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पहले उपाध्यक्ष बनाया, पकड़ा गया तो मुकरे सपा जिलाध्यक्ष

Mon, 09 Jan 2017 12:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा Updated Mon, 09 Jan 2017 12:12 AM IST
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sapa distric president deny to reqruit vice president
समाजवादी पार्टी - फोटो : amar ujala
संभल के युवक का अपहरण कर फिरौती मांगने व आदर्श आचार संहिता के मुकदमे में फंसे नरेंद्र चौहान का सपा से पुराना नाता है। जिसकी गिरफ्तारी होते ही सपा जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह यादव द्वारा बोले गए झूठ की पोल खुलकर सामने आ गई है। जिलाध्यक्ष ने ही उसको सपा कार्यकारिणी में जिला उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी थी। बाकायदा मनोनयन पत्र जारी किया था, जिस पर जिलाध्यक्ष के हस्ताक्षर हैं। गंभीर आरोपों में पार्टी पदाधिकारी के पकड़े जाने से सपाइयों में खलबली मची है।
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शुक्रवार की रात पुलिस अधीक्षक डा. शिवा शिंपी चनप्पा नौगावां सादात थाना क्षेत्र में अवैध बत्ती और हूटर लगी गाड़ियों की चेकिंग करा रहे थे। इसी दौरान स्कार्पियो पर सपा की झंडी लगी गाड़ी उन्होंने रोक ली थी। इसमें हादीपुर कला निवासी नरेंद्र चौहान पुत्र हेम सिंह, हसनपुर कोतवाली के गांव बसी निवासी अनिल को पकड़ा था। उनके साथ अन्य दो और साथी थी। सभी संभल कोतवाली के शहजादी सराय निवासी गुड्डू को अगवा कर लाए थे। परिजनों से 20 हजार की फिरौती मांग रहे थे।
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पूछताछ में नरेंद्र ने खुद को सपा जिला उपाध्यक्ष बताया था। जिस पर रेप के चार मुकदमे दर्ज हैं। गुड्डू के असलियत बताते ही पुलिस हरकत में आई। गाड़ी समेत चारों युवकों को थाने ले गई थी और रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया था। अब जब उसकी गिरफ्तारी के बारे में समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष से बातचीत की गई तो उन्होंने नरेंद्र को पार्टी पदाधिकारी मानने से ही इंकार कर दिया।
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 स्पष्ट कहा कि वह जिला उपाध्यक्ष नहीं है। पार्टी से उसका कोई नाता नहीं है, लेकिन उनका यह बयान अब झूठा साबित हो रहा है। बाकायदा नरेंद्र को कार्यकारिणी में उन्होंने जिला उपाध्यक्ष पद पर मनोनीत किया था, जिसका प्रमाण उनका हस्ताक्षरयुक्त मनोनयन पत्र है। यह पत्र 17 जून 2016 को उन्होंने जारी किया था। साथ ही अपेक्षा की थी कि वो संगठन को मजबूती प्रदान करने में पूर्ण सहयोग करेगा।


हरकतों का पता लगने पर किया था निष्कासित
जब पहले जिलाध्यक्ष ने अपने बयान में कहा था कि पार्टी से कोई नाता नहीं है, लेकिन रविवार की शाम उनसे दोबारा बातचीत की गई और मनोनयन पत्र का जिक्र किया गया तो अलग बयान दिया। कहा कि पहले उसको जिला उपाध्यक्ष बनाया था, लेकिन फिर उसकी हरकतों के बारे में जानकारी मिली थी और पार्टी से निष्कासित कर दिया था। कब किया गया के सवाल पर बोले-थोड़े दिन बाद ही कर दिया था।
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