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कम पैदावार आम को बनाएगी ‘खास’

Sat, 18 Mar 2017 01:13 AM IST
संदीप सौरभ सिंह/अमर उजाला अमरोहा
संदीप सौरभ सिंह/अमर उजाला अमरोहा Updated Sat, 18 Mar 2017 01:13 AM IST
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less production of mango will creat problem to people
भरछाना में बेमौसम में लगे दशहरी आम के दाने। - फोटो : अमर उजाला
इस बार पिछले साल की अपेक्षा आम के पेड़ों पर कम बौर दिख रही है। पिछले साल आम की बंपर फसल हुई थी। निर्यातकों की मानें तो इस बार अपेक्षाकृत आधी ही फसल होने के आसार हैं।
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अगर ऐसा हुआ तो आम पर इस बार महंगाई छा सकती है। हालांकि निर्यातक ज्यादा से ज्यादा आम निर्यात करने के ऑर्डर लेने में जुटे हैं। अरब देशों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान और न्यूजीलैंड के लोग भी अमरोहा के आम के दीवाने हैं।
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पिछली बार बंपर फसल के बाद भी मौसम की मार से निर्यातक परेशान रहे। दाग लगे आमों से आयातकों ने किनारा कर लिया था। निर्यातकों का जोर इस बार भी निर्यात पर है लेकिन कम फसल को लेकर वे चिंतित भी नजर आ रहे हैं। वहीं उत्पादन कम होने पर स्थानीय लोगों को भी महंगे दाम पर ही देशी आम का स्वाद मिलने की आशंका जताई जा रही है।
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पिछले साल बंपर पैदावार के बावजूद निर्यात रहा था कम: जिले में पिछले साल आम की बंपर पैदावार हुई थी। हालांकि आम पकने के सीजन में लगातार बारिश से आम की रंगत बिगड़ गई थी। इससे विदेशों में इसके कम खरीदार मिले।

स्थानीय बाजार में ज्यादा रह  सकती हैं कीमतें
निर्यात पर जोर और फसल कम आने से स्थानीय बाजार में आम के दाम इस बार ज्यादा रहने के आसार जताए जा रहे हैं। पिछली बार मौसम के कारण आम की रंगत प्रभावित होने से इसकी ज्यादा खपत स्थानीय बाजार में हुई थी। इससे दाम काफी नीचे आ गए थे। हालांकि अमरोहा के बाजार में दक्षिण के आमों की आवक भी खूब रहती है।

 200-250 टन आम के  निर्यात का लक्ष्य 
प्रदेश आम निर्यातक संघ के अध्यक्ष मो. नदीम सिद्दीकी ने बताया कि यदि मौसम सही रहा तो हमारा फोकस निर्यात पर ही रहेगा। इस बार कोशिश की जाएगी कि लगभग 200 से 250 टन आम का निर्यात कर सकें। अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से बातचीत में भी हमें अच्छे संकेत मिल रहे हैं। दुबई में एक बैठक भी हो चुकी है। खरीदारों से ओपन डिमांड मिलनी शुरू हो गई है।


विदेशों में इन आमों की है काफी मांग 
दशहरी, लंगड़ा, चौसा, मल्लिका और मखसूस आम की विदेशी बाजार में काफी मांग है। जापान में मल्लिका आम बहुत पसंद किया जाता है। यह दिखने में काफी सुंदर और साइज में बड़ा होता है। चौसा की ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में काफी मांग है। 
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