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अपनों ने ठुकराया, गैरों ने मासूम को अपनाया
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Mon, 09 Jan 2017 12:04 AM IST
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शहीद गुरसेवक सिंह की पत्नी ने बेटी को जन्म दिया
- फोटो : अमर उजाला
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अपने भी कई बार सितमगर बन जाते हैं। रविवार को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जब अपनों ने एक नवजात बच्ची को ठुकरा दिया। रविवार देर रात नगर की शेरपुर चुंगी के निकट एक दुकान के चबूूतरे पर छोड़ कर चले गए।
बच्ची के किलकारी सुनकर बाहर आए दुकानदार ने उसे देखा तो बुरी तरह चौंक गया। पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच वहां पहुंचे एक व्यापारी की ममता जगी तो उसने नवजात को अपना लिया। दोने पत्तल का कारोबार करने वाले कमल अग्रवाल की इस भलमनसाहत की लोग तारीफ कर रहे हैं।
रविवार की देर रात लगभग 09.30 बजे शुभम अग्रवाल को किसी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी तो वह बाहर निकले। सर्दी के इस मौसम में चबूतरे पर एक कपड़े में लिपटी नवजात को देखते ही वह बुरी तरह चौंक गया।
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कुछ ही देर में वहां भीड़ लग गई। पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने रूई के जरिए उसे दूध पिलाया। पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच दोने पत्तल का कारोबार करने वाले कमल अग्रवाल को भी इसकी सूचना मिली। कमल अग्रवाल ने बच्ची को अपना लिया। वह बच्ची को अपने घर ले गए। पत्नी भी बच्ची को पाकर बेहद खुश हो गई। गनीमत रही कि, इस दौरान वहां घूम रहे कुत्तों की नजर बच्ची पर न पड़ी।
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बच्ची के किलकारी सुनकर बाहर आए दुकानदार ने उसे देखा तो बुरी तरह चौंक गया। पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच वहां पहुंचे एक व्यापारी की ममता जगी तो उसने नवजात को अपना लिया। दोने पत्तल का कारोबार करने वाले कमल अग्रवाल की इस भलमनसाहत की लोग तारीफ कर रहे हैं।
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रविवार की देर रात लगभग 09.30 बजे शुभम अग्रवाल को किसी बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी तो वह बाहर निकले। सर्दी के इस मौसम में चबूतरे पर एक कपड़े में लिपटी नवजात को देखते ही वह बुरी तरह चौंक गया।
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कुछ ही देर में वहां भीड़ लग गई। पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने रूई के जरिए उसे दूध पिलाया। पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच दोने पत्तल का कारोबार करने वाले कमल अग्रवाल को भी इसकी सूचना मिली। कमल अग्रवाल ने बच्ची को अपना लिया। वह बच्ची को अपने घर ले गए। पत्नी भी बच्ची को पाकर बेहद खुश हो गई। गनीमत रही कि, इस दौरान वहां घूम रहे कुत्तों की नजर बच्ची पर न पड़ी।