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एक ही स्लाइड धो-धोकर हो रही मरीजों की जांचें
राहुल शर्मा/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 23 Aug 2016 02:03 AM IST
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अमरोहा के शहर सीएचसी में खून से सनी स्लाइड धोता कर्मचारी। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
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भले ही सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर हो, लेकिन जनपद के अफसरों की रग-रग में लापरवाही समाई है। गरीब मरीजों के लिए सरकार ने जिन जांचों को मुफ्त किया है, उनका अस्पतालों में बुरा हाल है। सामान उपलब्ध नहीं कराने के कारण खून से सनी स्लाइड धो-धोकर कर्मचारी जांच कर रहे हैं।
जानबूझकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। थोड़ी सी लापरवाही में यदि किसी मरीज की जांच रिपोर्ट बदल गई तो मरीज की जान पर बनेगी ही, साथ ही किसी बड़े बवाल को जन्म भी दे देगी। सरकार का मकसद है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मिलें। महंगी जांचों से मुक्ति मिले। अच्छी दवाएं दी जाएं, लेकिन सरकारी तंत्र ही उसके अरमानों का गला घोंटने में जुट गया है।
मरीजों की जान से अफसर खेल रहे हैं। उनको परेशान करना शायद फितरत बन गई है। जी हां, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांचों की हालत बेहद खराब है। अगर कोई मरीज आए तो जरा संभलकर। यहां समान न होने की वजह से टेक्नीशियन खून से सनी स्लाइडों की धो-धोकर नई जांचे कर रहे हैं।
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यदि थोड़ी सी लापरवाही में स्लाइड पर पुराना खून रह गया तो जांच ही बदल जाएगी। इससे मरीज की जान पर तो बनेगी ही, बड़ा बवाल भी हो सकता है।
बगैर केमिकल के स्लाइडों को धोने के बाद उस पर पुराने खून का अगर अंश बचा रह गया तो दूसरे मरीज की जांच रिपोर्ट बदल सकती है। इसलिए स्लाइडों को केमिकल लगाकर ही धोना चाहिए। इससे खून पूरी तरह साफ हो जाएगा। मोहित कुमार, एलटी, ब्लड बैंक
स्लाइड का केमिकल या सर्फ से धोकर उपयोग किया जा सकता है। स्लाइड पर धोते समय खून रहने का कोई सवाल ही नहीं होता। जो जांच का सामान सीएचसी पर नहीं है। वहां के प्रभारी उनसे मिल सकते हैं। स्टोर पर पूरा सामान है। उपलब्ध करा देंगे। डा.एसके जैन, सीएमओ
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जानबूझकर मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। थोड़ी सी लापरवाही में यदि किसी मरीज की जांच रिपोर्ट बदल गई तो मरीज की जान पर बनेगी ही, साथ ही किसी बड़े बवाल को जन्म भी दे देगी। सरकार का मकसद है कि गरीबों को सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं मिलें। महंगी जांचों से मुक्ति मिले। अच्छी दवाएं दी जाएं, लेकिन सरकारी तंत्र ही उसके अरमानों का गला घोंटने में जुट गया है।
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मरीजों की जान से अफसर खेल रहे हैं। उनको परेशान करना शायद फितरत बन गई है। जी हां, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांचों की हालत बेहद खराब है। अगर कोई मरीज आए तो जरा संभलकर। यहां समान न होने की वजह से टेक्नीशियन खून से सनी स्लाइडों की धो-धोकर नई जांचे कर रहे हैं।
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यदि थोड़ी सी लापरवाही में स्लाइड पर पुराना खून रह गया तो जांच ही बदल जाएगी। इससे मरीज की जान पर तो बनेगी ही, बड़ा बवाल भी हो सकता है।
बगैर केमिकल के स्लाइडों को धोने के बाद उस पर पुराने खून का अगर अंश बचा रह गया तो दूसरे मरीज की जांच रिपोर्ट बदल सकती है। इसलिए स्लाइडों को केमिकल लगाकर ही धोना चाहिए। इससे खून पूरी तरह साफ हो जाएगा। मोहित कुमार, एलटी, ब्लड बैंक
स्लाइड का केमिकल या सर्फ से धोकर उपयोग किया जा सकता है। स्लाइड पर धोते समय खून रहने का कोई सवाल ही नहीं होता। जो जांच का सामान सीएचसी पर नहीं है। वहां के प्रभारी उनसे मिल सकते हैं। स्टोर पर पूरा सामान है। उपलब्ध करा देंगे। डा.एसके जैन, सीएमओ