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दो बकरियां मारीं, तीसरी का कंकाल मिला
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 14 Apr 2016 12:54 AM IST
अमरोहा के गांव इब्राहीमपुर में तेंदुए द्वारा खाई गई बकरियां
- फोटो : amar ujala
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जिले में तेंदुए की चहलकदमी की दहशत का दायरा बढ़ता जा रहा है। गांव चाकी खेड़ा और शकूराबाद के जंगल में तेंदुए के दिखाई देने के बाद अब इब्राहिमपुर तक तेंदुए की दहशत फैल गई है। मंगलवार रात नौगावां सादात थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में घेर में बंधी दो बकरियों को किसी जंगली जानवर ने मार डाला, जबकि तीसरी का कंकाल वहां मिला।
बह जागने पर गृहस्वामी को घटना की जानकारी हुई। मौके हालात के आधार पर ग्रामीणों का कहना है कि, तेंदुए ने बकरियों को मारा। वहीं सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अफसरों का कहना है कि, भेड़िए ने बकरियों का मारा होगा।
इब्राहिमपुर गांव के रहने वाले पप्पू का घर गांव के अंदर है। मंगलवार रात वह तीन बकरियों को पास के ही घेर में बांध कर सो गया था। बुधवार सुबह पप्पू की आंख खुली तो घेर में बंधी दो बकरियां मृत दिखीं, जबकि तीसरी का कंकाल वहीं मिला। जल्द ही तेंदुए की ओर से तीन बकरियों को मार देने की खबर गांव में फैल गई। ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
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सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी एके सिंह स्टाफ के साथ गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ की और पप्पू के घर के आस-पास खेतों में निशान देखे। वन विभाग के क्षेत्राधिकारी एके सिंह भी गांव पहुंचे। उनका कहना है कि, तेंदुए ने नहीं भेड़िए ने बकरियों को मारा होगा, जबकि मौके के हालात को देखकर ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने ही बकरियों को मारा होगा।
वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सूचना देने के बाद भी काफी देर तक वन विभाग के अफसरों के नहीं पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि, तेंदुए ने तीन बकरियों को मार दिया। ग्रामीणों पर भी खतरा है, मगर अफसर तेंदुए को पकड़ने को लेकर उदासीन हैं।
गजरौला क्षेत्र वाला ही है तेंदुआ
गजरौला क्षेत्र में दिखाई दिए तेंदुए की ही इब्राहिमपुर में दस्तक हो सकती है, क्योंकि शेरपुर की ओर से यह इलाका जंगल और कई गांवों में होकर इब्राहिमपुर से मिलता है।
वन विभाग के स्टाफ के गांव में नहीं पहुंचने का आरोप गलत है, क्योंकि वह खुद स्टाफ के साथ गांव पहुंचे थे। खेतों में जाकर पंजों के निशान देखे। खेतों में पाए गए पंजों के निशान से कहा जा सकता है कि, यहां भेड़िया आया होगा। -एके सिंह वन क्षेत्राधिकारी
बह जागने पर गृहस्वामी को घटना की जानकारी हुई। मौके हालात के आधार पर ग्रामीणों का कहना है कि, तेंदुए ने बकरियों को मारा। वहीं सूचना पर पहुंचे वन विभाग के अफसरों का कहना है कि, भेड़िए ने बकरियों का मारा होगा।
इब्राहिमपुर गांव के रहने वाले पप्पू का घर गांव के अंदर है। मंगलवार रात वह तीन बकरियों को पास के ही घेर में बांध कर सो गया था। बुधवार सुबह पप्पू की आंख खुली तो घेर में बंधी दो बकरियां मृत दिखीं, जबकि तीसरी का कंकाल वहीं मिला। जल्द ही तेंदुए की ओर से तीन बकरियों को मार देने की खबर गांव में फैल गई। ग्रामीण इकट्ठा हो गए।
सूचना पर वन क्षेत्राधिकारी एके सिंह स्टाफ के साथ गांव में पहुंचे। ग्रामीणों से पूछताछ की और पप्पू के घर के आस-पास खेतों में निशान देखे। वन विभाग के क्षेत्राधिकारी एके सिंह भी गांव पहुंचे। उनका कहना है कि, तेंदुए ने नहीं भेड़िए ने बकरियों को मारा होगा, जबकि मौके के हालात को देखकर ग्रामीणों ने बताया कि तेंदुए ने ही बकरियों को मारा होगा।
वन विभाग के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
सूचना देने के बाद भी काफी देर तक वन विभाग के अफसरों के नहीं पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि, तेंदुए ने तीन बकरियों को मार दिया। ग्रामीणों पर भी खतरा है, मगर अफसर तेंदुए को पकड़ने को लेकर उदासीन हैं।
गजरौला क्षेत्र वाला ही है तेंदुआ
गजरौला क्षेत्र में दिखाई दिए तेंदुए की ही इब्राहिमपुर में दस्तक हो सकती है, क्योंकि शेरपुर की ओर से यह इलाका जंगल और कई गांवों में होकर इब्राहिमपुर से मिलता है।
वन विभाग के स्टाफ के गांव में नहीं पहुंचने का आरोप गलत है, क्योंकि वह खुद स्टाफ के साथ गांव पहुंचे थे। खेतों में जाकर पंजों के निशान देखे। खेतों में पाए गए पंजों के निशान से कहा जा सकता है कि, यहां भेड़िया आया होगा। -एके सिंह वन क्षेत्राधिकारी