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नदी से नहीं हटा पूरा कब्जा, जेसीबी हटाईं
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sat, 04 Jun 2016 12:54 AM IST
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हसनपुर आदमपुर में यगद नदी को कब्जा मुक्त कराने की मांग को महापंचायत करते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
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आदमपुर में यगद नदी पर अवैध रूप से कब्जे का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इसके विरोध में गांव के शिव मंदिर परिसर में चल रहा ग्रामीणों का अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं महिलाएं भी अनशन करने वालों के समर्थन में उतर आईं। तीसरे दिन पुरुषों के साथ महिलाएं भी एक दिवसीय अनशन पर बैठी रहीं।
इस दौरान अनशन स्थल पर हुई महापंचायत में दर्जन भर से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए। इस दरम्यान ग्रामीणों ने रसूखदारों के दबाव में प्रशासन की आेर से कब्जा हटा रहीं जेसीबी को हटाए जाने का आरोप लगाया। साथ ही अनशन को जारी रखते हुए उग्र आंदोलन का एलान किया। रणनीति भी बनाई।
यगद नदी पर अवैध रूप से बने मकानों को हटा कर नदी को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर आदमपुर के 11 ग्रामीण बुधवार से गांव के शिव मंदिर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने नदी को कब्जा मुक्त कराने के लिए जेसीबी लगाई थीं।
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कुछ जगहों के कब्जे भी हटाए, मगर सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों के कब्जों को हटाने से शुरू से ही प्रशासन हीलाहवाली करता रहा। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने सभी जगह से कब्जा हटने तक आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी थी, मगर अब दबाव में प्रशासन ने जेसीबी मशीनें हटा दीं। इससे ग्रामीण भड़क गए।
शुक्रवार अनशन में सुबह 10 से शाम सात बजे तक चार महिलाएं हरदेई, ओमवती, अशर्फी व सत्यवती ने भी एक दिवसीय अनशन पर बैठ कर उग्र आंदोलन की हुंकार भरी। वहीं अनशन स्थल पर महापंचायत हुई। जिसमें दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर कब्जा हटा रही जेसीबी मशीनों को हटा दिया है। नदी पूरी तरह से कब्जा मुक्त नहीं हुई है। न ही रावण दहन मेला स्थल को कब्जा मुक्त किया गया है। पंचायत में ग्रामीणों ने आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई गई।
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इस दौरान अनशन स्थल पर हुई महापंचायत में दर्जन भर से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए। इस दरम्यान ग्रामीणों ने रसूखदारों के दबाव में प्रशासन की आेर से कब्जा हटा रहीं जेसीबी को हटाए जाने का आरोप लगाया। साथ ही अनशन को जारी रखते हुए उग्र आंदोलन का एलान किया। रणनीति भी बनाई।
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यगद नदी पर अवैध रूप से बने मकानों को हटा कर नदी को कब्जा मुक्त कराने की मांग को लेकर आदमपुर के 11 ग्रामीण बुधवार से गांव के शिव मंदिर पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। इसको लेकर प्रशासन ने नदी को कब्जा मुक्त कराने के लिए जेसीबी लगाई थीं।
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कुछ जगहों के कब्जे भी हटाए, मगर सत्तारूढ़ दल से जुड़े लोगों के कब्जों को हटाने से शुरू से ही प्रशासन हीलाहवाली करता रहा। इसको देखते हुए ग्रामीणों ने सभी जगह से कब्जा हटने तक आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी थी, मगर अब दबाव में प्रशासन ने जेसीबी मशीनें हटा दीं। इससे ग्रामीण भड़क गए।
शुक्रवार अनशन में सुबह 10 से शाम सात बजे तक चार महिलाएं हरदेई, ओमवती, अशर्फी व सत्यवती ने भी एक दिवसीय अनशन पर बैठ कर उग्र आंदोलन की हुंकार भरी। वहीं अनशन स्थल पर महापंचायत हुई। जिसमें दर्जनों गांव के ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने सत्ता के दबाव में आकर कब्जा हटा रही जेसीबी मशीनों को हटा दिया है। नदी पूरी तरह से कब्जा मुक्त नहीं हुई है। न ही रावण दहन मेला स्थल को कब्जा मुक्त किया गया है। पंचायत में ग्रामीणों ने आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई गई।