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साइबर ठग ने सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्र के खाते से उड़ाए 34 हजार
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डिडौली(अमरोहा)। साइबर ठग ने सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे छात्र के खाते से 38 हजार रुपये उड़ा लिए। ठग ने खुद को फ्लिपकार्ट से बताकर भुगतान वापस करने के नाम पर घटना को अंजाम दिया। पीड़ित ने डिडौली कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच साइबर सेल कर रही है।
यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर जिवाई गांव की है। यहां पर मोहम्मद मुस्तकीम का परिवार रहता है। उनका बेटा मोहम्मद मुस्तफा बीकॉम करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। मुस्तफा के मुताबिक उसने 22 मई को फ्लिपकार्ट से कुछ किताबें ऑर्डर की थी। भुगतान ऑनलाइन किया था। 25 मई को किताबों की डिलीवरी होनी थी, लेकिन नहीं हो पाई। लिहाजा मोहम्मद मुस्तफा ने 26 मई को फ्लिपकार्ट के नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसे कुछ देर बाद उसके पास एक नंबर से कॉल आई और किताबों का ऑर्डर कैंसिल बता कर भुगतान वापस करने के लिए कहा। क्योंकि फोन करने वाला व्यक्ति मोहम्मद मुस्तफा द्वारा ऑर्डर की गई किताबों के बारे में सटीक जानकारी दे रहा था, इसलिए उसे विश्वास आ गया।
साइबर ठग ने मुस्तफा से बैंक खाता नंबर लिया और कहा कि उनके पास ओटीपी भी आएगा। बातचीत के दौरान मोहम्मद मुस्तफा के फोन पर ओटीपी आया। जिसे मुस्तफा ने साइबर ठग को बता दिया। ओटीपी नंबर बताते ही मोहम्मद मुस्तफा के खाते से 34890 कट गए। फोन पर रुपये कटने का संदेश मिलते ही मुस्तफा को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक में जाकर खाते पर रोक लगाई और डिडौली कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष सुनील मलिक ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल टीम को दी गई है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें
निजी जानकारी शेयर न करें
साइबर अपराध से से बचने के लिए अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। पिन नंबर और डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। अगर कोई किसी भी तरह का ओटीपी पूछे तो कतई शेयर न करें।
पैन कार्ड और आधार किसी को न दें
जालसाज लोगों के पैन कार्ड और आधार कार्ड के जरिए लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं। इसलिए आधार और पैन कार्ड नंबर या इसकी कॉपी किसी के साथ शेयर न करें।
फर्जी कॉल से सावधान
डेबिट कार्ड ब्लॉक होने से लेकर ई-केवाईसी करवाने के नाम पर लोगों से ठगी की जाती है। इसलिए ऐसे कॉल्स से सावधान रहें और ध्यान रहे कि बैंक का अधिकारी कभी आपसे आपकी गोपनीय जानकारी नहीं पूछता है।
ऑफर्स के चक्कर में न पड़ें
कई कंपनियां सच में लोगों को आकर्षक ऑफर्स देती है, लेकिन इनकी आड़ में जालसाज लोगों को पहले लालच भरे ऑफर्स में फंसाते हैं और उनकी बैंकिंग जानकारी लेकर ठगी करते हैं। इसलिए हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट से ही खरीदारी करें।
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यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर जिवाई गांव की है। यहां पर मोहम्मद मुस्तकीम का परिवार रहता है। उनका बेटा मोहम्मद मुस्तफा बीकॉम करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी कर रहा है। मुस्तफा के मुताबिक उसने 22 मई को फ्लिपकार्ट से कुछ किताबें ऑर्डर की थी। भुगतान ऑनलाइन किया था। 25 मई को किताबों की डिलीवरी होनी थी, लेकिन नहीं हो पाई। लिहाजा मोहम्मद मुस्तफा ने 26 मई को फ्लिपकार्ट के नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसे कुछ देर बाद उसके पास एक नंबर से कॉल आई और किताबों का ऑर्डर कैंसिल बता कर भुगतान वापस करने के लिए कहा। क्योंकि फोन करने वाला व्यक्ति मोहम्मद मुस्तफा द्वारा ऑर्डर की गई किताबों के बारे में सटीक जानकारी दे रहा था, इसलिए उसे विश्वास आ गया।
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साइबर ठग ने मुस्तफा से बैंक खाता नंबर लिया और कहा कि उनके पास ओटीपी भी आएगा। बातचीत के दौरान मोहम्मद मुस्तफा के फोन पर ओटीपी आया। जिसे मुस्तफा ने साइबर ठग को बता दिया। ओटीपी नंबर बताते ही मोहम्मद मुस्तफा के खाते से 34890 कट गए। फोन पर रुपये कटने का संदेश मिलते ही मुस्तफा को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने बैंक में जाकर खाते पर रोक लगाई और डिडौली कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष सुनील मलिक ने बताया कि मामले की जांच साइबर सेल टीम को दी गई है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें
निजी जानकारी शेयर न करें
साइबर अपराध से से बचने के लिए अपनी निजी जानकारी किसी के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए। पिन नंबर और डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी के साथ शेयर न करें। अगर कोई किसी भी तरह का ओटीपी पूछे तो कतई शेयर न करें।
पैन कार्ड और आधार किसी को न दें
जालसाज लोगों के पैन कार्ड और आधार कार्ड के जरिए लोगों के साथ फ्रॉड कर रहे हैं। इसलिए आधार और पैन कार्ड नंबर या इसकी कॉपी किसी के साथ शेयर न करें।
फर्जी कॉल से सावधान
डेबिट कार्ड ब्लॉक होने से लेकर ई-केवाईसी करवाने के नाम पर लोगों से ठगी की जाती है। इसलिए ऐसे कॉल्स से सावधान रहें और ध्यान रहे कि बैंक का अधिकारी कभी आपसे आपकी गोपनीय जानकारी नहीं पूछता है।
ऑफर्स के चक्कर में न पड़ें
कई कंपनियां सच में लोगों को आकर्षक ऑफर्स देती है, लेकिन इनकी आड़ में जालसाज लोगों को पहले लालच भरे ऑफर्स में फंसाते हैं और उनकी बैंकिंग जानकारी लेकर ठगी करते हैं। इसलिए हमेशा आधिकारिक और विश्वसनीय वेबसाइट से ही खरीदारी करें।