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कृषि कानूनों के जरिए किसानों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने की साजिश

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 11:46 PM IST
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protest of farmers
रजबपुर। कृषि कानूनों के विरोध में भाकियू टिकैत गुट के पदाधिकारियों का धरना जोया टोल प्लाजा पर 16वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार पर मनमानी करने का आरोप लगाया। कहा कि तीनों काले कृषि कानून किसानों को पूंजीपतियों के गुलाम बनाने की साजिश है। सुरक्षा के लिहाजा से धरना स्थल पर पुलिस तैनात रही।
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शुक्रवार को किसानों का धरना जोया ब्लाक अध्यक्ष योगेंद्र सिंह के नेतृत्व में जारी रहा। किसानों ने सरकार की नीतियों की आलोचना की। कहा कि केंद्र सरकार ने तीन नए कृषि कानून बनाकर किसानों के साथ छल किया है। यह पूंजीपतियों के साथ मिलकर किसानों को गुलाम बनाने की साजिश है। काले कानूनों के खिलाफ देश के सैकड़ों किसान आंदोलन कर रहे हैं। जबकि सरकार आंदोलनकारी किसानों के प्रति हठधर्मिता का रवैया अपना रही है। इस मौके पर मौजूद लोगों ने सरकार से तीन कृषि कानून को वापस लेने की मांग दोहराई। साथ ही प्रस्तावित बिजली विधेयक 2020 वापस लेने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने की मांग की। गन्ने का बकाया भुगतान शीघ्र कराने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सभी किसानों के खाते में भेजने की मांग की। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार तीनों काले कानूनों को वापस नहीं लेती तो किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान महेंद्र सिंह, नरेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, सत्यदेव, रामलाल सिंह, सचिन कुमार, मेवाराम सिंह, जयपाल सिंह, खजान सिंह, कृष्ण कुमार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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