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Amroha News: तापमान कम होने से बंद किया बांध की सड़क का मरम्मत कार्य
Thu, 12 Dec 2024 07:15 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 12 Dec 2024 07:15 PM IST
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पैमाइश करती राजस्व विभाग के टीम का विरोध करते किसान(स्वयं)
खरखौदा। औद्योगिक गलियारे के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों द्वारा दिए जा रहे धरने के 39वें दिन बुधवार को राजस्व विभाग की टीम क्षेत्र में सर्वे करने पहुंची, इसे किसानों ने रोक दिया। बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर ही 30 गांवों के किसान पंचायत कर प्रशासन के सामने अपनी मंशा जाहिर करेंगे।
गांव छतरी के मोड पर धरनारत किसानों के बीच एसडीएम ने पहुंचकर खुद इस योजना में अभी देरी होना बताया था, वहीं, बुधवार को किसानों को सूचना दिए बिना ही राजस्व विभाग की टीम क्षेत्र का सर्वे करने पहुंच गई। किसानों का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि एसडीएम केवल किसानों की नब्ज टटोलने आए थे। जैसे ही जमीन की पैमाइश किए जाने की सूचना मिली तो किसानों में रोष फैल गया। किसान एकत्रित होकर खेतों में पहुंचे और सर्वे कर रही राजस्व विभाग की टीम को सर्वे करने से रोक दिया।
बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर ही 30 गांवों के किसान पंचायत का आयोजन करेंगे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस योजना को प्रशासन द्वारा रद्द नहीं किया गया तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो प्रशासनिक अधिकारी इस योजना में कोई कार्रवाई किए जाने से इन्कार कर रहे हैं, दूसरी तरफ टीम लगाकर जमीन की पैमाइश भी कर रहे हैं। इस तरह प्रशासन द्वारा किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
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गांव छतरी के मोड पर धरनारत किसानों के बीच एसडीएम ने पहुंचकर खुद इस योजना में अभी देरी होना बताया था, वहीं, बुधवार को किसानों को सूचना दिए बिना ही राजस्व विभाग की टीम क्षेत्र का सर्वे करने पहुंच गई। किसानों का आरोप है कि इससे साफ जाहिर होता है कि एसडीएम केवल किसानों की नब्ज टटोलने आए थे। जैसे ही जमीन की पैमाइश किए जाने की सूचना मिली तो किसानों में रोष फैल गया। किसान एकत्रित होकर खेतों में पहुंचे और सर्वे कर रही राजस्व विभाग की टीम को सर्वे करने से रोक दिया।
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बृहस्पतिवार को धरनास्थल पर ही 30 गांवों के किसान पंचायत का आयोजन करेंगे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस योजना को प्रशासन द्वारा रद्द नहीं किया गया तो इसके परिणाम अच्छे नहीं होंगे। किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ तो प्रशासनिक अधिकारी इस योजना में कोई कार्रवाई किए जाने से इन्कार कर रहे हैं, दूसरी तरफ टीम लगाकर जमीन की पैमाइश भी कर रहे हैं। इस तरह प्रशासन द्वारा किसानों को गुमराह किया जा रहा है।
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