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Amroha News: पुलिस पर हमला करने वाले एक ही परिवार के नौ लोगों को तीन साल की सजा
Fri, 19 May 2023 01:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 19 May 2023 01:19 AM IST
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अमरोहा। हसनपुर कोतवाली क्षेत्र में तेरह साल पहले पुलिस पर हमला करने वाले एक ही परिवार के जुड़े नौ दोषियों को न्यायालय ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 2 लाख 44 हजार 800 रुपये का जुर्माना लगाया है।
ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के रुखालू गांव में हुई थी। 21 सितंबर 2010 को गजरौला थाने के दरोगा वीरेंद्र कुमार शर्मा, दरोगा ओमकार सिंह, कांस्टेबल आनंद शर्मा, परविंदर, जमील अहमद, टेकचंद, सुमितवीर ने लूट के मामले में वांछित अशरफ और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए रुखालू गांव में दबिश दी थी। इस दौरान अशरफ अपने घर पर मौजूद था। लिहाजा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन यहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और अशरफ को पकड़ने का विरोध करने लगे। तभी आरोपी अशरफ के परिजनों ने पुलिस को घेर लिया और गाली-गलौज की। पुलिस पर पथराव किया। आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नियत से बंदूक और और अवैध तमंचों से फायरिंग की और अशरफ को छुड़ा लिया। इस घटना में पुलिस कर्मियों को काफी चोट आई थी।
लिहाजा दरोगा वीरेंद्र कुमार शर्मा ने हसनपुर कोतवाली में अशरफ, अकबर, असगर, यासीन, सलीम, यामीन उर्फ मीन, यामीन उर्फ अमीन, शफीक, शमीम, सुभाष और तसलीमा के खिलाफ जान से मारने की नियत से पुलिस पर हमला करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल सभी जमानत पर बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी समीम और सुभाष की मौत हो चुकी है।
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ये मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की और अशरफ, अकबर, असगर, यासीन, सलीम, यामीन उर्फ मीन, यामीन उर्फ अमीन, शफीक व तसलीमा को दोषी करार दिया और सभी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 27200 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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ये घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के रुखालू गांव में हुई थी। 21 सितंबर 2010 को गजरौला थाने के दरोगा वीरेंद्र कुमार शर्मा, दरोगा ओमकार सिंह, कांस्टेबल आनंद शर्मा, परविंदर, जमील अहमद, टेकचंद, सुमितवीर ने लूट के मामले में वांछित अशरफ और उसके साथियों की गिरफ्तारी के लिए रुखालू गांव में दबिश दी थी। इस दौरान अशरफ अपने घर पर मौजूद था। लिहाजा पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन यहां लोगों की भीड़ जमा हो गई और अशरफ को पकड़ने का विरोध करने लगे। तभी आरोपी अशरफ के परिजनों ने पुलिस को घेर लिया और गाली-गलौज की। पुलिस पर पथराव किया। आरोपियों ने पुलिस पर जान से मारने की नियत से बंदूक और और अवैध तमंचों से फायरिंग की और अशरफ को छुड़ा लिया। इस घटना में पुलिस कर्मियों को काफी चोट आई थी।
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लिहाजा दरोगा वीरेंद्र कुमार शर्मा ने हसनपुर कोतवाली में अशरफ, अकबर, असगर, यासीन, सलीम, यामीन उर्फ मीन, यामीन उर्फ अमीन, शफीक, शमीम, सुभाष और तसलीमा के खिलाफ जान से मारने की नियत से पुलिस पर हमला करने समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। फिलहाल सभी जमानत पर बाहर थे। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी समीम और सुभाष की मौत हो चुकी है।
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ये मुकदमा अपर सत्र न्यायाधीश निशांत शैव्य की अदालत में विचाराधीन था। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव चौधरी ने पैरवी की। बृहस्पतिवार को न्यायालय में मुकदमे में सुनवाई की और अशरफ, अकबर, असगर, यासीन, सलीम, यामीन उर्फ मीन, यामीन उर्फ अमीन, शफीक व तसलीमा को दोषी करार दिया और सभी को तीन-तीन साल की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 27200 रुपये का जुर्माना लगाया है।