{"_id":"6883ea2e74fd1ca50a013936","slug":"mother-gets-life-imprisonment-for-strangling-her-14-year-old-daughter-to-death-jpnagar-news-c-284-1-smbd1013-144500-2025-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: 14 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या करने में मां को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: 14 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या करने में मां को उम्रकैद
Sat, 26 Jul 2025 02:03 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 26 Jul 2025 02:03 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। दो साल पहले हसनपुर में 14 वर्षीय बेटी की गला दबाकर हत्या कर आत्महत्या की अफवाह फैलाने वाली मां को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बेटी ने दोषी मां और उसके प्रेमी को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था, इसलिए उसकी हत्या कर दी गई थी। साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने दोषी महिला के प्रेमी को दोष मुक्त कर दिया है।
यह घटना हसनपुर के मोहल्ला काला शहीद में हुई थी। मूलरूप से क्षेत्र के गंगाचोली गांव निवासी सुशील वर्मा पत्नी रानी वर्मा, बेटा वंश वर्मा व बेटी खुशबू वर्मा के साथ किराये पर रहते थे। सुशील से मनमुटाव के बाद रानी वर्मा बेटे वंश व बेटी खुशबू के साथ अलग मकान में किराये पर रहने लगी थी। 20 दिसंबर 2023 को रानी का बेटा वंश संभल गया हुआ था। 21 दिसंबर की सुबह 6:30 बजे रानी ने बेटी खुशबू वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी।
परिजन व मोहल्ले वालों को गुमराह करने के लिए रानी खुशबू को निजी अस्पताल में लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रानी वर्मा ने मोहल्ले में बेटी खुशबू द्वारा घर में फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने की अफवाह फैला दी। पुलिस ने खुशबू के शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। खुशबू के पिता सुशील वर्मा ने पत्नी रानी और उसके प्रेमी अनिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने रानी वर्मा और उसके प्रेमी अनिल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर थे। मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने 199 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत में चल रही थी।
20 अप्रैल 2023 को कोर्ट ने पहली सुनवाई की। दो साल के भीतर कुल 67 तारीखों पर सुनवाई हुई। प्रकरण में मृतका के पिता, भाई, निजी अस्पताल डॉक्टर, विवेचक समेत आठ लोगों की गवाही हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी रानी वर्मा को बेटी की हत्या करने में दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में उसके प्रेमी अनिल को बरी कर दिया है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
कोर्ट की टिप्पणी
एक मां के द्वारा उसकी बेटी की हत्या करना मानवता को शर्मसार करने वाला है। उसके द्वारा किया गया अपराध अत्यंत क्रूर एवं गंभीर प्रवृत्ति का है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
पिता बोले, बेटी को मिला इंसाफ
बेटी की हत्यारी मां रानी वर्मा को सजा मिलने के बाद पिता सुशील वर्मा ने कहा कि आज उनकी मृतक बेटी को इंसाफ मिल गया। वह अपनी बेटी खुशबू से बहुत प्यार करते थे लेकिन पत्नी रानी वर्मा की हरकत पूरे घर को उजाड़ दिया। रानी वर्मा के पास उसके प्रेमी अनिल का आना जाना था। वह इसका विरोध करते थे। इसलिए रानी वर्मा और उनके बीच मनमुटाव रहता था। इसको लेकर रानी वर्मा बेटी खुशबू और बेटे वंश वर्मा को लेकर सुशील वर्मा से अलग रहती थी। सुशील वर्मा ने कहा अगर उन्हें थोड़ा भी एहसास होता तो वह अपनी बेटी को रानी वर्मा के पास नहीं रहने देते।
विज्ञापन
यह घटना हसनपुर के मोहल्ला काला शहीद में हुई थी। मूलरूप से क्षेत्र के गंगाचोली गांव निवासी सुशील वर्मा पत्नी रानी वर्मा, बेटा वंश वर्मा व बेटी खुशबू वर्मा के साथ किराये पर रहते थे। सुशील से मनमुटाव के बाद रानी वर्मा बेटे वंश व बेटी खुशबू के साथ अलग मकान में किराये पर रहने लगी थी। 20 दिसंबर 2023 को रानी का बेटा वंश संभल गया हुआ था। 21 दिसंबर की सुबह 6:30 बजे रानी ने बेटी खुशबू वर्मा की गला दबाकर हत्या कर दी।
विज्ञापन
परिजन व मोहल्ले वालों को गुमराह करने के लिए रानी खुशबू को निजी अस्पताल में लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद रानी वर्मा ने मोहल्ले में बेटी खुशबू द्वारा घर में फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने की अफवाह फैला दी। पुलिस ने खुशबू के शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें गला दबाकर हत्या की पुष्टि हुई। खुशबू के पिता सुशील वर्मा ने पत्नी रानी और उसके प्रेमी अनिल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
पुलिस ने रानी वर्मा और उसके प्रेमी अनिल को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया था। फिलहाल दोनों जमानत पर थे। मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर सुशील कुमार वर्मा ने 199 पेज का आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट द्वितीय की अदालत में चल रही थी।
20 अप्रैल 2023 को कोर्ट ने पहली सुनवाई की। दो साल के भीतर कुल 67 तारीखों पर सुनवाई हुई। प्रकरण में मृतका के पिता, भाई, निजी अस्पताल डॉक्टर, विवेचक समेत आठ लोगों की गवाही हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल पैरवी कर रहे थे। शुक्रवार को कोर्ट ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की और साक्ष्यों व सबूतों के आधार पर आरोपी रानी वर्मा को बेटी की हत्या करने में दोषी करार दिया। साथ ही उसे उम्रकैद की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में उसके प्रेमी अनिल को बरी कर दिया है।
कोर्ट की टिप्पणी
एक मां के द्वारा उसकी बेटी की हत्या करना मानवता को शर्मसार करने वाला है। उसके द्वारा किया गया अपराध अत्यंत क्रूर एवं गंभीर प्रवृत्ति का है।
पिता बोले, बेटी को मिला इंसाफ
बेटी की हत्यारी मां रानी वर्मा को सजा मिलने के बाद पिता सुशील वर्मा ने कहा कि आज उनकी मृतक बेटी को इंसाफ मिल गया। वह अपनी बेटी खुशबू से बहुत प्यार करते थे लेकिन पत्नी रानी वर्मा की हरकत पूरे घर को उजाड़ दिया। रानी वर्मा के पास उसके प्रेमी अनिल का आना जाना था। वह इसका विरोध करते थे। इसलिए रानी वर्मा और उनके बीच मनमुटाव रहता था। इसको लेकर रानी वर्मा बेटी खुशबू और बेटे वंश वर्मा को लेकर सुशील वर्मा से अलग रहती थी। सुशील वर्मा ने कहा अगर उन्हें थोड़ा भी एहसास होता तो वह अपनी बेटी को रानी वर्मा के पास नहीं रहने देते।