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प्रदेश के खराब जिलों में अमरोहा दूसरे स्थान पर, डीपीआरओ से जवाब तलब
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अमरोहा। पंचायत भवन बनाने में प्रदेश के खराब जिले की रैंकिंग में अमरोहा का स्थान दूसरे नंबर पर है। लगभग एक साल की अवधि पूरा होने को है लेकिन महज 51 पंचायत भवन बनाए गए है। इसके चलते एडीओ पंचायतों की मंशा पर सवाल उठने लगे हैं। सीडीओ ने डीपीआरओ से पंचायत भवन में लापरवाही बरतने वाले एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई को निर्देशित किया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद देहात में पंचायत भवन बनाने की कवायद शुरू की गई। ताकि गांव के लोगों को ब्लॉक के चक्कर काटने से छुटकारा मिल सके। गांववालों केे पेंशन, आय, जाति और निवास समेत अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आसानी रहे। जिले के 240 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन हैं इसके अलावा जिले में 131 गांव में पंचायत भवन बनाए जाने हैं। लगभग एक साल की लंबी कवायद के बाद 51 पंचायत भवन बनाए जा चुके हैं। इसके लिए 15.43 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। इसमें एक हॉल, दो कमरे और शौचालय समेत अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं। हालांकि जगह की उपलब्धता के अनुसार लागत में बदलाव हो सकते हैं।
कुछ दिन पहले पंचायत भवन के निर्माण की समीक्षा की गई जिसमें एडीओ पंचायतों की लापरवाही सामने आई। इसके बाद एडीओ अमरोहा विमल कुमार, एडीओ जोया राजेंद्र सिंह, एडीओ हसनपुर बृजेश शर्मा, एडीओ गजरौला मदनपाल सिंह और एडीओ रामचंद्र को नोटिस जारी किया गया है लेकिन रैंकिंग में सुधार नहीं आ सकी है। सीडीओ ने डीपीआरओ से संबंधित एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को निर्देशित किया है।
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खराब जिले की रैंकिंग में अमरोहा का स्थान दूसरे नंबर पर है। लापरवाही बरतने वाले संबंधित एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं।
चंद्रशेखर शुक्ल, सीडीओ
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सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद देहात में पंचायत भवन बनाने की कवायद शुरू की गई। ताकि गांव के लोगों को ब्लॉक के चक्कर काटने से छुटकारा मिल सके। गांववालों केे पेंशन, आय, जाति और निवास समेत अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आसानी रहे। जिले के 240 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन हैं इसके अलावा जिले में 131 गांव में पंचायत भवन बनाए जाने हैं। लगभग एक साल की लंबी कवायद के बाद 51 पंचायत भवन बनाए जा चुके हैं। इसके लिए 15.43 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। इसमें एक हॉल, दो कमरे और शौचालय समेत अन्य जरूरी चीजें शामिल हैं। हालांकि जगह की उपलब्धता के अनुसार लागत में बदलाव हो सकते हैं।
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कुछ दिन पहले पंचायत भवन के निर्माण की समीक्षा की गई जिसमें एडीओ पंचायतों की लापरवाही सामने आई। इसके बाद एडीओ अमरोहा विमल कुमार, एडीओ जोया राजेंद्र सिंह, एडीओ हसनपुर बृजेश शर्मा, एडीओ गजरौला मदनपाल सिंह और एडीओ रामचंद्र को नोटिस जारी किया गया है लेकिन रैंकिंग में सुधार नहीं आ सकी है। सीडीओ ने डीपीआरओ से संबंधित एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट उपलब्ध कराने को निर्देशित किया है।
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खराब जिले की रैंकिंग में अमरोहा का स्थान दूसरे नंबर पर है। लापरवाही बरतने वाले संबंधित एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं।
चंद्रशेखर शुक्ल, सीडीओ