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बीजेपी वालों का गांव में आना मना है...लगाया बोर्ड
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ग्राम रसूलपुर माफी में भाकियू कार्यकर्ताओं द्वारा लगाया गया बोर्ड
- फोटो : DHANAURA
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मंडी धनौरा(अमरोहा)। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा व राज्यसभा में पारित कराए गए कृषि बिलों का भारतीय किसान यूनियन ने विरोध किया है। भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र के गांव रसूलपुर माफी में बोर्ड लगा दिया, जिसमें लिखा है कि बीजेपी वालों का गांव में आना मना है...। इस तरह भाजपाइयों के गांव में घुसने पर पाबंदी लगा दी है। भाकियू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भाजपानीत सरकार ने अपना किसान विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।
क्षेत्र के गांव रसूलपुर माफी में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं की ओर से गांव की मुख्य सड़क पर एक बोर्ड लगवा दिया गया। बोर्ड पर लिखा गया है कि गांव में भाजपा वालों का आना मना है। बोर्ड पर किसान विरोधी बिलों का विरोध करते हुए उनको वापस लेने की मांग की गई है। कहा गया है कि वर्ष 2019 में मंडल में भाजपा का एक भी सांसद नहीं जीता था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में किसान भाजपा का एक भी विधायक नहीं बनने देंगे। कार्यकर्ताओं ने कृषि बिलों को किसान के लिए डेथ सर्टिफिकेट बताया है। इस मौके पर गुरमीत सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, गुडडू सिंह, नकुल, शोभित सिंह, दिनेश राज आदि मौजूद थे।
यह चेतावनी है। भाजपा सरकार किसान विरोधी रवैया अपना रही है। सरकार ने अगर यह बिल वापस नहीं लिया तो किसान गांव-गांव भाजपा का विरोध करेंगे।
विजयपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू
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क्षेत्र के गांव रसूलपुर माफी में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं की ओर से गांव की मुख्य सड़क पर एक बोर्ड लगवा दिया गया। बोर्ड पर लिखा गया है कि गांव में भाजपा वालों का आना मना है। बोर्ड पर किसान विरोधी बिलों का विरोध करते हुए उनको वापस लेने की मांग की गई है। कहा गया है कि वर्ष 2019 में मंडल में भाजपा का एक भी सांसद नहीं जीता था। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में किसान भाजपा का एक भी विधायक नहीं बनने देंगे। कार्यकर्ताओं ने कृषि बिलों को किसान के लिए डेथ सर्टिफिकेट बताया है। इस मौके पर गुरमीत सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, गुडडू सिंह, नकुल, शोभित सिंह, दिनेश राज आदि मौजूद थे।
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यह चेतावनी है। भाजपा सरकार किसान विरोधी रवैया अपना रही है। सरकार ने अगर यह बिल वापस नहीं लिया तो किसान गांव-गांव भाजपा का विरोध करेंगे।
विजयपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, भाकियू