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Amroha News: बिना पंजीकरण चल रहा अस्पताल एसडीएम ने किया सील

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 23 Oct 2024 03:21 AM IST
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SDM sealed the hospital running without registration
मंडी धनौरा (अमरोहा)।
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बिना पंजीकरण चल रहे अस्पताल को शिकायत मिलने पर एसडीएम ने सील कर दिया है। अस्पताल में सोमवार रात एक महिला के डिलीवरी हुई थी। महिला और नवजात सरकारी अस्पताल भेजा गया है।
एसडीएम चंद्रकांता ने मंगलवार दोपहर बाईपास मार्ग स्थित एक अस्पताल पर छापा मारा। अस्पताल पर कोई बोर्ड नहीं लगा था। एसडीएम ने अस्पताल में मौजूद खुद को डॉक्टर बता रही महिला से रजिस्ट्रेशन संबंधी अभिलेख मांगे, जो वह नहीं दिखा पाई। अस्पताल के वार्ड में एक महिला भर्ती थी, जिसके पास एक नवजात शिशु भी था। डिलीवरी के संबंध में पूछने पर महिला ने बताया कि उसकी डिलीवरी मेरठ हुई है। लेकिन रेफर स्लिप और अन्य अभिलेख नहीं दिखा पाई। एसडीएम ने प्रसूता और नवजात को एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करा दिया।
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वहीं, अस्पताल में बने ऑपरेशन कक्ष की हालत भी काफी खराब मिली। एसडीएम ने महिला चिकित्सक को मरीजों की जान से खिलवाड़ करने का आरोप लगाते फटकार लगाई। एसडीएम ने अपनी मौजूदगी में अस्पताल को सील करा दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
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कमीशन के लालच में गर्भवती को निजी अस्पताल में भर्ती करा रहीं आशा

मंडी धनौरा।
कमीशन के लालच में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा वर्कर गर्भवतियों की डिलीवरी सरकारी अस्पताल में न कराकर निजी अस्पतालों में करा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक निजी अस्पतालों की ओर से उन्हें 10 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता है।

मंगलवार को एसडीएम द्वारा सील किए गए अस्पताल में जिस महिला की डिलीवरी हुई थी, उस गांव की आशा वर्कर का स्पष्टीकरण तलब करने के लिए एसडीएम ने सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिए हैं। नगर व ग्रामीण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बिना पंजीकरण के अस्पताल चल रहे हैं। इनमें सिर्फ महिलाओं की डिलीवरी ही होती है। निजी अस्पताल के संचालक आशा वर्कर्स के संपर्क में रहते हैं। वे गर्भवतियों को अपने अस्पताल में लाने के लिए आशा बहुओं को मोटा कमीशन देते हैं। सभी निजी अस्पतालों में प्रसव के लिए गर्भवती महिला का ऑपरेशन किया जाता है। संवाद

- सरकारी अस्पताल के अधीक्षक को महिला के गांव की आशा वर्कर का स्पष्टीकरण तलब करने के लिए कहा है। एसडीएम का कहना है कि आशा बहू का काम ही गर्भवती महिलाओं का पूरा ब्यौरा अपडेट रखना है। उन्होंने बताया कि वह इस संबंध में जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट प्रेषित कर रही हैं। - चंद्रकांता, एसडीएम
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