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मौलाना आब्दी के पक्ष में उतरे शिया समाज के लोग
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 05 Sep 2016 01:30 AM IST
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बांदा में नवाबी जामा मजिस्द का मुख्य गेट। रमजान के लिए इसे रंगरोगन से संवारा गया है।
- फोटो : अमर उजाला
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शिया समाज के लोग विज्ञान एवं प्राद्योगिकी परिषद के चेयरमैन मौलाना जावेद आब्दी के समर्थन में उतर आए हैं। औलेमा की हिमायत में एक जलसे का आयोजन बड़ा इमामबाड़ा मोहल्ला दानिशमंदान में किया गया।
जलसे की अध्यक्षता इमामे जुमा मुरादाबाद मौलाना सैयद शहवार हुसैन नकवी ने की। इस दौरान इमामे जुमा मुरादाबाद मौलाना शहवार हुसैन नकवी ने कहा कि इंसान को कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे इंसानियत शर्मिंदा हो। गंदे काम करके पैसा कमाने के बाद यदि कोई व्यक्ति उस पैसे को मजहबी कामों में खर्च करें तो उसका कोई फायदा नहीं, बल्कि उसके सिर गुनाहों का बोझ ही आएगा।
उन्होंने कहा कि प्रकरण में साजिशन मौलाना जावेद आब्दी और मौलाना आगा स्वालेह का नाम घसीटा गया है। कोई भी धर्मगुरु जब किसी कार्यक्रम में शिरकत करता है तो बहुत सारे लोग उसके साथ फोटो खिंचवाते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि किसी व्यक्ति विशेष के गलत कामों में उसका भी हिस्सा है। मौलाना जावेद आब्दी व इरानी मौलाना बहुत ही साफ सुथरी छवि के लोग हैं।
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मौलाना सैयद कौसर मुजतबा कहा कि धर्म का चोगा पहन कर यदि कोई व्यक्ति गलत काम में लगा है तो इसका जिम्मेदार वह खुद है न कि अन्य लोग। जलसे का संचालन डा. चंदन नकवी ने किया। इसमें डा. लाडले रहवर, वकारउल हसनैन खां, वली हैदर एड., अफजाल नकवी, हादी रजा, दिलनवाज रजा, शहजाद एड., लियाकत अमरोहवी, मोहसिन रजा, नईम रजा सहित काफी तादात में लोगों ने शिरकत की। अंत में जलसे के संयोजक वली हैदर ने सभी का शुक्रिया अदा किया।
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जलसे की अध्यक्षता इमामे जुमा मुरादाबाद मौलाना सैयद शहवार हुसैन नकवी ने की। इस दौरान इमामे जुमा मुरादाबाद मौलाना शहवार हुसैन नकवी ने कहा कि इंसान को कोई भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिससे इंसानियत शर्मिंदा हो। गंदे काम करके पैसा कमाने के बाद यदि कोई व्यक्ति उस पैसे को मजहबी कामों में खर्च करें तो उसका कोई फायदा नहीं, बल्कि उसके सिर गुनाहों का बोझ ही आएगा।
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उन्होंने कहा कि प्रकरण में साजिशन मौलाना जावेद आब्दी और मौलाना आगा स्वालेह का नाम घसीटा गया है। कोई भी धर्मगुरु जब किसी कार्यक्रम में शिरकत करता है तो बहुत सारे लोग उसके साथ फोटो खिंचवाते हैं, इसका मतलब यह नहीं कि किसी व्यक्ति विशेष के गलत कामों में उसका भी हिस्सा है। मौलाना जावेद आब्दी व इरानी मौलाना बहुत ही साफ सुथरी छवि के लोग हैं।
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मौलाना सैयद कौसर मुजतबा कहा कि धर्म का चोगा पहन कर यदि कोई व्यक्ति गलत काम में लगा है तो इसका जिम्मेदार वह खुद है न कि अन्य लोग। जलसे का संचालन डा. चंदन नकवी ने किया। इसमें डा. लाडले रहवर, वकारउल हसनैन खां, वली हैदर एड., अफजाल नकवी, हादी रजा, दिलनवाज रजा, शहजाद एड., लियाकत अमरोहवी, मोहसिन रजा, नईम रजा सहित काफी तादात में लोगों ने शिरकत की। अंत में जलसे के संयोजक वली हैदर ने सभी का शुक्रिया अदा किया।