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वनकर्मियों पर हरे पेड़ काटने का आरोप
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मंडी धनौरा (अमरोहा)। वन विभाग के द्वारा हरे खैर के पेड़ों को काटे जाने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। मामले की शिकायत थाना क्षेत्र के गांव मुकारमपुर निवासी नेत्रपाल सिंह, छोटे और बाबूराम ने एसडीएम को एक शिकायती पत्र सौंपा है। जिसमें ग्रामीणों ने वन कर्मचारियों पर सेंचुरी क्षेत्र में हरे खैर के पेड़ों काटने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पेड़ों को काटने से रोकने पर वनकर्मियों ने फंसाने की धमकी भी दी। इस संबंध में ग्रामीणों ने एसडीएम को मौके पर लिए गए फोटो भी प्रेषित किए हैं। दूसरी ओर वन दरोगा ने पौधरोपण के लिए जमीन खाली करने की बात कही है। खैर के पेड़ सरकारी भूमि पर खड़े है। यह एक प्रकार से बबूल (कथकीकर, सोनकीकर का पेड़) होता है। जिसमें से गुरुवार को करीब छह से सात पेड़ों का काटा गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गुरुवार को वन कर्मचारियों ने मुकारमपुर गांव में जेेसीबी से हरे खैर के पेड़ उखाड़ दिए। पेड़ों की जड़ को भी उखाड़ कर फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। वही वन दरोगा आरके यादव ने हरे खैर के पेड़ काटने के ग्रामीणों के आरोपों गलत बताया है। कहा कि पौधरोपण के लिए भूमि समतल की जानी है। कुछ स्थानों पर भूमि समतल के लिए जेसीबी से गड्ढे भरे गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी के अवकाश पर होने की वजह से संपर्क नहीं हो पाया है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि गुरुवार को वन कर्मचारियों ने मुकारमपुर गांव में जेेसीबी से हरे खैर के पेड़ उखाड़ दिए। पेड़ों की जड़ को भी उखाड़ कर फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने एसडीएम से जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। वही वन दरोगा आरके यादव ने हरे खैर के पेड़ काटने के ग्रामीणों के आरोपों गलत बताया है। कहा कि पौधरोपण के लिए भूमि समतल की जानी है। कुछ स्थानों पर भूमि समतल के लिए जेसीबी से गड्ढे भरे गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी के अवकाश पर होने की वजह से संपर्क नहीं हो पाया है।
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