{"_id":"58d967ca4f1c1bfe0a63e633","slug":"mahant-s-murder-in-mandi-dhanaura","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राचीन शिव मंदिर के महंत की चाकू से गोदकर हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राचीन शिव मंदिर के महंत की चाकू से गोदकर हत्या
मंडी धनौरा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Mar 2017 12:58 AM IST
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर के बस स्टैंड के पीछे स्थित प्राचीन शिव मंदिर के महंत की सोमवार की तड़के चाकू से गोद दिया गया। नाजुक हालत में उनको मेरठ रेफर किया गया था। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मंदिर पर रहने वाले एक चेले को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
महंत को चाकू से गोदने की जानकारी मिलने पर पालिकाध्यक्ष समेत काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और हमलावर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। प्राचीन शिव मंदिर पर बीरेंद्र गिरी महाराज (60) साल काफी अरसे से रह रहे थे। वो मंदिर के महंत भी थे।
रविवार की रात मंदिर परिसर स्थित अपने कमरे में वह सो रहे थे। उनके तीन शिष्य भी बाहर सो रहे थे। सोमवार की तड़के मंदिर पर रहने वाला एक चेला मंदिर के सामने वाली गली में रहने वाले बीरेंद्र गिरी के अनुयायी के पास भाग कर गया और उनके बुरी तरह घायल होने की सूचना दी।
विज्ञापन
कुछ ही देर में तमाम लोग मौके पर एकत्र हो गए। कमरे में महंत खून से लथपथ पड़े थे। सूचना मिलने पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने तत्काल महंत को सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल से मुरादाबाद व वहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। साधु की मौत की जानकारी होते ही एएसपी, सीओ, पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी मंदिर पर पहुंच गए। उत्तेजित लोगों ने हत्यारों का शीघ्र पता लगाने व गिरफ्तारी की मांग की।
महंत को चाकू से गोदने की जानकारी मिलने पर पालिकाध्यक्ष समेत काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और हमलावर की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। प्राचीन शिव मंदिर पर बीरेंद्र गिरी महाराज (60) साल काफी अरसे से रह रहे थे। वो मंदिर के महंत भी थे।
रविवार की रात मंदिर परिसर स्थित अपने कमरे में वह सो रहे थे। उनके तीन शिष्य भी बाहर सो रहे थे। सोमवार की तड़के मंदिर पर रहने वाला एक चेला मंदिर के सामने वाली गली में रहने वाले बीरेंद्र गिरी के अनुयायी के पास भाग कर गया और उनके बुरी तरह घायल होने की सूचना दी।
कुछ ही देर में तमाम लोग मौके पर एकत्र हो गए। कमरे में महंत खून से लथपथ पड़े थे। सूचना मिलने पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने तत्काल महंत को सरकारी अस्पताल भिजवाया। चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल से मुरादाबाद व वहां से मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। साधु की मौत की जानकारी होते ही एएसपी, सीओ, पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी मंदिर पर पहुंच गए। उत्तेजित लोगों ने हत्यारों का शीघ्र पता लगाने व गिरफ्तारी की मांग की।