक टूटकर गिरे आम ही आम दिखाई दे रहे थे। व्यापारियों के मुताबिक, मंडी समिति में हजारों क्विंटल आम पहुंचा, जो एक से दो रुपये किलो की दर से बेचने पड़े।
आम के लिए मशहूर जनपद अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में आंधी आफत बनकर टूटी। इससे आम उत्पादकों और व्यापारियों के चेहरों की रंगत उड़ गई। कनैटा रोड निवासी राशीद, गांव उधनपुर निवासी रोहित कुमार, गांव बावनखेड़ी निवासी फुरकान उर्फ बोवा, एवं शावेज ने बताया कि अब तक व्यापारियों ने आम को कई प्रकार के कीड़ों से बचाया था। लेकिन शनिवार की रात आई आंधी ने आम को बर्बाद कर दिया है। रविवार को मंडी समिति में आम भारी मात्रा में पहुंचा। इसलिए 1 से 2 रुपये किलो में बिका।
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वहीं पकने के बाद बेचकर भारी मुनाफा की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को झटका लगा है। तबाही का मंजर देखकर बाग स्वामियों ने माथा पकड़ लिया है। उनका कहना है कि, आंधी से आम की चालीस से पचास प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है। मंडी चोटिल कच्चे आम से अटी हुई है।
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सुबह होने पर बाग स्वामी खेतों पर पहुंचे। आंधी से शेखूपुरा गुर्जर, मिलक पापड़ी, भजनपुरी, अमनीपुर, पचौकरा, अमरोहा, नौगावां सादात, जोया, रजबपुर, धनौरा, हसनपुर, सैदनंगली आदि क्षेत्र में आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
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शेखूपुरा गुर्जर के षराणा सिंह गुर्जर का कहना है कि आंधी से आम की फसल को चालीस से पचास प्रतिशत का नुकसान हुआ है, अब तो लागत भी शायद ही वापस मिले। वहीं मिलक पापड़ी के बाबूराम ने बताया कि आंधी से आम के पेड़ भी टूट गाए हैं। उसको अभी पाल नहीं डाला जा सकता। कम अवधि के लिए अचार, चटनी आदि में इस्तेमाल हो पाएगा। टूटे हुए आम को मंडी में औने पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है। आंधी से बाग स्वामी से लेकर बाग ठेकेदारों को नुकसान हुआ है।
यही हाल रहा तो आम नहीं रहेगा ‘आम’
आंधी ने आम किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। शनिवार रात करीब नौ बजे से बारह बजे तक चली तेज हवाओं ने आम किसानों से व्यापारियों तक की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। यही हाल रहा तो पके आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाएंगे। रविवार सुबह बागों से लेकर मंडी समिति तक टूटकर गिरे आम ही आम दिखाई दे रहे थे। व्यापारियों के मुताबिक, मंडी समिति में हजारों क्विंटल आम पहुंचा, जो एक से दो रुपये किलो की दर से बेचने पड़े।
आम के लिए मशहूर जनपद अमरोहा के हसनपुर क्षेत्र में आंधी आफत बनकर टूटी। इससे आम उत्पादकों और व्यापारियों के चेहरों की रंगत उड़ गई। कनैटा रोड निवासी राशीद, गांव उधनपुर निवासी रोहित कुमार, गांव बावनखेड़ी निवासी फुरकान उर्फ बोवा, एवं शावेज ने बताया कि अब तक व्यापारियों ने आम को कई प्रकार के कीड़ों से बचाया था। लेकिन शनिवार की रात आई आंधी ने आम को बर्बाद कर दिया है। रविवार को मंडी समिति में आम भारी मात्रा में पहुंचा। इसलिए 1 से 2 रुपये किलो में बिका।