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नाजरपुर में महिला पर तेंदुए ने मारा झपट्टा
अमरोहा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 12:48 AM IST
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चीता
- फोटो : ANI
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थाना क्षेत्र के गांव में शुक्रवार शाम पशुओं को चारा डाल रही महिला पर तेंदुए ने झपट्टा मार दिया। जिससे महिला के शरीर को तो नुकसान नहीं पहुंचा, मगर उसके कपड़े फट गए। आधी रात के बाद पशुओं में जंगली जानवर होने की हलचल सामने आई।
गांव में तेंदुआ आने की जानकारी फैलते ही दहशत पैदा हो गई। सूचना पर डिप्टी रेंजर व वन रक्षक गांव में पहुंचे। खेतों में पंजों के निशान देख तेंदुआ होने से इंकार करते हुए भेड़िया आदि बताया। थाना क्षेत्र के नाजरपुर गांव निवासी किसान अशोक का घर गांव से बाहर जंगल की तरफ है।
शुक्रवार की शाम अशोक की पत्नी रश्मि घेर में बंध रहे पशुओं को चारा डाल रही थी। इसी दौरान जंगल की तरफ से आए तेंदुए ने रश्मि पर झपट्टा मार दिया। हालांकि रश्मि को चोट आदि नहीं मगर उसके कपड़े फट गए। उसके शोर मचाने पर गांव के लोग आए।
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शोर शराबा सुन तेंदुआ भाग निकला। इसके बाद ग्रामीण घरों में सो गए। आधी रात के बाद अशोक के घेर में बंध रहे पशुओं में भी तेंदुए की हलचल दिखाई दी। गांव में फिर तेंदुए दिखने से लोगों में दहशत पैदा हो गई।
दिन निकलने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। डिप्टी रेंजर करन सिंह व वन रक्षक टीकम चंद्र कांडपाल गांव में गए। ग्रामीणों से जानकारी की। पंजों के निशान देखने के बाद उन्होंने तेंदुआ होने से इंकार किया।
विभाग ने जताई भेड़िया होने की आशंका
डिप्टी रेंजर करन सिंह और वन रक्षक टीकम चंद्र कांडपाल ने खेतों में जाकर तेंदुए के पंजों के निशान देखे। पंजों के निशान देख उन्होंने यहां तेंदुआ होने से इंकार करते किया। डिप्टी रेंजर और वन रक्षक ने कहा कि निशान भेड़िये के पंजे के हो सकते हैं।
भले ही वन विभाग के अफसर तेंदुआ होने से इंकार करें, लेकिन ग्रामीण ये मानने को तैयार नहीं हैं कि तेंदुआ की बजाय भेड़िया हो सकता है। ग्रामीणों में खासी दहशत है। उन्होंने बच्चों के घर अकेले निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। खुद भी समूह की शक्ल में खेतों की ओर जा रहे हैं।
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गांव में तेंदुआ आने की जानकारी फैलते ही दहशत पैदा हो गई। सूचना पर डिप्टी रेंजर व वन रक्षक गांव में पहुंचे। खेतों में पंजों के निशान देख तेंदुआ होने से इंकार करते हुए भेड़िया आदि बताया। थाना क्षेत्र के नाजरपुर गांव निवासी किसान अशोक का घर गांव से बाहर जंगल की तरफ है।
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शुक्रवार की शाम अशोक की पत्नी रश्मि घेर में बंध रहे पशुओं को चारा डाल रही थी। इसी दौरान जंगल की तरफ से आए तेंदुए ने रश्मि पर झपट्टा मार दिया। हालांकि रश्मि को चोट आदि नहीं मगर उसके कपड़े फट गए। उसके शोर मचाने पर गांव के लोग आए।
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शोर शराबा सुन तेंदुआ भाग निकला। इसके बाद ग्रामीण घरों में सो गए। आधी रात के बाद अशोक के घेर में बंध रहे पशुओं में भी तेंदुए की हलचल दिखाई दी। गांव में फिर तेंदुए दिखने से लोगों में दहशत पैदा हो गई।
दिन निकलने पर ग्रामीणों ने वन विभाग के अफसरों को सूचना दी। डिप्टी रेंजर करन सिंह व वन रक्षक टीकम चंद्र कांडपाल गांव में गए। ग्रामीणों से जानकारी की। पंजों के निशान देखने के बाद उन्होंने तेंदुआ होने से इंकार किया।
विभाग ने जताई भेड़िया होने की आशंका
डिप्टी रेंजर करन सिंह और वन रक्षक टीकम चंद्र कांडपाल ने खेतों में जाकर तेंदुए के पंजों के निशान देखे। पंजों के निशान देख उन्होंने यहां तेंदुआ होने से इंकार करते किया। डिप्टी रेंजर और वन रक्षक ने कहा कि निशान भेड़िये के पंजे के हो सकते हैं।
भले ही वन विभाग के अफसर तेंदुआ होने से इंकार करें, लेकिन ग्रामीण ये मानने को तैयार नहीं हैं कि तेंदुआ की बजाय भेड़िया हो सकता है। ग्रामीणों में खासी दहशत है। उन्होंने बच्चों के घर अकेले निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। खुद भी समूह की शक्ल में खेतों की ओर जा रहे हैं।